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चाइनीज मांजे पर प्रशासन ने लगाई रोक
Updated Thu, 05 Jul 2018 02:08 AM IST
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चाइनीज मांझे की बिक्री पर प्रशासन ने लगाई रोक
- पतंग की डोर होती है प्लास्टिक कोटेड, पक्षी अक्सर हो जाते हैं घायल
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के चाइनीज डोर पर रोक लगाने के आदेशों के तहत बुधवार को चंडीगढ़ में डिप्टी कमिश्नर ने भी इस चाइनीज मांझा के बेचने, बनाने और सप्लाई पर पाबंदी लगा दी है। यह पतंग की डोर है, जो प्लास्टिक कोटेड होती है।
दरअसल, इस डोर से अलग-अलग के कई मामले सामने आ चुके हैं। इनमें कुछ पक्षी घायल हो गए थे और कई मामलों में पक्षी इस डोर के चलते मर गए थे। वहीं, लोगों को भी इस खतरनाक डोर के चलते नुकसान हुआ है। गौरतलब है कि एनजीटी ने इस खतरनाक डोर पर देशभर में पाबंदी लगाने के आदेश जारी किए थे। ये आदेश 5 जुलाई 2018 से लागू होंगे, जोकि 2 सितंबर तक प्रभाव में रहेंगे।
इन पर भी लगा बैन
शहर में बढ़ते नशे के कारोबार को रोकने के लिए प्रशासन ने अहम कदम उठाया है। अगले 60 दिनों के लिए थिनर और फ्लूड्स बेचने पर पूरी तरह से बैन लगा दिया गई है। डीसी अजीत बालाजी जोशी ने वीरवार को इस तरह की चीजें बैन करने के आदेश जारी किए। इन पदार्थों का इस्तेमाल नशे की डोज के रूप में होता है। खासकर बच्चों तक आसानी से पहुंच होने के कारण वे इनका इस्तेमाल नशे के तौर पर करते हैं। बेचने के साथ बोतल वाले फ्लूड्स और थिनर के उत्पादन पर भी रोक लगा दी गई है। अधिकतर फ्लूड का इस्तेमाल गलतियां ठीक करने और थिनर का नेल पॉलिश हटाने में प्रयोग होता है।
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- पतंग की डोर होती है प्लास्टिक कोटेड, पक्षी अक्सर हो जाते हैं घायल
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के चाइनीज डोर पर रोक लगाने के आदेशों के तहत बुधवार को चंडीगढ़ में डिप्टी कमिश्नर ने भी इस चाइनीज मांझा के बेचने, बनाने और सप्लाई पर पाबंदी लगा दी है। यह पतंग की डोर है, जो प्लास्टिक कोटेड होती है।
दरअसल, इस डोर से अलग-अलग के कई मामले सामने आ चुके हैं। इनमें कुछ पक्षी घायल हो गए थे और कई मामलों में पक्षी इस डोर के चलते मर गए थे। वहीं, लोगों को भी इस खतरनाक डोर के चलते नुकसान हुआ है। गौरतलब है कि एनजीटी ने इस खतरनाक डोर पर देशभर में पाबंदी लगाने के आदेश जारी किए थे। ये आदेश 5 जुलाई 2018 से लागू होंगे, जोकि 2 सितंबर तक प्रभाव में रहेंगे।
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इन पर भी लगा बैन
शहर में बढ़ते नशे के कारोबार को रोकने के लिए प्रशासन ने अहम कदम उठाया है। अगले 60 दिनों के लिए थिनर और फ्लूड्स बेचने पर पूरी तरह से बैन लगा दिया गई है। डीसी अजीत बालाजी जोशी ने वीरवार को इस तरह की चीजें बैन करने के आदेश जारी किए। इन पदार्थों का इस्तेमाल नशे की डोज के रूप में होता है। खासकर बच्चों तक आसानी से पहुंच होने के कारण वे इनका इस्तेमाल नशे के तौर पर करते हैं। बेचने के साथ बोतल वाले फ्लूड्स और थिनर के उत्पादन पर भी रोक लगा दी गई है। अधिकतर फ्लूड का इस्तेमाल गलतियां ठीक करने और थिनर का नेल पॉलिश हटाने में प्रयोग होता है।
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