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Panchkula News: ओवन खरीदने के बहाने महिला से ठगे थे 17 हजार, आरोपी गिरफ्तार
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फोटो-18
ओएलएक्स और पेटीएम के माध्यम से करता था ठगी
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। ओएलएक्स पर सामान बेचने वाली महिला से ठगी के आरोपी को एनआईटी थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान राजस्थान के जिला अलवर के गांव लक्ष्मणगढ़ निवासी निशु खान के रूप में हुई है। फरवरी 2022 में आरोपी व उसके साथी ने एनआईटी निवासी एक महिला से 17000 रुपये ठग लिए थे। आरोपी को अदालत में पेश कर दो दिन की रिमांड पर लिया गया है।
एनआईटी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुनीता ने बताया कि पीड़ित महिला के पास एक ओटीजी ओवन था। उसे बेचने के लिए महिला ने ओएलएक्स वेबसाइट पर एक पोस्ट डाली थी। आरोपी ने महिला की पोस्ट देखकर फोन पर संपर्क किया। दोनों के बीच 17000 रुपये में डील पक्की हो गई। आरोपियों ने पैसे भेजने के नाम पर महिला के पेटीएम से पैसे अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए। शिकायत पर एनआईटी थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी। डीसीपी एनआईटी नरेंद्र कादयान ने थाना प्रभारी के नेतृत्व में टीम का गठन किया। टीम ने आरोपी निशु को लक्ष्मणगढ़ से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से वारदात में प्रयोग मोबाइल बरामद किया गया है। दो दिन की रिमांड में आरोपी ने बताया कि महिला के साथ डील पक्की करने के बाद उसने महिला के पेटीएम से लिंक मोबाइल नंबर की जानकारी लेकर अपने साथी को दे दी। आरोपी के साथी ने पेटीएम से धोखाधड़ी कर पैसे ट्रांसफर कर लिए। आरोपी ने बताया कि वह गांव में खेती करता है। उसका साथी भरतपुर के कामा इलाके का रहने वाला है। पूछताछ के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया। वारदात में शामिल साथी की तलाश की जा रही है।
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ऐसे देते हैं वारदात को अंजाम
ओएलएक्स जैसी वेबसाइट पर सामान बेचने के लिए जब फोटो अपलोड करते हैं तो साइबर अपराधी वहां से नंबर ले लेते हैं। इसके बाद सामान खरीदने की इच्छा जाहिर कर गूगल पे, फोन पे या पेटीएम पर एक रुपया भेजकर पैसों की एक रिक्वेस्ट बनाकर भेजते हैं। व्यक्ति को बातों में उलझाकर उसका सीक्रेट पिन डलवा लेते हैं। इससे सामान बेचने वाले के खाते से साइबर अपराधियों के खाते में पैसे ट्रांसफर हो जाते हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
इस प्रकार के साइबर अपराध से बचने के लिए सतर्क रहें और कहीं से भी पैसे प्राप्त करते समय मैसेज को ध्यान से देखें। अपना पिन कहीं भी न डालें, किसी भी व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी अकाउंट नंबर या क्रेडिट या डेबिट कार्ड की डिटेल साझा ना करें। इसके बावजूद साइबर फ्रॉड की घटना होने पर सूचना तुरंत 1930 पर दें।
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ओएलएक्स और पेटीएम के माध्यम से करता था ठगी
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। ओएलएक्स पर सामान बेचने वाली महिला से ठगी के आरोपी को एनआईटी थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान राजस्थान के जिला अलवर के गांव लक्ष्मणगढ़ निवासी निशु खान के रूप में हुई है। फरवरी 2022 में आरोपी व उसके साथी ने एनआईटी निवासी एक महिला से 17000 रुपये ठग लिए थे। आरोपी को अदालत में पेश कर दो दिन की रिमांड पर लिया गया है।
एनआईटी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुनीता ने बताया कि पीड़ित महिला के पास एक ओटीजी ओवन था। उसे बेचने के लिए महिला ने ओएलएक्स वेबसाइट पर एक पोस्ट डाली थी। आरोपी ने महिला की पोस्ट देखकर फोन पर संपर्क किया। दोनों के बीच 17000 रुपये में डील पक्की हो गई। आरोपियों ने पैसे भेजने के नाम पर महिला के पेटीएम से पैसे अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए। शिकायत पर एनआईटी थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी। डीसीपी एनआईटी नरेंद्र कादयान ने थाना प्रभारी के नेतृत्व में टीम का गठन किया। टीम ने आरोपी निशु को लक्ष्मणगढ़ से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से वारदात में प्रयोग मोबाइल बरामद किया गया है। दो दिन की रिमांड में आरोपी ने बताया कि महिला के साथ डील पक्की करने के बाद उसने महिला के पेटीएम से लिंक मोबाइल नंबर की जानकारी लेकर अपने साथी को दे दी। आरोपी के साथी ने पेटीएम से धोखाधड़ी कर पैसे ट्रांसफर कर लिए। आरोपी ने बताया कि वह गांव में खेती करता है। उसका साथी भरतपुर के कामा इलाके का रहने वाला है। पूछताछ के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया। वारदात में शामिल साथी की तलाश की जा रही है।
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ऐसे देते हैं वारदात को अंजाम
ओएलएक्स जैसी वेबसाइट पर सामान बेचने के लिए जब फोटो अपलोड करते हैं तो साइबर अपराधी वहां से नंबर ले लेते हैं। इसके बाद सामान खरीदने की इच्छा जाहिर कर गूगल पे, फोन पे या पेटीएम पर एक रुपया भेजकर पैसों की एक रिक्वेस्ट बनाकर भेजते हैं। व्यक्ति को बातों में उलझाकर उसका सीक्रेट पिन डलवा लेते हैं। इससे सामान बेचने वाले के खाते से साइबर अपराधियों के खाते में पैसे ट्रांसफर हो जाते हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
इस प्रकार के साइबर अपराध से बचने के लिए सतर्क रहें और कहीं से भी पैसे प्राप्त करते समय मैसेज को ध्यान से देखें। अपना पिन कहीं भी न डालें, किसी भी व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी अकाउंट नंबर या क्रेडिट या डेबिट कार्ड की डिटेल साझा ना करें। इसके बावजूद साइबर फ्रॉड की घटना होने पर सूचना तुरंत 1930 पर दें।