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वीसी अगले माह हजारों शिक्षकों को दे सकते हैं सातवें वेतनमान का तोहफा
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चंडीगढ़। पीयू के हजारों शिक्षकों को वीसी प्रो. राजकुमार अगले माह सातवें वेतनमान का तोहफा दे सकते हैं। बताया जा रहा है कि वह दिल्ली गए हैं। वहां कुछ मंत्रियों के साथ उनकी मुलाकात तय हुई है। उसमें शिक्षकों का यह मामला रखा जाएगा। साथ ही पंजाब सरकार के भी कुछ खास मंत्रियों से मुलाकात कर फंस रहा पेंच निकालेंगे।
देशभर के शिक्षण संस्थानों में सातवां वेतनमान लागू हो गया है। केंद्रीय विश्वविद्यालयों में बहुत पहले ही शिक्षकों का यह लाभ मिलने लगा था। साथ ही पड़ोसी राज्य हरियाणा ने भी इसका लाभ अपने शिक्षकों को दे दिया, लेकिन पीयू में इसका लाभ अब तक नहीं मिल पाया। पिछले दिनों पीयू ने इसके लिए प्रस्ताव पंजाब सरकार को भेजा है। वहां से हरी झंडी मिलना बाकी है। साथ ही केंद्र सरकार को भी अपने खजाने से वेतनमान का पैसा जारी करने के लिए मनाना है। पीयू में एक हजार से अधिक शिक्षक हैं। जानकारों का कहना है कि सातवें वेतनमान के लिए हर साल 80 से 90 करोड़ रुपये अतिरिक्त भार सरकारों पर पड़ेगा। इसमें पंजाब का हिस्सा महज दस फीसदी ही बताया जाता है। बाकी रकम केंद्र सरकार से जारी होगी। सूत्रों का कहना है कि पंजाब सरकार से यह पेंच आसानी से निकल जाएगा। केंद्र के खजाने से पैसे लाना बड़ा काम है। सूत्रों का कहना है कि इसी के लिए वीसी दिल्ली गए हैं। वहां वित्तमंत्री व वित्त राज्यमंत्री से वह मुलाकात करेंगे। माना जा रहा है कि जुलाई माह में शिक्षकों के लिए सातवां वेतनमान पास हो जाएगा।
पीएचडी इंक्रीमेंट भी वीसी की ही देन
पीयू समेत पूरे देश के शिक्षकों को पीएचडी इंक्रीमेंट का लाभ नहीं मिल रहा था। वीसी ने पीयू ज्वाइन किया तो शिक्षकों ने यह बात उनके सामने रखी। वीसी ने दिल्ली में यूजीसी के चेयरमैन से संपर्क किया और 15 ही दिन में पीएचडी इंक्रीमेंट के आदेश हो गए। पीयू के अलावा देशभर के विश्वविद्यालयों के शिक्षकों को इसका लाभ मिला। माना जा रहा है कि सातवां वेतनमान भी अब जल्द ही लागू हो जाएगा। इसके लिए वीसी पूरी ताकत में जुटे हैं।
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देशभर के शिक्षण संस्थानों में सातवां वेतनमान लागू हो गया है। केंद्रीय विश्वविद्यालयों में बहुत पहले ही शिक्षकों का यह लाभ मिलने लगा था। साथ ही पड़ोसी राज्य हरियाणा ने भी इसका लाभ अपने शिक्षकों को दे दिया, लेकिन पीयू में इसका लाभ अब तक नहीं मिल पाया। पिछले दिनों पीयू ने इसके लिए प्रस्ताव पंजाब सरकार को भेजा है। वहां से हरी झंडी मिलना बाकी है। साथ ही केंद्र सरकार को भी अपने खजाने से वेतनमान का पैसा जारी करने के लिए मनाना है। पीयू में एक हजार से अधिक शिक्षक हैं। जानकारों का कहना है कि सातवें वेतनमान के लिए हर साल 80 से 90 करोड़ रुपये अतिरिक्त भार सरकारों पर पड़ेगा। इसमें पंजाब का हिस्सा महज दस फीसदी ही बताया जाता है। बाकी रकम केंद्र सरकार से जारी होगी। सूत्रों का कहना है कि पंजाब सरकार से यह पेंच आसानी से निकल जाएगा। केंद्र के खजाने से पैसे लाना बड़ा काम है। सूत्रों का कहना है कि इसी के लिए वीसी दिल्ली गए हैं। वहां वित्तमंत्री व वित्त राज्यमंत्री से वह मुलाकात करेंगे। माना जा रहा है कि जुलाई माह में शिक्षकों के लिए सातवां वेतनमान पास हो जाएगा।
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पीएचडी इंक्रीमेंट भी वीसी की ही देन
पीयू समेत पूरे देश के शिक्षकों को पीएचडी इंक्रीमेंट का लाभ नहीं मिल रहा था। वीसी ने पीयू ज्वाइन किया तो शिक्षकों ने यह बात उनके सामने रखी। वीसी ने दिल्ली में यूजीसी के चेयरमैन से संपर्क किया और 15 ही दिन में पीएचडी इंक्रीमेंट के आदेश हो गए। पीयू के अलावा देशभर के विश्वविद्यालयों के शिक्षकों को इसका लाभ मिला। माना जा रहा है कि सातवां वेतनमान भी अब जल्द ही लागू हो जाएगा। इसके लिए वीसी पूरी ताकत में जुटे हैं।
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