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मकानों के रेनोवेशन के नाम पर हो रही खानापूर्ति
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चंडीगढ़। सरकारी मकानों में रेनोवेशन के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई है। अधिकारियों के मकानों को छोड़कर अन्य मकानों में प्रशासन की हिदायतों के तहत रसोई में चिमनी, एग्जास्ट फैन व बाथरूम के सामने बड़े शीशे नहीं लगाए गए हैं। बिजली व प्लंबर के सामान की क्वालिटी खराब है। ठेकेदार और अधिकारियों ने मिलकर प्रशासन को चपत लगाई है।
कर्मचारी राज्य महासचिव बलवान सिंह दोदवा ने बताया कि सरकारी मकानों की अलाटमेंट के बाद प्रत्येक कर्मचारी के वेतन से मकान भत्ता के अलावा हर महीने 153 रुपये मरम्मत व रंग-रोगन के नाम पर प्रशासन के खजाने में जमा होते हैं, लेकिन कर्मचारियों को सहूलियतें नहीं मिलतीं। संबंधित विभाग का कोई भी कर्मचारी व अधिकारी अपनी जिम्मेदारी नहीं समझता है। शिकायत करने पर उस समस्या का समाधान करने के बजाय तरह-तरह के बहाने बनाकर शिकायतकर्ता को बरगलाने का काम किया जाता है। उनका कहना है कि प्रशासन अगर तुरंत संबंधित कर्मचारी व अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं करता तो इसकी लिखित शिकायत प्रशासक वीपी सिंह बदनौर से की जाएगी।
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कर्मचारी राज्य महासचिव बलवान सिंह दोदवा ने बताया कि सरकारी मकानों की अलाटमेंट के बाद प्रत्येक कर्मचारी के वेतन से मकान भत्ता के अलावा हर महीने 153 रुपये मरम्मत व रंग-रोगन के नाम पर प्रशासन के खजाने में जमा होते हैं, लेकिन कर्मचारियों को सहूलियतें नहीं मिलतीं। संबंधित विभाग का कोई भी कर्मचारी व अधिकारी अपनी जिम्मेदारी नहीं समझता है। शिकायत करने पर उस समस्या का समाधान करने के बजाय तरह-तरह के बहाने बनाकर शिकायतकर्ता को बरगलाने का काम किया जाता है। उनका कहना है कि प्रशासन अगर तुरंत संबंधित कर्मचारी व अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं करता तो इसकी लिखित शिकायत प्रशासक वीपी सिंह बदनौर से की जाएगी।
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