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हड़ताल खत्म कराने के लिए सीएमओं ने एनएचएम के 6

Fri, 22 Feb 2019 01:25 AM IST
Panchkula bureau Panchkula bureau
Updated Fri, 22 Feb 2019 01:25 AM IST
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हड़ताल खत्म कराने के लिए सीएमओं ने एनएचएम के 6
हड़ताल खत्म कराने के लिए सीएमओं ने एनएचएम के 68 कर्मचारियों को सस्पेंड किया
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- 17 दिन प्रदर्शन करने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने उठाया कदम
- कर्मचारियों का कहना अगर हमारी मांगे नहीं मानी जाएगी तो करेंगे आमरण अनशन

अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल खत्म कराने केे लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी दबाव बनाने का पूरा प्रयास कर रहे हैं। वीरवार को हड़ताल में बैठे 98 कर्मचारियों में से अब तक 68 कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है। सत्रह दिन से चल रही स्ट्राइक के बाद मरीजों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इधर, कर्मचारियों का कहना है कि वह आमरण अनशन के लिए तैयार हैं। वहीं सीएमओ की ओर से प्रेस कांफ्रेंस कर सभी व्यवस्थाओं के ठीक होने के दावे किए गए हैं।
सेक्टर-6 स्थित सिविल अस्पताल मे सिविल सर्जन डॉ. योगेश शर्मा ने जिला पंचकूला में एनएचएम कर्मचारियों द्वारा की गई हड़ताल के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि एनएचएम के अंतर्गत एसएनसीयू, लेबर रूम तथा अन्य आपातकालीन सेवाओं को जिला में कार्यरत नियमित कर्मचारियों के माध्यम से सुचारु रूप से चलाने के लिए पर्याप्त प्रबंध कर लिए है। इसके अलावा सभी सेवाएं सुचारु रूप से चल रही है। उन्होंने बताया कि इस समय जिले में कुल 374 एनएचएम कर्मचारी नियुक्त है, इनमें से केवल 98 कर्मचारी को सस्पेंड कर दिया गया है। इसमें एएमओ एक, 23 ड्राईवर, 24 ईएमटी, तीन कंप्यूटर आपरेटर, पांच सूचना सहायक, 38 स्टाफ नर्स, तीन सीएचओ, एक केएमसी वर्कर ही हड़ताल पर बैठे हैं। इसमें से अब तक 68 कर्मचारियों को सस्पेंड किया है। इसमें एक एएमओ, 23 ड्राइवर, 16 ईएमटी, तीन कंप्यूटर ऑपरेटर, पांच सूचना सहायक, 20 स्टाफ नर्स को निलंबित कर दिया गया है। एंबुलेंस चालकों की सेवाएं निलंबित कर दी गई थी। इनकी जगह आउटसोर्सिंग पर 15 नए चालकों की भर्ती कर ली गई है ताकि मरीजों को एंबुलेंस के लिए किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। इस समय जिला में आपातकालीन स्थिति से निपटने की लिए विभाग ने कुल 12 एंबुलेंस में 30 चालकों को लगा रखा गया है। एबुलेंस द्वारा हड़ताल के दौरान भी प्रतिदिन पांच काल अटेंड की जा रही है। उन्होंने हड़ताल पर चल रहे कर्मचारियों से गुजारिश की है कि वह अपने अड़ियल रवैए को त्यागते हुए तुरंत अपनी सेवाओं पर लौटें अन्यथा कर्मचारियों की सेवाऐ समाप्त हो जाएंगी। उन्हें किसी भी हालत में दोबारा सेवाओं में नहीं लिया जाएगा।
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दो नई एंबुलेंस शुरू होंगी
सीएमओ योगेश शर्मा ने बतया कि एंबुलेंस बेडे में दो नई गाड़ियों को जोड़ा जाएगा। मरीजों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो। अस्पताल प्रबंधन की ओर से इसके लिए तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि एंबुलेंस सर्विस उन्हें समय पर दी जाएंगी।
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आलाधिकारियों ने ली मीटिंग
हरियाणा स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा, स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक डॉ. सतीश अग्रवाल, सेक्रेटरी हेल्थ एवं मिशन निदेशक, अमनीत पी कुमार की ओर से एनएचएम कर्मचारियों द्वारा की गई हड़ताल को लेकर सभी जिलों के सिविल सर्जनों से बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु रूप से चलाने के लिए जिलावार समीक्षा की गई। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कुछ कर्मचारी पांच फरवरी से निरंतर हड़ताल पर चल रहे हैं। यह कर्मचारी दो वर्ष में लगभग दस बार हड़ताल पर जा चुके हैं। प्रेस कांफ्रेंस के दौरान सीएमओ योगेश शार्म ने बताया कि एनएचएम के कर्मचारियों को सर्विस सुरक्षा प्रदान करने हुए सर्विस बायलॉज बनाए गए हैं। इसके अतिरिक्त कर्मचारियों की वेतन विसंगतियों पर विचार करते हुए मुख्यमंत्री स्तर पर दूर कर दी गई हैं। कर्मचारियों को सर्विस बायलॉज के अनुसार वार्षिक वेतन में बढ़ोतरी, डीए और अन्य लाभ दिए जा रहे हैं। इससे सरकार पर प्रतिवर्ष 110 करोड़ रुपये का वित्तीय भार बढ़ा है।
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