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नुकसान की भरपाई
Updated Sun, 11 Jun 2017 09:03 PM IST
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जेपी से नुकसान की भी होगी भरपाई : मेयर
आशा जसवाल ने अधिकारियों को नुकसान का आकलन करने को कहा
इसके बाद जुर्माने का भी भेजा जाएगा नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
जेपी कंपनी के साथ समझौता बर्खास्त करने के बाद नगर निगम अब तक हुए नुकसान की भरपाई भी करने जा रहा है। नगर निगम की मेयर आशा जसवाल ने विधि अधिकारी को रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसमें अब तक हुए नुकसान का भी आकलन करने को कहा है। इसके बाद जुर्माने का नोटिस भी भेजा जाएगा।
मेयर आशा जसवाल का कहना है कि जेपी कंपनी के साथ जो समझौता हुआ था उसके अनुसार प्लांट नहीं चला और डंपिंग ग्राउंड लगातार भरता रहा जिस कारण यहां पर कई बार आग भी लगी। आग बुझाने के लिए कई बार दमकल विभाग और इंजीनियरिंग विंग के कर्मचारी लगे। डंपिंग ग्राउंड में लाखों टन मिट्टी डाली गई। कर्मचारी पूरा पूरा दिन आग बुझाने के लिए डंपिंग ग्राउंड में तैनात रहे। मेयर का कहना है कि जेपी कंपनी के कारण शहर में दुर्गंध भी फैली। डड्डूमाजरा के लोग बीमार भी हुए।
मालूम हो कि यहां पर हजारों लोगों को सांस और स्किन की दिक्कत है। मेयर का कहना है कि इन सब नुकसान की भरपाई जेपी कंपनी से ही की जाएगी। कूड़ा भी पूरा कंपनी ने प्लांट में प्रोसेस नहीं किया। 2008 से जेपी कंपनी डड्डूमाजरा में प्लांट चला रही है। कंपनी की कारगुजारी पर निगम के सदन में ही पार्षद कई बार सवाल उठा चुके हैं। कंपनी को कई बार नगर निगम ने नोटिस भी जारी किए हैं।
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अब नाममात्र हो रहा कूड़ा प्रोसेस
शहर में प्रतिदिन 450 टन कूड़ा निकलता है। जबसे नगर निगम ने जेपी कंपनी पर कार्रवाई करने का निर्णय लिया है तब से नाममात्र कूड़ा ही प्रोसेस हो रहा है, जबकि अधिकतर कूड़ा सीधा डंपिंग ग्राउंड में ही जा रहा है। ऐसे में यह दिक्कत अभी और रहेगी जब तक नगर निगम कंपनी से प्लांट का कब्जा नहीं ले लेती और नई कंपनी प्लांट को चलाना शुरू नहीं कर देती।
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आशा जसवाल ने अधिकारियों को नुकसान का आकलन करने को कहा
इसके बाद जुर्माने का भी भेजा जाएगा नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
जेपी कंपनी के साथ समझौता बर्खास्त करने के बाद नगर निगम अब तक हुए नुकसान की भरपाई भी करने जा रहा है। नगर निगम की मेयर आशा जसवाल ने विधि अधिकारी को रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसमें अब तक हुए नुकसान का भी आकलन करने को कहा है। इसके बाद जुर्माने का नोटिस भी भेजा जाएगा।
मेयर आशा जसवाल का कहना है कि जेपी कंपनी के साथ जो समझौता हुआ था उसके अनुसार प्लांट नहीं चला और डंपिंग ग्राउंड लगातार भरता रहा जिस कारण यहां पर कई बार आग भी लगी। आग बुझाने के लिए कई बार दमकल विभाग और इंजीनियरिंग विंग के कर्मचारी लगे। डंपिंग ग्राउंड में लाखों टन मिट्टी डाली गई। कर्मचारी पूरा पूरा दिन आग बुझाने के लिए डंपिंग ग्राउंड में तैनात रहे। मेयर का कहना है कि जेपी कंपनी के कारण शहर में दुर्गंध भी फैली। डड्डूमाजरा के लोग बीमार भी हुए।
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मालूम हो कि यहां पर हजारों लोगों को सांस और स्किन की दिक्कत है। मेयर का कहना है कि इन सब नुकसान की भरपाई जेपी कंपनी से ही की जाएगी। कूड़ा भी पूरा कंपनी ने प्लांट में प्रोसेस नहीं किया। 2008 से जेपी कंपनी डड्डूमाजरा में प्लांट चला रही है। कंपनी की कारगुजारी पर निगम के सदन में ही पार्षद कई बार सवाल उठा चुके हैं। कंपनी को कई बार नगर निगम ने नोटिस भी जारी किए हैं।
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अब नाममात्र हो रहा कूड़ा प्रोसेस
शहर में प्रतिदिन 450 टन कूड़ा निकलता है। जबसे नगर निगम ने जेपी कंपनी पर कार्रवाई करने का निर्णय लिया है तब से नाममात्र कूड़ा ही प्रोसेस हो रहा है, जबकि अधिकतर कूड़ा सीधा डंपिंग ग्राउंड में ही जा रहा है। ऐसे में यह दिक्कत अभी और रहेगी जब तक नगर निगम कंपनी से प्लांट का कब्जा नहीं ले लेती और नई कंपनी प्लांट को चलाना शुरू नहीं कर देती।