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अस्पताल में मरीजों को दवा के लिए करना पड़ रहा तीन घंटे तक का इंतजार

Sat, 26 Jan 2019 01:50 AM IST
Panchkula bureau Panchkula bureau
Updated Sat, 26 Jan 2019 01:50 AM IST
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अस्पताल में मरीजों को दवा के लिए करना पड़ रहा तीन घंटे तक का इंतजार
अस्पताल में मरीजों को दवा के लिए करना पड़ रहा तीन घंटे तक का इंतजार
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- टोकन सिस्टम होने के बाद दवाईयों के लिए लग रही है लंबी लाइन
- लगातार मरीजों की संख्या में हुई बढ़ोतरी से हो रही है परेशानी

अस्पताल में 4500 से अधिक मरीज इलाज कराने के लिए रोजाना आ रहे हैं
हर दिन करीब 500 से अधिक पेशेंट इलाज के लिए आते हैं

अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। सेक्टर-6 स्थित जनरल अस्पताल में मरीजों को दवा के लिए तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। टोकन सिस्टम होने के बाद दवाईयों के लिए लंबी लाइन लग रही है। इसके बाद भी अस्पताल प्रबंधन की ओर से भीड़ घटाने के लिए कोई पुख्ता प्रबंधन नहीं किए गए हैं।
अस्पताल में 4500 से अधिक मरीज इलाज कराने के लिए रोजाना आ रहे हैं। ठंड बढ़ने के साथ सर्दी, जुकाम, हड्डी के दर्द, स्किन के पेशेंट की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। इस कारण लोगों को काउंटर पर टोकन सिस्टम होने के बाद भी तीन घंटे तक दवाओं के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। पंचकूला के अलावा पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ की लगती सीमाओं के लोग भी इलाज कराने आ रहे हैं। वहीं पंचकूला के इमरजेंसी में 350 मरीजों की क्षमता है लेकिन यहां पर इलाज के लिए हर दिन करीब 500 से अधिक पेशेंट इलाज के लिए आते हैं। इस कारण मरीजों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
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तीन घंटे बाद भी दवा नहीं मिली
मेरी छाती में छाले निकल आए हैं। डॉक्टर ने पर्चा बनने के एक घंटे बाद बाद देख लिया था। इसके बाद दवा मिलने में तीन घंटे से अधिक का इंतजार करना पड़ रहा है। टोकन सिस्टम पूरी तरह फेल हो गया है। - दयाशंकर यादव, मरीज।
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पांच घंटे से ज्यादा समय लगा
मरीजों को समय पर दवा नहीं मिलती है। लाइन लगाने के बाद टोकन आसानी से दे दिया जाता है। लेकिन दवा टोकन से बांटने में अधिक समय लग रहा है। अस्पताल में बुखार का इलाज कराने में पांच घंटे से अधिक समय लगा है। - सुभाष चंद, मरीज।

आधी दवाएं बाहर से लाना पड़ा
मुझे घुटने में दर्द है। दवा के लिए लाइन में दो घंटे लगा रहा। इसके बाद पता चला कि दर्द की दवा बाहर मेडिकल स्टोर से मिलेगी। डॉक्टरों की ओर से पहले दवा होने की सही जानकारी नहीं दी जाती है। - रमेश, मरीज।

पेशेंट को दवा मिलने में होती है देरी
टोकन सिस्टम से दवा लेने जब आया तो यहां पर नंबर 500 के ऊपर चल रहा था। इस कारण इंतजार करने के बाद दवा मिलने में तीन घंटे लग गए। इससे परेशानी का सामना करना पड़ा। - विषुनी, मरीज।


इलाज की सभी सुविधाएं अस्पताल में मुहैया करवाई जा रही हैं। मरीजों की संख्या बढ़ी है। इसलिए दवाएं देरी से मिल रही है। इवनिंग ओपीडी में भी लोग आकर इलाज कराए जिससे कि भीड़ का सामना लोगों को कम करना पड़े। - योगेश शर्मा, सीएमओ, सेक्टर -6 जनरल अस्पताल।
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