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धर्मपुरा के किसानों ने उजाड़ दी खराब हुई नरमा की फसल
Updated Sun, 19 Aug 2018 10:13 PM IST
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धर्मपुरा के किसानों ने उजाड़ी खराब हुई नरमा की फसल
पानी की कमी के कारण किसानों की फसलें हुईं खराब
अमर उजाला ब्यूरो
अबोहर। नहरी पानी की कमी और मौसम की मार के चलते हल्का बल्लूआना के गांव धर्मपुरा में खराब हुई नरमें की कई एकड़ फसल पर किसानों ने हल चला दिया। किसानों की ओर से खराब फसल उजाड़ने का यह क्रम आगे भी जारी रह सकता है। लेकिन नहरी विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा।
जानकारी देते हुए गांव धर्मपुरा के किसान साहब राम, देवी लाल, राजिंद्र कुमार व रणधीर ने बताया कि गांव के करीब एक दर्जन से अधिक किसानों का नरमा पानी की कमी के कारण खराब हो गया। साहब राम ने बताया कि खेतों में पूरी नमी न होने के कारण बोया गया सारा बीज नहीं उग पाया। उसके बाद भयंकर गर्मी और सिंचाई पानी की कमी के कारण अधिकतर पौधे उगते ही सूख गए। जबकि बाकी की फसल पानी न मिलने से तबाह हो गई। किसानों ने बताया कि अप्रैल से लेकर अब तक दौतलपुरा माइनर में अक्सर ही पानी की कमी रही है और जब नहर में पानी आया तो गांव के किसानों की बारी ही नहीं आ पाई तब तक दूसरी बार नहरबंदी शुरू हो गई। किसान रामेश्वर, हरीराम, धर्मवीर और बिल्लू राम ने बताया कि अब तक उन्होंने ट्यूबवेलों से सिंचाई कर नरमें की फसल इतनी बड़ी की थी। लेकिन इसके बाद भी फसल में टिंडे नहीं लगे। जिससे उन्हें फसल पर ट्रैक्टर चलाने को मजबूर होना पड़ा। इन किसानों ने सरकार से उनकी खराब हुई फसलों की गिरदावरी करवाकर उचित मुआवजा देने की मांग की है। इस बारे में सिंचाई विभाग के एक्सईएन से संपर्क किया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।
इस समाचार की फोटो एबीआर 3 और 4 भेजी जा रही है।
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पानी की कमी के कारण किसानों की फसलें हुईं खराब
अमर उजाला ब्यूरो
अबोहर। नहरी पानी की कमी और मौसम की मार के चलते हल्का बल्लूआना के गांव धर्मपुरा में खराब हुई नरमें की कई एकड़ फसल पर किसानों ने हल चला दिया। किसानों की ओर से खराब फसल उजाड़ने का यह क्रम आगे भी जारी रह सकता है। लेकिन नहरी विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा।
जानकारी देते हुए गांव धर्मपुरा के किसान साहब राम, देवी लाल, राजिंद्र कुमार व रणधीर ने बताया कि गांव के करीब एक दर्जन से अधिक किसानों का नरमा पानी की कमी के कारण खराब हो गया। साहब राम ने बताया कि खेतों में पूरी नमी न होने के कारण बोया गया सारा बीज नहीं उग पाया। उसके बाद भयंकर गर्मी और सिंचाई पानी की कमी के कारण अधिकतर पौधे उगते ही सूख गए। जबकि बाकी की फसल पानी न मिलने से तबाह हो गई। किसानों ने बताया कि अप्रैल से लेकर अब तक दौतलपुरा माइनर में अक्सर ही पानी की कमी रही है और जब नहर में पानी आया तो गांव के किसानों की बारी ही नहीं आ पाई तब तक दूसरी बार नहरबंदी शुरू हो गई। किसान रामेश्वर, हरीराम, धर्मवीर और बिल्लू राम ने बताया कि अब तक उन्होंने ट्यूबवेलों से सिंचाई कर नरमें की फसल इतनी बड़ी की थी। लेकिन इसके बाद भी फसल में टिंडे नहीं लगे। जिससे उन्हें फसल पर ट्रैक्टर चलाने को मजबूर होना पड़ा। इन किसानों ने सरकार से उनकी खराब हुई फसलों की गिरदावरी करवाकर उचित मुआवजा देने की मांग की है। इस बारे में सिंचाई विभाग के एक्सईएन से संपर्क किया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।
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