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रिंग रोड प्रोजेक्ट के लिए यूटी प्रशासन ने तैयार किया खाका
Updated Tue, 10 Oct 2017 01:19 AM IST
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रिंग रोड बनाने के लिए यूटी प्रशासन ने तैयार किया खाका
-रिंग रोड बनने से मध्यमार्ग, विकास मार्ग और दक्षिण मार्ग पर ट्रैफिक का लोड होगा कम
-करीब 1400 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगा रिंग रोड का प्रोजेक्ट
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए यूटी प्रशासन ने पंजाब व हरियाणा सरकार के साथ मिलकर रिंग रोड के निर्माण को लेकर खाका खींच लिया है। यूटी प्रशासन ने जो खाका तैयार किया है, उसके मुताबिक रिंग रोड बनने से शहर के मध्यमार्ग, विकास मार्ग और दक्षिण मार्ग पर ट्रैफिक का लोड कम हो जाएगा। रिंग रोड बन जाने से चंडीगढ़, पंचकूला, मोहाली, सारंगपुर, मुल्लापुर, जीरकपुर, बद्दी, शिमला और कालका हाईवे तक ट्रैफिक के लिहाज से बेहतर कनेक्टिविटी हो जाएगी। रिंग रोड बन जाने से दूर दराज वाले वाहनों को सिटी में एंट्री नहीं दी जाएगी। अधिकारियों की मानें तो रिंग रोड प्रोजेक्ट में 1400 करोड़ रुपये तक खर्च हो सकते हैं।
यूटी प्रशासन ने मास्टर प्लान-2031 के मुताबिक पंजाब व हरियाणा सरकार के साथ मिलकर रिंग रोड का खाका तैयार किया है। इस प्रोजेक्ट में नेशनल हाईवे अथॉरिटी आफ इंडिया (एनएचएआई) भी जुड़ा है। एनएचएआई के एक्सपर्ट्स की निगरानी में ट्राइसिटी के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए इस प्रोजेक्ट को पूरा किया जाएगा। यूटी प्रशासन के अर्बन प्लानिंग डिपार्टमेंट के मुताबिक रिंग रोड शिमला-कालका हाईवे, पिंजौर, पंचकूला के माजरी चौक से युमनानगर हाईवे सेे सेक्टर-12 और 12ए से होकर गुजरती हुई पीर मुछल्ला, जीरकपुर के पिछले हिस्से से होकर एयरपोर्ट तक यह सड़क मोहाली और पंचकूला को जोड़ेगी। दूसरी तरफ मध्य मार्ग पंचकूला से होकर यह सड़क, हाउसिंग बोर्ड से होकर चंडीगढ़ मध्य मार्ग तक जाएगी। इससे वाहनों के आवागमन में सुविधा होगी और दुर्घटनाओं की आशंका कम हो जाएगी। इस परियोजना के लिए एनएचएआई की ओर से तैयारियां की जा रही हैं। इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के चीफ इंजीनियर की मानें तो रिंग रोड बन जाने शहर में मध्यमार्ग, विकास मार्ग और दक्षिण मार्ग पर पीक आवर्स में ट्रैफिक का लोड कम हो जाएगा।
रिंग रोड के लिए गवर्नर ने बनाई कमेटी
रिंग रोड प्रोजेक्ट के निर्माण के लिए पंजाब के गवर्नर एवं चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने कमेटी गठित कर दी है। यूटी के वित्त सचिव को कमेटी का चेयरमैन बनाया गया है, जोकि रिंग रोड प्रोजेक्ट की निगरानी करेंगे। यूटी के चीफ इंजीनियर को कोऑर्डिनेटर बनाया गया है। जोकि कमेटी के सदस्य के रूप में भी शामिल रहेंगे। गवर्नर ने रिंग रोड प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने के लिए जो कमेटी बनाई है, उसमें गमाडा के चीफ इंजीनियर, एनएचएआई के पीडब्ल्यूडी डिपार्टमेंट दो चीफ इंजीनियर शामिल रहेंगे। इसके अलावा पंजाब व हरियाणा के चीफ सेक्रेटरी कमेटी के सदस्य रहेंगे।
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रिंग रोड निर्माण का 50 प्रतिशत खर्च एनएचएआई उठाएगा
चंडीगढ़ इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के मुताबिक रिंग रोड प्रोजेक्ट के निर्माण का 50 प्रतिशत खर्च नेशनल हाईवे अथॉरिटी आफ इंडिया (एनएचएआई) उठाएगा। इसमें लैंड व कंस्ट्रक्शन कास्ट दोनों शामिल रहेगा। इस प्रोजेक्ट की ड्राइंग व रिंग रोड के निर्माण में इस्तेमाल की जाने वाली तकनीक सब नेशनल हाइवे डेवलपमेंट बोर्ड प्रोजेक्ट करेगा।
अब लंबी दूरी के वाहन शहर में नहीं कर पाएंगे एंट्री
रिंग रोड बनने से लंबी दूरी के वाहन शहर में नहीं घुस सकेंगे। यूटी इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के मुताबिक रोजाना दूसरे राज्यों से ट्राइसिटी से होकर गुजरने वाले करीब 1.5 लाख वाहनों का ट्रैफिक लोड रिंग रोड बनने से कम हो जाएगा।
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रिंग रोड बनाने के लिए यूटी प्रशासन ने तैयार किया खाका
-रिंग रोड बनने से मध्यमार्ग, विकास मार्ग और दक्षिण मार्ग पर ट्रैफिक का लोड होगा कम
-करीब 1400 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगा रिंग रोड का प्रोजेक्ट
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए यूटी प्रशासन ने पंजाब व हरियाणा सरकार के साथ मिलकर रिंग रोड के निर्माण को लेकर खाका खींच लिया है। यूटी प्रशासन ने जो खाका तैयार किया है, उसके मुताबिक रिंग रोड बनने से शहर के मध्यमार्ग, विकास मार्ग और दक्षिण मार्ग पर ट्रैफिक का लोड कम हो जाएगा। रिंग रोड बन जाने से चंडीगढ़, पंचकूला, मोहाली, सारंगपुर, मुल्लापुर, जीरकपुर, बद्दी, शिमला और कालका हाईवे तक ट्रैफिक के लिहाज से बेहतर कनेक्टिविटी हो जाएगी। रिंग रोड बन जाने से दूर दराज वाले वाहनों को सिटी में एंट्री नहीं दी जाएगी। अधिकारियों की मानें तो रिंग रोड प्रोजेक्ट में 1400 करोड़ रुपये तक खर्च हो सकते हैं।
यूटी प्रशासन ने मास्टर प्लान-2031 के मुताबिक पंजाब व हरियाणा सरकार के साथ मिलकर रिंग रोड का खाका तैयार किया है। इस प्रोजेक्ट में नेशनल हाईवे अथॉरिटी आफ इंडिया (एनएचएआई) भी जुड़ा है। एनएचएआई के एक्सपर्ट्स की निगरानी में ट्राइसिटी के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए इस प्रोजेक्ट को पूरा किया जाएगा। यूटी प्रशासन के अर्बन प्लानिंग डिपार्टमेंट के मुताबिक रिंग रोड शिमला-कालका हाईवे, पिंजौर, पंचकूला के माजरी चौक से युमनानगर हाईवे सेे सेक्टर-12 और 12ए से होकर गुजरती हुई पीर मुछल्ला, जीरकपुर के पिछले हिस्से से होकर एयरपोर्ट तक यह सड़क मोहाली और पंचकूला को जोड़ेगी। दूसरी तरफ मध्य मार्ग पंचकूला से होकर यह सड़क, हाउसिंग बोर्ड से होकर चंडीगढ़ मध्य मार्ग तक जाएगी। इससे वाहनों के आवागमन में सुविधा होगी और दुर्घटनाओं की आशंका कम हो जाएगी। इस परियोजना के लिए एनएचएआई की ओर से तैयारियां की जा रही हैं। इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के चीफ इंजीनियर की मानें तो रिंग रोड बन जाने शहर में मध्यमार्ग, विकास मार्ग और दक्षिण मार्ग पर पीक आवर्स में ट्रैफिक का लोड कम हो जाएगा।
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रिंग रोड के लिए गवर्नर ने बनाई कमेटी
रिंग रोड प्रोजेक्ट के निर्माण के लिए पंजाब के गवर्नर एवं चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने कमेटी गठित कर दी है। यूटी के वित्त सचिव को कमेटी का चेयरमैन बनाया गया है, जोकि रिंग रोड प्रोजेक्ट की निगरानी करेंगे। यूटी के चीफ इंजीनियर को कोऑर्डिनेटर बनाया गया है। जोकि कमेटी के सदस्य के रूप में भी शामिल रहेंगे। गवर्नर ने रिंग रोड प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने के लिए जो कमेटी बनाई है, उसमें गमाडा के चीफ इंजीनियर, एनएचएआई के पीडब्ल्यूडी डिपार्टमेंट दो चीफ इंजीनियर शामिल रहेंगे। इसके अलावा पंजाब व हरियाणा के चीफ सेक्रेटरी कमेटी के सदस्य रहेंगे।
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रिंग रोड निर्माण का 50 प्रतिशत खर्च एनएचएआई उठाएगा
चंडीगढ़ इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के मुताबिक रिंग रोड प्रोजेक्ट के निर्माण का 50 प्रतिशत खर्च नेशनल हाईवे अथॉरिटी आफ इंडिया (एनएचएआई) उठाएगा। इसमें लैंड व कंस्ट्रक्शन कास्ट दोनों शामिल रहेगा। इस प्रोजेक्ट की ड्राइंग व रिंग रोड के निर्माण में इस्तेमाल की जाने वाली तकनीक सब नेशनल हाइवे डेवलपमेंट बोर्ड प्रोजेक्ट करेगा।
अब लंबी दूरी के वाहन शहर में नहीं कर पाएंगे एंट्री
रिंग रोड बनने से लंबी दूरी के वाहन शहर में नहीं घुस सकेंगे। यूटी इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के मुताबिक रोजाना दूसरे राज्यों से ट्राइसिटी से होकर गुजरने वाले करीब 1.5 लाख वाहनों का ट्रैफिक लोड रिंग रोड बनने से कम हो जाएगा।