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वायु प्रदूषण को कम करने के लिए नियमों का पालन हो
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चंडीगढ़। चंडीगढ़ प्रदूषण नियंत्रण समिति के सदस्य सचिव टीसी नौटियाल ने कहा है कि वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए टिकाऊ दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने वायु प्रदूषण को कम करने के लिए व्यक्तिगत और सामूहिक रूप से एक साथ आने के लिए समाज के सभी क्षेत्रों की सहभागिता पर जोर दिया। वे पीयू में पीजीआईएमईआर के सामुदायिक चिकित्सा विभाग में एडिशनल प्रो. पर्यावरण स्वास्थ्य डॉ. रविंदर खैवाल व पीयू के पर्यावरण अध्ययन विभाग की प्रो. डॉ. सुमन मोर की ओर से आयोजित क्लोकियम में बोल रहे थे। क्लोकियम में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग हिमाचल प्रदेश का भी सहयोग रहा।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान नई दिल्ली के प्रो. अविनाश चंद्र ने औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण रणनीतियों पर अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि उद्योगों को प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए स्वच्छ उत्पादन और ऊर्जा दक्षता पर ध्यान देना चाहिए। पंजाबी विश्वविद्यालय के प्रो. सुरिंदर मेहता ने औद्योगिक प्रक्रिया और विनिर्माण के दौरान खतरनाक पदार्थों के उपयोग को समाप्त करने के लिए हरित प्रौद्योगिकियों के उपयोग पर प्रकाश डाला। हरियाणा के पर्यावरण विभाग में पूर्व वैज्ञानिक डॉ. राधेश्याम शर्मा ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के दोहन और पर्यावरण नीतियों के कार्यान्वयन पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए। इस दौरान डॉ. प्रकाश दारोच, डॉ. परविंदर सिंह, प्रो. पीवीएम लक्ष्मी, पीजीआईएमईआर के प्रो. दीपांकर डे, प्रो. आशुतोष अग्रवाल आदि ने भी विचार रखे।
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भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान नई दिल्ली के प्रो. अविनाश चंद्र ने औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण रणनीतियों पर अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि उद्योगों को प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए स्वच्छ उत्पादन और ऊर्जा दक्षता पर ध्यान देना चाहिए। पंजाबी विश्वविद्यालय के प्रो. सुरिंदर मेहता ने औद्योगिक प्रक्रिया और विनिर्माण के दौरान खतरनाक पदार्थों के उपयोग को समाप्त करने के लिए हरित प्रौद्योगिकियों के उपयोग पर प्रकाश डाला। हरियाणा के पर्यावरण विभाग में पूर्व वैज्ञानिक डॉ. राधेश्याम शर्मा ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के दोहन और पर्यावरण नीतियों के कार्यान्वयन पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए। इस दौरान डॉ. प्रकाश दारोच, डॉ. परविंदर सिंह, प्रो. पीवीएम लक्ष्मी, पीजीआईएमईआर के प्रो. दीपांकर डे, प्रो. आशुतोष अग्रवाल आदि ने भी विचार रखे।
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