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डीसी साहब! ई-दिशा केंद्र में सुविधा कम, दुविधा ज्यादा
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पंचकूला। पब्लिक की सुविधा के लिए सरकार द्वारा सेक्टर-1 स्थित मिनी सचिवालय में खुले ई-दिशा केंद्र में आने वाले उपभोक्ताओं को सुविधा तो कम मिल रही पर दुविधा का सामना ज्यादा करना पड़ रहा है। शुक्रवार को भी यहां काम के सिलसिले में आए दिव्यांग समेत कई लोगों को सीट से स्टाफ नदारद होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ लोग तो कई घंटे इंतजार के बाद बैरंग लौट गए, जबकि कुछ लोगों को बहाना बनाकर लौटा दिया गया। स्टाफ की लापरवाही का शिकार हुए लोगों ने उच्चाधिकारियों से इस मामले को गंभीरता से लेने का आह्वान किया है। उनका कहना है कि जब उपायुक्त ऑफिस के स्टाफ का ये हाल है तो अन्य स्थान पर बैठे अधिकारी पब्लिक के साथ कैसे पेश आते होंगे इससे सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।
क्या बोले लोग...
सेक्टर-20 निवासी एसके बंसल ने बताया कि उन्होंने गाड़ी के कागज रिन्यू करवाने हैं। जिसकी फाइल काफी समय पहले ही जमा करवा चुके हैं। शुक्रवार को जब ई-दिशा केंद्र में पहुंचे तो करीब डेढ़ घंटे इंतजार करना पड़ा। क्योंकि सीट पर संबंधित कर्मचारी नहीं थे। इसके बाद जब वह आए तो उन्होंने कहा कि आपकी फाइल नहीं मिल रही है। उन्होंने कागजों का बंडल उनके सामने रख दिया और कहा कि इसमें चेक कर लें। काजगों के बंडल में से फाइल तो मिल गई, लेकिन आरसी गायब थी। ऐसे में उन्हें दोबारा कागजात पूरे करने के लिए कहा गया।
नारायणगढ़ निवासी परविंदर सिंह का कहना है कि उन्होंने एनओसी लेनी है, जिसके चलते पिछले 15 दिन से वह ई-दिशा केंद्र के चक्कर काट रहे हैं। लेकिन अधिकारी हैं कि स्पष्ट कारण नहीं बता रहे हैं। वह आए दिन उन्हें कोई न कोई बहाना बनाकर अगले दिन आने को कहते हैं। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को ई-दिशा केंद्र का अधिकांश स्टाफ सीट से गायब था, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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सेक्टर-12-ए निवासी कृष्ण शर्मा जोशी ने बताया कि वह दिव्यांग हैं। उन्होंने नाम परिवर्तन के लिए फाइल जमा करवा रखी है। शुक्रवार को सीट पर स्टाफ न होने से करीब डेढ़ घंटे इंतजार करना पड़ा। लेकिन जब सीट पर स्टाफ आया तो उन्हें ये कहकर लौटा दिया कि नाम परिवर्तन के लिए नगर निगम कार्यालय जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि स्टाफ को पहले ही बताना चाहिए था कि उनका काम निगम कार्यालय से होगा।
सेक्टर-26 निवासी विजय कुमार ने बताया कि वह आरसी के सिलसिले में चक्कर काट रहे हैं, लेकिन स्टाफ सुनता ही नहीं है। फाइल को निपटाने की बजाय चक्कर पर चक्कर लगवा रहे हैं। उन्होंने इस ओर प्रशासनिक अधिकारियों से ध्यान देने की गुहार लगाई है।
कोट्स
यदि ऐसा है तो यह गंभीर मामला है। भविष्य में ऐसा न हो इसके लिए स्टाफ को सख्य हिदायत दी जाएगी। इसके अलावा इस तरह की परेशानी आने पर लोग सरल हेल्पलाइन नंबर का भी प्रयोग कर सकते हैं।
पंकज सेतिया
एसडीएम
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क्या बोले लोग...
सेक्टर-20 निवासी एसके बंसल ने बताया कि उन्होंने गाड़ी के कागज रिन्यू करवाने हैं। जिसकी फाइल काफी समय पहले ही जमा करवा चुके हैं। शुक्रवार को जब ई-दिशा केंद्र में पहुंचे तो करीब डेढ़ घंटे इंतजार करना पड़ा। क्योंकि सीट पर संबंधित कर्मचारी नहीं थे। इसके बाद जब वह आए तो उन्होंने कहा कि आपकी फाइल नहीं मिल रही है। उन्होंने कागजों का बंडल उनके सामने रख दिया और कहा कि इसमें चेक कर लें। काजगों के बंडल में से फाइल तो मिल गई, लेकिन आरसी गायब थी। ऐसे में उन्हें दोबारा कागजात पूरे करने के लिए कहा गया।
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नारायणगढ़ निवासी परविंदर सिंह का कहना है कि उन्होंने एनओसी लेनी है, जिसके चलते पिछले 15 दिन से वह ई-दिशा केंद्र के चक्कर काट रहे हैं। लेकिन अधिकारी हैं कि स्पष्ट कारण नहीं बता रहे हैं। वह आए दिन उन्हें कोई न कोई बहाना बनाकर अगले दिन आने को कहते हैं। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को ई-दिशा केंद्र का अधिकांश स्टाफ सीट से गायब था, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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सेक्टर-12-ए निवासी कृष्ण शर्मा जोशी ने बताया कि वह दिव्यांग हैं। उन्होंने नाम परिवर्तन के लिए फाइल जमा करवा रखी है। शुक्रवार को सीट पर स्टाफ न होने से करीब डेढ़ घंटे इंतजार करना पड़ा। लेकिन जब सीट पर स्टाफ आया तो उन्हें ये कहकर लौटा दिया कि नाम परिवर्तन के लिए नगर निगम कार्यालय जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि स्टाफ को पहले ही बताना चाहिए था कि उनका काम निगम कार्यालय से होगा।
सेक्टर-26 निवासी विजय कुमार ने बताया कि वह आरसी के सिलसिले में चक्कर काट रहे हैं, लेकिन स्टाफ सुनता ही नहीं है। फाइल को निपटाने की बजाय चक्कर पर चक्कर लगवा रहे हैं। उन्होंने इस ओर प्रशासनिक अधिकारियों से ध्यान देने की गुहार लगाई है।
कोट्स
यदि ऐसा है तो यह गंभीर मामला है। भविष्य में ऐसा न हो इसके लिए स्टाफ को सख्य हिदायत दी जाएगी। इसके अलावा इस तरह की परेशानी आने पर लोग सरल हेल्पलाइन नंबर का भी प्रयोग कर सकते हैं।
पंकज सेतिया
एसडीएम