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खास खबर: बरनाला के युवा लेखक तरसेम को मिला राष्ट्रीय बाल साहित्य पुरस्कार ।
Updated Fri, 23 Nov 2018 09:40 PM IST
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बाल दिवस के मौके पर 23 भारतीय लेखक सम्मानित
बरनाला के युवा लेखक तरसेम को मिला राष्ट्रीय बाल साहित्य पुरस्कार
भारत साहित्य अकादमी की ओर से गंगटोक में बाल दिवस का आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
बरनाला। भारत साहित्य अकादमी के उपाध्यक्ष माधव कौशिक द्वारा सिक्कम की राजधानी गंगटोक में 23 भारतीय भाषाओं के लेखकों को राष्ट्र स्तरीय बाल साहित्य पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया है। जिनमें बरनाला के युवा लेखक तरसेम को उनके द्वारा लिखित पुस्तक ‘टाहली वाली गली’ नामक पुस्तक पर पुरस्कार मिला है। इस पुस्तक में वातावरण व वृक्षों को बचाने से संबंधित एक बच्चे की कहानी है। यह पुस्तक 64 पेज की है, जिसमें रंगीन चित्र में शामिल हैं। इस पुस्तक का प्रकाशन लोक गीत प्रकाशन चंडीगढ़ ने पहला एडिशन और पब्लिकेशन मानसा ने दूसरा एडिशन उड़ान प्रकाशित किया। गौर हो कि लेखक तरसेम को यह तीसरा राष्ट्रीय अवार्ड मिला है। अवार्ड सहित बरनाला पहुंचने पर लेखकों व साहित्यकारों ने तरसेम का भव्य अभिनंदन किया।
15 वर्ष की उम्र में बने लेखक
बाल पुरस्कार से सम्मानित युवा लेखक तरसेम दो भाषाओं अंग्रेजी व हिंदी में स्नातकोत्तर तथा बीएड पास हैं। सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल खुड्डीकलां में हिंदी अध्यापक हैं। उल्लेखनीय है कि तरसेम ने 15 साल की उम्र में लिखना शुरू कर दिया था, जिसके बाद से अब तक उसने पंजाबी में तीन काव्य संग्रह, 12 बाल साहित्य और हिंदी में 7 बाल साहित्य लिखे हैं। इसके अलावा तरसेम पंजाबी भाषा में 19 पुस्तकों का पंजाबी में और 8 पुस्तकों का पंजाबी से हिंदी में अनुवाद, 6 पुस्तकों का संपादन, सात लेखकों और पांच नावलकारों से की मुलाकातों पर दो पुस्तकें प्रकाशित कर चुके हैं।
फोटो कैप्शन:23बीएनएलपी81-भारत साहित्य अकादमी द्वारा सिक्कम की राजधानी गंगटोक में आयोजित समारोह में राष्ट्रीय बाल साहित्य पुरस्कार प्राप्त करते हुए बरनाला के युवा लेखक तरसेम।
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फोटो कैप्शन:23बीएनएलपी82-युवा लेखक तरसेम।
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बरनाला के युवा लेखक तरसेम को मिला राष्ट्रीय बाल साहित्य पुरस्कार
भारत साहित्य अकादमी की ओर से गंगटोक में बाल दिवस का आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
बरनाला। भारत साहित्य अकादमी के उपाध्यक्ष माधव कौशिक द्वारा सिक्कम की राजधानी गंगटोक में 23 भारतीय भाषाओं के लेखकों को राष्ट्र स्तरीय बाल साहित्य पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया है। जिनमें बरनाला के युवा लेखक तरसेम को उनके द्वारा लिखित पुस्तक ‘टाहली वाली गली’ नामक पुस्तक पर पुरस्कार मिला है। इस पुस्तक में वातावरण व वृक्षों को बचाने से संबंधित एक बच्चे की कहानी है। यह पुस्तक 64 पेज की है, जिसमें रंगीन चित्र में शामिल हैं। इस पुस्तक का प्रकाशन लोक गीत प्रकाशन चंडीगढ़ ने पहला एडिशन और पब्लिकेशन मानसा ने दूसरा एडिशन उड़ान प्रकाशित किया। गौर हो कि लेखक तरसेम को यह तीसरा राष्ट्रीय अवार्ड मिला है। अवार्ड सहित बरनाला पहुंचने पर लेखकों व साहित्यकारों ने तरसेम का भव्य अभिनंदन किया।
15 वर्ष की उम्र में बने लेखक
बाल पुरस्कार से सम्मानित युवा लेखक तरसेम दो भाषाओं अंग्रेजी व हिंदी में स्नातकोत्तर तथा बीएड पास हैं। सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल खुड्डीकलां में हिंदी अध्यापक हैं। उल्लेखनीय है कि तरसेम ने 15 साल की उम्र में लिखना शुरू कर दिया था, जिसके बाद से अब तक उसने पंजाबी में तीन काव्य संग्रह, 12 बाल साहित्य और हिंदी में 7 बाल साहित्य लिखे हैं। इसके अलावा तरसेम पंजाबी भाषा में 19 पुस्तकों का पंजाबी में और 8 पुस्तकों का पंजाबी से हिंदी में अनुवाद, 6 पुस्तकों का संपादन, सात लेखकों और पांच नावलकारों से की मुलाकातों पर दो पुस्तकें प्रकाशित कर चुके हैं।
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फोटो कैप्शन:23बीएनएलपी81-भारत साहित्य अकादमी द्वारा सिक्कम की राजधानी गंगटोक में आयोजित समारोह में राष्ट्रीय बाल साहित्य पुरस्कार प्राप्त करते हुए बरनाला के युवा लेखक तरसेम।
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फोटो कैप्शन:23बीएनएलपी82-युवा लेखक तरसेम।