फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   कनाडा के डाक्टरों ने सेलरीज को नहीं लेने की बात कह कायम की मिसाल

कनाडा के डाक्टरों ने सेलरीज को नहीं लेने की बात कह कायम की मिसाल

Sat, 24 Mar 2018 10:15 PM IST
Updated Sat, 24 Mar 2018 10:15 PM IST
विज्ञापन
कनाडा के डाक्टरों ने सेलरीज को नहीं लेने की बात कह कायम की मिसाल
कनाडा के डाक्टरों ने सैलरी न लेकर कायम की मिसाल
विज्ञापन

भारत में वायरल हुए वहाट्सएप मैसेज से हुआ कनाडा व भारत के डाक्टरों की विचारधाराओं का खुलासा
अमर उजाला ब्यूरो
बरनाला।
मरीजों को सहूलियत मिले या न मिले, लेकिन भारत के डाक्टरों को हर साल सैलरी में बढ़ोतरी, कम काम, घर में प्रेक्टिस करने की इजाजत व अन्य सहूलियतें चाहिए। जबकि कनाडा के डाक्टरों ने यह कहकर दुनिया में मिसाल कायम की है कि उन्हें सैलरी ही नहीं चाहिए। यह बात विदेशी मीडिया की और यहां मोबाइल फोन द्वारा व्हाट्सएप पर वायरल पर मैसेज से सामने आई है। जिसमें वहां क्यूबेक (कनाडा) में 800 सामान्य चिकित्सकों और चिकित्सा विशेषज्ञों ने इकजुट हो अदालत में हस्ताक्षरित एक याचिका दायर कर सैलरी लेने से इनकार कर दिया है।
डौग क्रिस और कर्मा हसन की रिपोर्ट के मुताबिक कनाडा में 25 फरवरी से शुरू हुए अभियान पर 10 मार्च तक 700 से अधिक चिकित्सकों, सामान्य चिकित्सकों, विशेषज्ञों, और मेडिकल छात्रों ने इस याचिका पर हस्ताक्षर किए हैं। डाक्टरों का कहना है कि मरीजों के इलाज व देखभाल में नर्सें, क्लर्क और सेहत सेवाएं प्रदान करने में जुड़े अन्य लोगों को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। वायरल व्हाट्सएप मैसेज में लिखा है कि कनाडा के डॉक्टर पिछले महीने प्रांतीय सरकार के साथ वार्ता के बाद मिल गए सैकड़ों लाखों की राशि नहीं चाहते थे। इसके बजाय, वे कहते हैं कि उनकी सैलरी नर्सों और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं व व्यवस्थाओं में सुधार लाने और रोगियों के इलाज को किफायती बनाने के लिए धन को पुनर्वितरित किया जाना चाहिए।
विज्ञापन

सरकार ने भी बजट में किया प्रावधान
बता दें कि प्राइवेट कालेजों में एमडी में दाखिला लेने के लिए एमबीबीएस डाक्टरों को 2/2 करोड़ रुपये डोनेशन देना पड़ता हैं। लेकिन बाद में तैनाती होने पर डाक्टरों को करीब 70-75 हजार रुपये देने का ऐलान किया। जिसे शनिवार को प्रदेश सरकार द्वारा पास बजट में पारित भी कर दिया। गौर हो कि डाक्टरों के भारी भरकम वेतन के बावजूद मरीजों को डाक्टरों द्वारा सेवाएं नहीं दी जा रहीं। डाक्टर अधिकतर इस कोशिश में होते हैं कि जैसे तैसे सरकारी अस्पताल के मरीज उनके प्राइवेट ओपीडी में पहुंचें।
विज्ञापन
विज्ञापन


फोटो कैप्शन : 24 बीएनएल-61पी- कनाडा के डाक्टरों द्वारा सेलरी से इनकार करने युक्त वहाट्सएप पर वायरल हुआ मैसेज।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed