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कोट मट्टावाला मार्ग पर एनएचएआई द्वारा रास्ता न छोड़े जाने पर ग्रामीणों ने मार्ग पर इकट्ठा होकर किया रोष प्रदर्शन।

Sun, 13 Jan 2019 01:26 AM IST
Panchkula bureau Panchkula bureau
Updated Sun, 13 Jan 2019 01:26 AM IST
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कोट मट्टावाला मार्ग पर एनएचएआई द्वारा रास्ता न छोड़े जाने पर ग्रामीणों ने मार्ग पर इकट्ठा होकर किया रोष प्रदर्शन।
दो दर्जन गांवों के लोगों ने किया रोष प्रदर्शन
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- कोट मट्टावाला मार्ग पर एनएचएआई की ओर से रास्ता न देने पर ग्रामीणों में गुस्सा
- सासंद, विधायक व जिला उपायुक्त को कई बार लिखित में दे चुके हैं शिकायत

गुरदीप सिंह
बरवाला। नवनिर्मित राष्ट्रीय राजमार्ग-73 पर कोट मट्टावाला बस स्टॉप के पास क्रासिंग के लिए रास्ता न छोड़े जाने पर आज गांव मट्टावाला, कोट, दबकौरी व बुंगा सहित करीब दो दर्जन गांवों के लोगों, महिलाओं व युवाओं ने एनएचएआई के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। श्यामलाल, भाग सिंह, घुनू राम मटवाला, पूर्व पार्षद सलीम दबकौरी, मोहन लाल व चमन लाल कौट, वलायत अली दबकौरी, सुच्चा राम खंगेसरा तथा महिला सोमा, रसाली, संतो देवी, रोशनी, अंशी देवी, रखी देवी आदि ने बताया कि एनएचएआई के अधिकारियों द्वारा जो फोरलेन का निर्माण किया जा रहा है उस मार्ग पर मट्टावाला से कोट सहित दर्जनों गांवों को जोड़ने व क्रॉसिंग के लिए रास्ता नहीं दिया गया और न ही कोई अंडरपाथ का रास्ता बनाया गया जिससे ग्रामीणों, महिलाओं व स्कूल के बच्चों को जान जोखिम में डालकर फोरलेन पार करना पड़ रहा है। इस मार्ग को पार करते समय ग्रामीण कई बार वाहनों की चपेट में आकर घायल हो चुके हैं जिससे ग्रामीणों को जान व माल दोनों का नुकसान भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि मट्टावाला बस स्टॉप के दोनों और काफी दुकानें हैं जिससे गांवों के लोगों को सामान आदि लेने के लिए मार्ग के दोनों ओर की दुकानों पर आना जाना पड़ता है। वहीं मट्टावाला के लोगों को अपने उपचार के लिए व दवाई लेने कोट में स्थित अस्पताल व बुुजुर्गों को बुढ़ापा पेंशन लेने के लिए बैंक की सुविधा आदि कामों के लिए भी उन्हें कोट गांव में जाना पड़ता है। वहीं गांव के छात्र-छात्राओं को शिक्षा ग्रहण करने के लिए भी कोट स्थित सीनियर सेकेंडरी स्कूल में जाना पड़ता है। इतना ही नहीं गांव कोट सहित दर्जनों गांवों के लिए लोगों पंचकूला, चंडीगढ़, पिंजौर व कालका आदि शहरों में अपने कामों के लिए जाने के लिए बस सुविधा लेने के लिए भी फोरलेन पार कर बस सुविधा लेनी पड़ती है। ग्रामीणों ने बताया कि अपनी इस समस्या को लेकर सासंद रतन लाल कटारिया, विधायक ज्ञान चंद गुप्ता व जिला उपायुक्त पंचकूला को भी लिखित में शिकायत दे चुके हैं लेकिन आश्वासन तो मिले लेकिन समस्या का आज तक कोई हल नहीं हो पाया और न ही उन्हें रास्ते की सुविधा मिल सकी। जिसको लेकर गुस्साए ग्रामीणों ने आज इकट्ठे होकर मार्ग पर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों द्वारा प्रदर्शन करने की भनक लगते ही रामगढ़ व पंचकूला की पुलिस, तहसीलदार पंचकूला विरेन्द्र गिल, एनएचएआई के इंजीनियर महिन्द्र गर्ग ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे। ग्रामीणों ने अधिकारियों से इस बारे मंगलवार को उच्चाधिकारियों की एक बैठक मट्टावाला बस स्टॉप पर बुलाकर समस्या का हल करवाने की बात कही। इस बारे ग्रामीणों ने अधिकारियों से लिखित में ले लिया। वहीं ग्रामीणों ने कहा कि अगर मंगलवार को भी उन्हें रास्ते की सुविधा नहीं दी गई तो एनएच-73 पर जाम लगाकर प्रदर्शन करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी एनएचएआई व जिला प्रशासन की होगी।

क्या कहना है ग्रामीणों का:-
ग्रामीण रामलाल नम्बरदार मट्टावाला का कहना है कि एनएचएआई द्वारा जो फोरलेन मार्ग बनाया जा रहा है उस पर मट्टावाला के पास दर्जनों गांवों के लोगों को क्रॉसिंग की सुविधा के लिए कोई रास्ते व अंडरपाथ की सुविधा नहीं दी गई जिससे ग्रामीणों को बड़ी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
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पूर्व पार्षद सलीम दबकौरी का कहना है कि उन्होंने इस मार्ग पर क्रासिंग के लिए रास्ता छोडने या अंडरपाथ बनाए जाने के लिए कई बार लिखित शिकायतें एनएचएआई व जिला प्रशासन तथा सरकार के सांसद व विधायक को भी दी है लेकिन इस समस्या का आज तक कोई हल नहीं किया गया। जिससे ग्रामीणों में रोष है।
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ग्रामीण चमन लाल व मोहन लाल वासी कोट का कहना है कि रास्ते की सुविधा न मिलने पर ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर मार्ग पार करने को मजबूर होना पड़ रहा है जिससे ग्रामीण दुर्घटनाओं का भी शिकार हो रहे हैं।


ग्रामीण दबकौरी वासी वलायत अली का कहना है कि मट्टावाला कोट के लोगों को बस सुविधा लेने के लिए भी मार्ग से गुजरकर बस सुविधा लेनी पड़ती है

मट्टावाला की महिला दयालो देवी का कहना है कि उन्हें अपने उपचार के लिए व दवाई लेने के लिए कोट स्थित अस्पताल में मार्ग पर करके जाना पड़ता है तथा उनके बच्चों को हर रोज शिक्षा ग्रहण करने के लिए भी कोट सीनियर सेकेंडरी स्कूल में जाना पड़ता है। जो खतरे से खाली नहीं है।
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