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रोड जाम कर प्राइवेट हस्पताल के खिलाफ नारेबाजी की
Updated Mon, 23 Apr 2018 10:45 PM IST
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डॉक्टर पर लगाया लापरवाही का आरोप
रोड जाम कर प्राइवेट अस्पताल के खिलाफ नारेबाजी की
अमर उजाला ब्यूरो
दसूहा। विवाहिता की मौत से गुस्साए परिजनों ने रोड जाम कर प्राइवेट अस्पताल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विरोध स्वरूप परिजनों ने हाईवे जाम कर दिया। पुलिस के आश्वासन के बाद परिजनों ने जाम खोल दिया। परिजनों ने आरोप लगाया की उनकी बेटी की मौत अस्पताल की लापरवाही से हुई है।
चाचा सुरजीत सिंह ने बताया की मृतका मधुबाला का विवाह चार माह पहले ही मुशाहपुर के मिलाप कुमार से हुआ था। गर्भवती होने के कारण उसका उपचार दसूहा चोपड़ा अस्पताल में चल रहा था। 15 अप्रैल को भतीजी की हालत खराब होने पर उसे अस्पताल लाया गया। यहां डॉक्टरों ने उसकी हालत को देखते हुए उसे अस्पताल में दाखिल कर लिया। अस्पताल की डॉ. मोनिका ने लड़की का अल्ट्रासाउंड करने के लिए कहा। इसमें पता चला कि बेटी के पेट में दो बच्चे थे। उन्हें बताया गया कि बच्चे जुड़वां हैं और पूरी तरह ठीक हैं। 21 अप्रैल को मधुबाला को ज्यादा तकलीफ होने लगी। इसपर रविवारसुबह बताया गया कि बच्चों की हालत ठीक नहीं है। इसलिए उसे जालंधर रेफर करना पड़ेगा। करीब 2 बजे मधुबाला को लेकर उसकी माता बबली, सास मधु देवी जालंधर के एक प्राइवेट अस्पताल के लिए निकल पड़े। जालंधर अस्पताल पहुंचते ही अभी फाइल ही तैयार कर रहे थे कि उन्हें फोन आया की मधुबाला की मौत हो चुकी है।
कार्रवाई न होती देखे चाचा ने फाड़े कपड़े
मधुबाला के चाचा अस्पताल के डाक्टरों की लापरवाही की शिकायत लेकर थाणे पहुंचे। जहां पर उन्हें कोई आश्वासन न मिलने पर उन्होंने गुस्से में अपने कपड़े फाड़ दिए। डीएसपी रजिंदर शर्मा ने बताया की मृतक के परिजनों ने चोपड़ा अस्पताल की डॉक्टर के खिलाफ शिकायत दी है। इस रिपोर्ट को डीसी के समक्ष दे दिया जाएगा। जो ऊपर से आदेश आएंगे उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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वहीं डॉ. मोनिका चोपड़ा के पति अजय चोपड़ा का कहना है कि उन्हें मृतक के परिजनों के साथ संवेदना है। उन्होंने मधुबाला का पूरा इलाज किया। वह भी उनके साथ जालंधर अस्पताल के लिए निकले थे। रास्ते में ही मृतका को खून की उलटी आई। इसके बाद उसने दम तोड़ दिया। परिवार ने जो आरोप लगाए हैं वह गलत हैं। पुलिस जांच कर रही है जो भी निकल के सामने आएगा वह उन्हें मंजूर है।
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रोड जाम कर प्राइवेट अस्पताल के खिलाफ नारेबाजी की
अमर उजाला ब्यूरो
दसूहा। विवाहिता की मौत से गुस्साए परिजनों ने रोड जाम कर प्राइवेट अस्पताल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विरोध स्वरूप परिजनों ने हाईवे जाम कर दिया। पुलिस के आश्वासन के बाद परिजनों ने जाम खोल दिया। परिजनों ने आरोप लगाया की उनकी बेटी की मौत अस्पताल की लापरवाही से हुई है।
चाचा सुरजीत सिंह ने बताया की मृतका मधुबाला का विवाह चार माह पहले ही मुशाहपुर के मिलाप कुमार से हुआ था। गर्भवती होने के कारण उसका उपचार दसूहा चोपड़ा अस्पताल में चल रहा था। 15 अप्रैल को भतीजी की हालत खराब होने पर उसे अस्पताल लाया गया। यहां डॉक्टरों ने उसकी हालत को देखते हुए उसे अस्पताल में दाखिल कर लिया। अस्पताल की डॉ. मोनिका ने लड़की का अल्ट्रासाउंड करने के लिए कहा। इसमें पता चला कि बेटी के पेट में दो बच्चे थे। उन्हें बताया गया कि बच्चे जुड़वां हैं और पूरी तरह ठीक हैं। 21 अप्रैल को मधुबाला को ज्यादा तकलीफ होने लगी। इसपर रविवारसुबह बताया गया कि बच्चों की हालत ठीक नहीं है। इसलिए उसे जालंधर रेफर करना पड़ेगा। करीब 2 बजे मधुबाला को लेकर उसकी माता बबली, सास मधु देवी जालंधर के एक प्राइवेट अस्पताल के लिए निकल पड़े। जालंधर अस्पताल पहुंचते ही अभी फाइल ही तैयार कर रहे थे कि उन्हें फोन आया की मधुबाला की मौत हो चुकी है।
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कार्रवाई न होती देखे चाचा ने फाड़े कपड़े
मधुबाला के चाचा अस्पताल के डाक्टरों की लापरवाही की शिकायत लेकर थाणे पहुंचे। जहां पर उन्हें कोई आश्वासन न मिलने पर उन्होंने गुस्से में अपने कपड़े फाड़ दिए। डीएसपी रजिंदर शर्मा ने बताया की मृतक के परिजनों ने चोपड़ा अस्पताल की डॉक्टर के खिलाफ शिकायत दी है। इस रिपोर्ट को डीसी के समक्ष दे दिया जाएगा। जो ऊपर से आदेश आएंगे उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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वहीं डॉ. मोनिका चोपड़ा के पति अजय चोपड़ा का कहना है कि उन्हें मृतक के परिजनों के साथ संवेदना है। उन्होंने मधुबाला का पूरा इलाज किया। वह भी उनके साथ जालंधर अस्पताल के लिए निकले थे। रास्ते में ही मृतका को खून की उलटी आई। इसके बाद उसने दम तोड़ दिया। परिवार ने जो आरोप लगाए हैं वह गलत हैं। पुलिस जांच कर रही है जो भी निकल के सामने आएगा वह उन्हें मंजूर है।