{"_id":"5c0ea0ebbdec2241a9113d26","slug":"15444626115-ropar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दूध उत्पादकों की बैठक संपन्न,वेरका द्वारा दूध उत्पादक सोसायटीओं का काम ऑन लाईन करने का जताया विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दूध उत्पादकों की बैठक संपन्न,वेरका द्वारा दूध उत्पादक सोसायटीओं का काम ऑन लाईन करने का जताया विरोध
Updated Mon, 10 Dec 2018 10:52 PM IST
विज्ञापन
दूध उत्पादकों की बैठक संपन्न
वेरका की ओर से दूध उत्पादक सोसाइटी का काम ऑनलाइन करने पर विरोध
अमर उजाला ब्यूरो
नंगल। क्षेत्र के दूध उत्पादकों की बैठक सोमवार को दूून नौजवान सभा के अध्यक्ष मुख्तयार सिंह के नेतृत्व में संपन्न हुई। जिसमें वेरका मिल्क प्लांट मोहाली की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित दूध उत्पादक सोसाइटी को अपना पूरा काम ऑनलाइन करने के आदेश जारी करने की निंदा करते हुए जनवरी में वेरका प्लांट मोहाली के समक्ष धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी।
दून सभा के नेता विक्की धमाणा ने कहा कि वेरका मिल्क प्लांट की ओर से गायों के दूध की फैट 3.3 से 4.5 तक, एनएनएफ 8 से 8.7 और भैंसों के दूध की फैट 5.5 से 10 और एनएनएस 8.6 से 9.5 तक तय की हुई है। लेकिन पूरा सिस्टम ऑनलाइन होने के कारण 70 प्रतिशत तक दूध इस मापदंड से ठीक नही पाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उपमंडल का पूरा ग्रामीण क्षेत्र दूध उत्पादन पर ही निर्भर है। लेकिन वेरका ने यह नया फार्मूला सामने रख दूध उत्पादकों के लिए नई समस्या पैदा कर दी है। उन्होंने वेरका मैनेजमेंट से दूध उत्पादकों की समस्या को देखते हुए ऑनलाइन सिस्टम बंद करने, पंजाब की वेरका सोसाइटियों के सचिवों को स्थाई वेतन देने, हिमाचल और पंजाब वेरका सोसाइटियों में दूध के रेट एक बराबर करने और वेरका मिल्ट प्लांट के अधिकारियों के कथित तानाशाही रवैये पर लगाम लगाने की मांग की। इस मौके पर अशोक कुमार सहजौवाल, बलवीर भंगला, हरजिंदर सिंह शोकर, दिलबाग सिंह संधेवाल, बोबी, विक्रम सिंह, हरविंदर सिंह, सुनील कुमार और अमरीक सिंह इत्यादि उपस्थित थे।
विज्ञापन
वेरका की ओर से दूध उत्पादक सोसाइटी का काम ऑनलाइन करने पर विरोध
अमर उजाला ब्यूरो
नंगल। क्षेत्र के दूध उत्पादकों की बैठक सोमवार को दूून नौजवान सभा के अध्यक्ष मुख्तयार सिंह के नेतृत्व में संपन्न हुई। जिसमें वेरका मिल्क प्लांट मोहाली की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित दूध उत्पादक सोसाइटी को अपना पूरा काम ऑनलाइन करने के आदेश जारी करने की निंदा करते हुए जनवरी में वेरका प्लांट मोहाली के समक्ष धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी।
दून सभा के नेता विक्की धमाणा ने कहा कि वेरका मिल्क प्लांट की ओर से गायों के दूध की फैट 3.3 से 4.5 तक, एनएनएफ 8 से 8.7 और भैंसों के दूध की फैट 5.5 से 10 और एनएनएस 8.6 से 9.5 तक तय की हुई है। लेकिन पूरा सिस्टम ऑनलाइन होने के कारण 70 प्रतिशत तक दूध इस मापदंड से ठीक नही पाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उपमंडल का पूरा ग्रामीण क्षेत्र दूध उत्पादन पर ही निर्भर है। लेकिन वेरका ने यह नया फार्मूला सामने रख दूध उत्पादकों के लिए नई समस्या पैदा कर दी है। उन्होंने वेरका मैनेजमेंट से दूध उत्पादकों की समस्या को देखते हुए ऑनलाइन सिस्टम बंद करने, पंजाब की वेरका सोसाइटियों के सचिवों को स्थाई वेतन देने, हिमाचल और पंजाब वेरका सोसाइटियों में दूध के रेट एक बराबर करने और वेरका मिल्ट प्लांट के अधिकारियों के कथित तानाशाही रवैये पर लगाम लगाने की मांग की। इस मौके पर अशोक कुमार सहजौवाल, बलवीर भंगला, हरजिंदर सिंह शोकर, दिलबाग सिंह संधेवाल, बोबी, विक्रम सिंह, हरविंदर सिंह, सुनील कुमार और अमरीक सिंह इत्यादि उपस्थित थे।
विज्ञापन