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प्रोफेसर डोगरा रिटायर, ग्लूकोमा स्पेशलिस्ट डा. पांडव बने एचओडी
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चंडीगढ़। पीजीआई के ग्लूकोमा स्पेशलिस्ट प्रोफेसर एसएस पांडव एडवांस आई सेंटर के नए एचओडी होंगे। देर शाम पीजीआई प्रशासन ने उनकी नियुक्ति पर मुहर लगा दी है। शनिवार सुबह जब आई सेंटर के एचओडी प्रोफेसर एमआर डोगरा रिटायर हुए तो सवाल खड़ा हुआ कि अगला एचओडी कौन होगा? दरअसल, डा. एसएस पांडव और प्रोफेसर एके जैन के बीच तय नहीं हो पा रहा था कि दोनों में से एचओडी की कुर्सी पर कौन बैठेगा। दोनों ने एक ही दिन पीजीआई को ज्वाइन किया था। ऐसे में दोनों में तय नहीं हो पा रहा था कि सीनियर कौन है। जैन का कहना था कि ऐसी स्थिति में उस व्यक्ति को सीनियर माना जाए तो उम्र में वरिष्ठ हो जबकि डा. पांडव का तर्क था कि ज्वाइनिंग के दौरान जो मेरिट में आगे हो, उसे सीनियर माना जाए। पीजीआई ने भी पांडव की दलील सही माना और पीजीआई की सीनियोरिटी लिस्ट में उन्हें ऊपर रखा। हालांकि प्रोफेसर जैन इस मामले को कैट में भी लेकर जा चुके हैं। अभी वहां पर फैसला होना बाकी है। डा. पांडव ग्लूकोमा के जाने-माने स्पेशलिस्ट डाक्टर हैं। इस समय एडवांस आई सेंटर में 40 हजार से ज्यादा मरीज रजिस्टर्ड हैं।
कई प्रीमिच्योर बच्चों को नया जीवन दान दिया है डा. डोगरा ने
पीजीआई एडवांस आई सेंटर से रिटायर होने वाले डा. डोगरा ने कई बच्चों को नया जीवनदान दिया है। कई प्रिमेच्योर बच्चे जो ब्लाइंड थे, उनके लिए डा. डोगरा ने पीजीआई में स्क्रीन करने की तकनीक ईजाद की। इससे वह समय से पहले पहचान जाते थे कि किस प्रीमिच्योर बच्चे की रोशनी जा सकती है तो वे उसका इलाज कर देते थे। डा. डोगरा पेशेंट के बीच काफी लोकप्रिय रहे हैं। वे नारकंडा के एक गरीब परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कड़ी मेहनत के बाद यह मुकाम हासिल किया है। डा. अमोद गुप्ता, प्रोफेसर जगतराम और डा. डोगरा की तिकड़ी ने एक छोटे से सेंटर को एडवांस आई सेंटर में तब्दील किया है।
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कई प्रीमिच्योर बच्चों को नया जीवन दान दिया है डा. डोगरा ने
पीजीआई एडवांस आई सेंटर से रिटायर होने वाले डा. डोगरा ने कई बच्चों को नया जीवनदान दिया है। कई प्रिमेच्योर बच्चे जो ब्लाइंड थे, उनके लिए डा. डोगरा ने पीजीआई में स्क्रीन करने की तकनीक ईजाद की। इससे वह समय से पहले पहचान जाते थे कि किस प्रीमिच्योर बच्चे की रोशनी जा सकती है तो वे उसका इलाज कर देते थे। डा. डोगरा पेशेंट के बीच काफी लोकप्रिय रहे हैं। वे नारकंडा के एक गरीब परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कड़ी मेहनत के बाद यह मुकाम हासिल किया है। डा. अमोद गुप्ता, प्रोफेसर जगतराम और डा. डोगरा की तिकड़ी ने एक छोटे से सेंटर को एडवांस आई सेंटर में तब्दील किया है।
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