फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   स्वाइन फ्लू को लेकर अस्पताल में बनाया गया है आइसोलेशन वार्ड

स्वाइन फ्लू को लेकर अस्पताल में बनाया गया है आइसोलेशन वार्ड

Fri, 04 Jan 2019 01:50 AM IST
Panchkula bureau Panchkula bureau
Updated Fri, 04 Jan 2019 01:50 AM IST
विज्ञापन
स्वाइन फ्लू को लेकर अस्पताल में बनाया गया है आइसोलेशन वार्ड
स्वाइन फ्लू को लेकर अस्पताल में बनाया आइसोलेशन वार्ड
विज्ञापन

बरती जा रही एहतियात, सातों दिन चलेगी ओपीडी
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। हरियाणा के जिलों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने के बाद पंचकूला के जनरल अस्पताल सेक्टर -6 में आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। स्वाइन फ्लू को लेकर अब इसके लिए बनाई गई ओपीडी सातों दिन चलेगी। इसके लिए हरियाणा स्वास्थ्य विभाग की ओर से सीएमओ के साथ मीटिंग कर यह फैसला लिया गया।
हरियाणा में अक्तूबर 2018 से तीन जनवरी तक 51 लोगों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। इसमें हिसार के 24, जींद में चार, यमुनानगर में तीन केस सामने आए हैं। इसके अलावा फरीदाबाद सहित अन्य जिलों में स्वाइन फ्लू के पेशेंट सामने आए हैं। हरियाणा स्वाइन फ्लू विंग की सीनियर डाक्टर दीपाली ने बताया जनरल अस्पताल सेक्टर -6 में आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। पंचकूला जनरल अस्पताल स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है।
विज्ञापन

जिला अस्पताल के सीएमओ सुभाष ने बताया कि स्वाइन फ्लू के मरीजों को तुरंत इलाज की सुविधा मिल सके, इसे लेकर अस्पताल में 10 बिस्तरों का विशेष वॉर्ड तैयार किया जा चुका है। इसके अलावा टेमीफ्लू की दवाएं, सीरप, मास्क आदि का स्टॉक भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। वहीं सभी निजी अस्पतालों को सतर्क रहने और स्वाइन फ्लू के इलाज के लिए पूरी तैयारी रखने के आदेश जारी कर दिए हैं। अस्पतालों को कहा है कि अपने स्तर पर भी फ्लू के लक्षण और बचावों को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए काम करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

शहर में फ्लू के संभावित मरीजों की पुष्टि के लिए सैंपल दिल्ली स्थित राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनएसडीसी) भेजे जाते हैं।

ये बरते सावधानी
स्वाइन फ्लू की सीनियर डाक्टर दीपाली ने बताया कि स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने पर घबराएं नहीं। खांसी, बुखार स्वाइन फ्लू के शुरुआती लक्षण हैं। इसमें शरीर नीला पड़ने लगता है। जरूरी है कि ऐसे लक्षणों को नजर अंदाज ना करें। घबराने के बजाय तुरंत डॉक्टर की सलाह लें। मरीज के कपड़ें, टॉवल, रूमाल अलग रखें। कमरे के खिड़की-दरवाजे खुले रखें और दवाएं लेते रहें। बेहतर है कि किसी से भी हाथ ना मिलाएं या गले ना मिलें। छींकते और खांसते समय नाक और मुंह ढंक लें। खूब पानी पिएं और पौष्टिक आहार लें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed