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डॉक्टरों पर एफआईआर दर्ज करने के लिए बेटी ने कमिश्नर को दी शिकायत

Sun, 23 Jun 2019 12:57 AM IST
Panchkula bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sun, 23 Jun 2019 12:57 AM IST
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डॉक्टरों पर एफआईआर दर्ज करने के लिए बेटी ने कमिश्नर को दी शिकायत
पंचकूला। बीती 12 जून से एलकेमिस्ट अस्पताल में भर्ती डायलिसिस के एक मरीज की शनिवार सुबह मौत होने पर हंगामा खड़ा हो गया। गांव अभयपुर के मकान नंबर-9 के रहने वाले माम राज की एलकेमिस्ट अस्पताल में मौत हुई। मामला ने उस समय अधिक तूल पकड़ लिया, जब अस्पताल प्रबंधन ने माम राज की बेटी को शव देने से इनकार कर दिया। बेटी पूजा ने पिता की मौत का कारण डॉक्टरों की लापरवाही बताया। उन्होंने बताया कि उनके पिता को महज दस्त की परेशानी थी। बीमारी न बढ़े, इस कारण माम राज को 12 जून को अस्पताल लाया गया। लेकिन डॉक्टरों ने माम राज को तुरंत आईसीयू में भर्ती कर लिया। बेटी ने बताया कि इसके बाद पिता की हालत अधिक बिगड़ी और उन्होंने हर किसी को पहचानना भी बंद कर दिया। बेटी ने आरोप लगाए कि डॉक्टरों व अस्पताल प्रबंधन ने उनके पिता की मौत के बारे उन्हें शनिवार सुबह तक कुछ नहीं बताया। पूजा ने एलकेमिस्ट के डॉक्टरों व प्रबंधन के खिलाफ कमिश्नर ऑफ पुलिस समेत सीएम विंडों पर शिकायत दी है। उन्होंने डॉक्टरों व अस्पताल प्रबंधन पर क्रिमिनल मेडिकल नेग्लिजेंस के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। पूजा ने बताया कि पिता माम राज डायलिसिस के मरीज हैं। 13 जून को वह पिता से मिलने गई तो उन्होंने किसी को नहीं पहचाना। डॉक्टरों ने उन्हें चौबीस घंटे इंतजार करने को कहा। लेकिन 14 जून को भी माम राज ने किसी को नहीं पहचाना। डॉक्टरों ने फिर से 48 घंटे इंतजार को कहा। बकौल पूजा, इसके बाद पिता माम राज की हालत खराब होती गई। पूजा ने अस्पताल के स्टाफ पर लापरवाह होने के आरोप लगाए हैं। बताया कि अस्पताल में रात के समय जूनियर डॉक्टर के अलावा कोई सीनियर डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं होता। उन्होंने बताया कि 18 जून को जब उन्होंने दबाव डाला, तब जाकर डॉक्टरों ने उनके पिता की तबीयत ठीक नहीं होना बताया। आरोप हैं कि डॉक्टरों ने उनसे कहा कि माम राज बचेंगे या नहीं, कहा नहीं जा सकता। आरोप लगाए कि डॉक्टरों ने उन्हें यह सबकुछ पहले दिन नहीं बताया। आरोप हैं कि नर्स ने भी उनसे दुर्व्यवहार किया। 21 जून को पूजा की बहन अस्पताल गई तो उनसे मेडिकल कार्ड छीन लिया गया और पेमेंट के लिए उन्हें बंदी बनाने के आरोप हैं। यह दृश्य सीसीटीवी कैमरों में कैद होने की बात बताई गई। आरोप हैं कि अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें दस दिन के अंदर पैसे देकर पिता को ले जाने को कहा। पूजा ने आरोप लगाए कि अस्पताल ने केवल बिल बढ़ाने को पहले दिन से पिता को आईसीयू में रखा।
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शव दिलाने पुलिस को जाना पड़ा एलकेमिस्ट
एलकेमिस्ट अस्पताल प्रबंधन की ओर से शव देने से इनकार करने पर पूजा व उनके अन्य पारिवारिक सदस्यों ने पुलिस अधिकारियों को शिकायत दी। फिर सेक्टर-5 थाने से पुलिसकर्मी एलकेमिस्ट पहुंचे। तब जाकर माम राज का शव एलकेमिस्ट से लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए सिविल अस्पताल-6 की मॉर्चरी में रखवाया गया। डॉक्टरों का तीन सदस्यीय पैनल रविवार को माम राज के शव का पोस्टमॉर्टम करेगा।
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