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विभाग के आदेश के खिलाफ कैट पहुंचा इंस्पेक्टर
Updated Fri, 26 Jan 2018 01:48 AM IST
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इंस्पेक्टर ने कैट में दायर की याचिका, मांगा स्टे
डीपीसी से एक दिन पहले इंक्वायरी खोलने के खिलाफ चरणजीत सिंह पहुंचे कैट
- ट्रिब्यूनल ने प्रतिवादी पक्ष को 7 फरवरी के लिए नोटिस जारी कर मांगा जवाब
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
इंस्पेक्टरों की डीएसपी पद पर प्रमोशन के लिए डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी (डीपीसी) की मीटिंग से एक दिन पहले इंस्पेक्टर चरणजीत सिंह के खिलाफ पुराने केस में इंक्वायरी फिर से खोलने पर कैट में याचिका दायर की गई है। चरणजीत सिंह ने कहा है कि प्रमोशन याचिका पर फैसला आने तक विभाग की ओर से 22 जनवरी 2018 को जारी इंक्वायरी खोलने संबंधी आदेश पर रोक लगाई जाए। ट्रिब्यूनल ने याचिका पर सुनवाई करते हुए फिलहाल प्रतिवादी पक्ष को 7 फरवरी को जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं। जवाब दाखिल होने के बाद ही स्टे पर फैसला लिया जाएगा।
इंस्पेक्टर की ओर से दायर याचिका में भारत सरकार, यूटी प्रशासक, प्रशासक के सलाहकार, गृह सचिव, आईजी चंडीगढ़ पुलिस, डीआईजी और एसपी/कमांडेंट आईआरबी को प्रतिवादी बनाया गया है। चरणजीत सिंह की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि विभाग ने 22 जनवरी 2018 को एक आदेश जारी कर उनके खिलाफ वर्ष 2009 में आई एक शिकायत के बाद अनुशासनात्मक कार्रवाई संबंधी जांच को फिर से खोल दिया है। जबकि, विभाग के ही 3 मई 2017 को जारी एक आदेश में उन्हें निर्दोष साबित कर दिया गया था। इस आधार पर डीपीसी से एक दिन पहले पुराने केस में जिसमें वह निर्दोष साबित हो चुके हैं, उसमें फिर से जांच करने का कोई आधार नहीं बनता।
वहीं, याचिकाकर्ता की ओर से अपील की गई है कि प्रतिवादी पक्ष को आदेश दिए जाएं कि रिव्यू सिलेक्शन कमेटी के सीलबंद लेटर को वापस बुलाकर उनका नाम उनके सीनियर और जूनियर इंस्पेक्टर के साथ ही डीएसपी पद पर प्रमोट करने के लिए कंसीडर करने के आदेश दिए जाएं।
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याचिकाकर्ता के अनुसार वह चंडीगढ़ पुलिस में 15 अक्तूबर 2009 से इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत है। पंजाब सर्विस रूल के अनुसार वह इस समय डीएसपी के पद पर प्रमोशन के लिए योग्य है और सीनियर होने के नाते वह सीनियारिटी लिस्ट में नंबर-2 पर हैं। ट्रिब्यूनल इससे पहले 26 अप्रैल को जारी आदेश में उन्हें प्रमोट करने के लिए प्रशासन और पुलिस विभाग को आदेश जारी कर चुका है।
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डीपीसी से एक दिन पहले इंक्वायरी खोलने के खिलाफ चरणजीत सिंह पहुंचे कैट
- ट्रिब्यूनल ने प्रतिवादी पक्ष को 7 फरवरी के लिए नोटिस जारी कर मांगा जवाब
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
इंस्पेक्टरों की डीएसपी पद पर प्रमोशन के लिए डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी (डीपीसी) की मीटिंग से एक दिन पहले इंस्पेक्टर चरणजीत सिंह के खिलाफ पुराने केस में इंक्वायरी फिर से खोलने पर कैट में याचिका दायर की गई है। चरणजीत सिंह ने कहा है कि प्रमोशन याचिका पर फैसला आने तक विभाग की ओर से 22 जनवरी 2018 को जारी इंक्वायरी खोलने संबंधी आदेश पर रोक लगाई जाए। ट्रिब्यूनल ने याचिका पर सुनवाई करते हुए फिलहाल प्रतिवादी पक्ष को 7 फरवरी को जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं। जवाब दाखिल होने के बाद ही स्टे पर फैसला लिया जाएगा।
इंस्पेक्टर की ओर से दायर याचिका में भारत सरकार, यूटी प्रशासक, प्रशासक के सलाहकार, गृह सचिव, आईजी चंडीगढ़ पुलिस, डीआईजी और एसपी/कमांडेंट आईआरबी को प्रतिवादी बनाया गया है। चरणजीत सिंह की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि विभाग ने 22 जनवरी 2018 को एक आदेश जारी कर उनके खिलाफ वर्ष 2009 में आई एक शिकायत के बाद अनुशासनात्मक कार्रवाई संबंधी जांच को फिर से खोल दिया है। जबकि, विभाग के ही 3 मई 2017 को जारी एक आदेश में उन्हें निर्दोष साबित कर दिया गया था। इस आधार पर डीपीसी से एक दिन पहले पुराने केस में जिसमें वह निर्दोष साबित हो चुके हैं, उसमें फिर से जांच करने का कोई आधार नहीं बनता।
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वहीं, याचिकाकर्ता की ओर से अपील की गई है कि प्रतिवादी पक्ष को आदेश दिए जाएं कि रिव्यू सिलेक्शन कमेटी के सीलबंद लेटर को वापस बुलाकर उनका नाम उनके सीनियर और जूनियर इंस्पेक्टर के साथ ही डीएसपी पद पर प्रमोट करने के लिए कंसीडर करने के आदेश दिए जाएं।
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याचिकाकर्ता के अनुसार वह चंडीगढ़ पुलिस में 15 अक्तूबर 2009 से इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत है। पंजाब सर्विस रूल के अनुसार वह इस समय डीएसपी के पद पर प्रमोशन के लिए योग्य है और सीनियर होने के नाते वह सीनियारिटी लिस्ट में नंबर-2 पर हैं। ट्रिब्यूनल इससे पहले 26 अप्रैल को जारी आदेश में उन्हें प्रमोट करने के लिए प्रशासन और पुलिस विभाग को आदेश जारी कर चुका है।