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गिप्पी ग्रेवाल की गीतों पर झूमें लोग
Updated Sat, 17 Mar 2018 10:45 PM IST
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गिप्पी ग्रेवाल के गानों पर झूमे लोग
डीसी पर वादाखिलाफी का लगाया आरोप
बरनाला।
अश्लील गायकी के विरुद्ध एक दर्जन सामाजिक, धार्मिक व राजनीतिक संगठनों के सख्त विरोध के बावजूद भी गिप्पी ग्रेवाल की नाइट सफल रही। दूसरी तरफ विभिन्न संगठनों ने कहा कि जिला के डीसी घनश्याम थोरी ने विरोध कर रहे संगठनों को पिछले एक हफ्ते से आश्वासन दिया था कि गिप्पी गरेवाल की नाइट में लड़कियों के खिलाफ और हथियारों पर गीत नहीं बजेंगे। लेकिन गिप्पी गरेवाल ने आते ही अखाड़े की शुरुआत अश्लील गीत, मुंडिया नू चडदी ठारी-ठारी उसदी हीट ते, से की। इसके बाद कि पिंड नानके, मासी दे गई सी, दिन आ लेण दे जैसे गाने गाए। पीछे बैठे लोग बैरिकेड से छलांग लगाकर प्रेस गैलरी में आ गए। जिस कारण मीडिया कर्मियों के परिवारों के भारी मुश्किल हो गई। लेकिन वहां खडे पुलिस अधिकारी खडे होकर यह हुलडबाजी देखते रहे। जब महिलाओं ने चीखना शुरू किया तो एक सीनियर पत्रकार ने महिलाओं को बैरीकेड टपाकर बाहर निकाला। लेकिन यह सब कुछ पुलिस अधिकारी मूक दर्शक बनकर देखते रहे। इस तरह पुलिस के कुप्रबंधों एवं ढीली कार्यप्रणाली की विभिन्न संगठनों जोरदार निंदा की। प्रशासन ने लोगों को गेट नंबर 2 से स्टेज के पास बनी गैलरी में बैठने के लिए 1-1 हजार की टिकट बेची। पूरी तरह से अव्यवस्था फैलने के कारण भीड़ जमा होने पर गेट नंबर 2 से एंट्री बंद कर दी गई। प्रोग्राम शुरू होने पर जब लोग अंदर जाने की जिद करने लगे तो पुलिस ने उनकी धुनाई कर डाली और इर्द गिर्द के कस्बों के पत्रकार, जिनकी पुलिस को पहचान नहीं थी, पुुलिस ने उनकी भी पिटाई कर डाली। दूसरी तरफ सेवा सिंह कृपाण बहादुर फाउंडेशन के चेयरमैन तरणजीत सिंह दुग्गल व दो दर्जन के करीब संगठनों ने डीसी घनश्याम थोरी पर आरोप लगाया कि डीसी ने उनके साथ किया वादा तोड़ा है। जबकि डीसी ने उनको भरोसा दिलाया था कि गिप्गी ग्रेवाल अश्लील गीत नही गाएगा, लेकिन गिप्पी ने शुरूआत ही अश्लील गीत से की।
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डीसी पर वादाखिलाफी का लगाया आरोप
बरनाला।
अश्लील गायकी के विरुद्ध एक दर्जन सामाजिक, धार्मिक व राजनीतिक संगठनों के सख्त विरोध के बावजूद भी गिप्पी ग्रेवाल की नाइट सफल रही। दूसरी तरफ विभिन्न संगठनों ने कहा कि जिला के डीसी घनश्याम थोरी ने विरोध कर रहे संगठनों को पिछले एक हफ्ते से आश्वासन दिया था कि गिप्पी गरेवाल की नाइट में लड़कियों के खिलाफ और हथियारों पर गीत नहीं बजेंगे। लेकिन गिप्पी गरेवाल ने आते ही अखाड़े की शुरुआत अश्लील गीत, मुंडिया नू चडदी ठारी-ठारी उसदी हीट ते, से की। इसके बाद कि पिंड नानके, मासी दे गई सी, दिन आ लेण दे जैसे गाने गाए। पीछे बैठे लोग बैरिकेड से छलांग लगाकर प्रेस गैलरी में आ गए। जिस कारण मीडिया कर्मियों के परिवारों के भारी मुश्किल हो गई। लेकिन वहां खडे पुलिस अधिकारी खडे होकर यह हुलडबाजी देखते रहे। जब महिलाओं ने चीखना शुरू किया तो एक सीनियर पत्रकार ने महिलाओं को बैरीकेड टपाकर बाहर निकाला। लेकिन यह सब कुछ पुलिस अधिकारी मूक दर्शक बनकर देखते रहे। इस तरह पुलिस के कुप्रबंधों एवं ढीली कार्यप्रणाली की विभिन्न संगठनों जोरदार निंदा की। प्रशासन ने लोगों को गेट नंबर 2 से स्टेज के पास बनी गैलरी में बैठने के लिए 1-1 हजार की टिकट बेची। पूरी तरह से अव्यवस्था फैलने के कारण भीड़ जमा होने पर गेट नंबर 2 से एंट्री बंद कर दी गई। प्रोग्राम शुरू होने पर जब लोग अंदर जाने की जिद करने लगे तो पुलिस ने उनकी धुनाई कर डाली और इर्द गिर्द के कस्बों के पत्रकार, जिनकी पुलिस को पहचान नहीं थी, पुुलिस ने उनकी भी पिटाई कर डाली। दूसरी तरफ सेवा सिंह कृपाण बहादुर फाउंडेशन के चेयरमैन तरणजीत सिंह दुग्गल व दो दर्जन के करीब संगठनों ने डीसी घनश्याम थोरी पर आरोप लगाया कि डीसी ने उनके साथ किया वादा तोड़ा है। जबकि डीसी ने उनको भरोसा दिलाया था कि गिप्गी ग्रेवाल अश्लील गीत नही गाएगा, लेकिन गिप्पी ने शुरूआत ही अश्लील गीत से की।