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कर्ज में डूबे युवा किसान ने की आत्महत्या
Updated Mon, 04 Dec 2017 10:26 PM IST
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कर्ज से परेशान युवा किसान ने की आत्महत्या
आजाद हिंद फौज के सिपाही का पौत्र था सुरजीत सिंह
अबोहर।
गांव खुईखेड़ा रुकनपुरा निवासी सुरजीत सिंह ने सोमवार सुबह जहर निगलकर आत्महत्या कर ली। युवक आजाद हिंद फौज में सिपाही रहे अर्जुन सिंह का पौत्र था। पौत्र
मृतक सुरजीत सिंह (37) के पिता सुखविंदर सिंह ने बताया कि उनके पिता अर्जुन सिंह ने आजाद हिंद फौज में नेता जी के साथ देश की आजादी में योगदान दिया था। पिता की मौत के बाद सरकार ने उनके परिवार के किसी सदस्य को सरकारी नौकरी नहीं दी। वह कृषि करने लगे। सात एकड़ जमीन में काफी समय से फसल अच्छी न होने के कारण उन्होंने तीन वर्ष पूर्व एचडीएफसी बैंक शाखा वरियामखेड़ा से सात लाख का कर्ज लिया था। ब्याज सहित जो 10 लाख का हो गया। करीब तीन लाख रुपये आढ़तियों का भी कर्ज थ। इस कारण उनका बेटा सुरजीत सिंह काफी समय से मानसिक रूप से परेशान रहता था। पहले भी वह दो बार आत्महत्या की कोशिश कर चुका था। सोमवार सुबह उसने जहर निगल लिया। गंभीर हालत देखते हुए डॉक्टरों ने उसे फरीदकोट रेफर कर दिया लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। मृतक के परिजनों ने सरकार से उनका कर्ज माफ करने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है।
इस समाचार की फोटो एबीआर 1 भेजी जा रही है।
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आजाद हिंद फौज के सिपाही का पौत्र था सुरजीत सिंह
अबोहर।
गांव खुईखेड़ा रुकनपुरा निवासी सुरजीत सिंह ने सोमवार सुबह जहर निगलकर आत्महत्या कर ली। युवक आजाद हिंद फौज में सिपाही रहे अर्जुन सिंह का पौत्र था। पौत्र
मृतक सुरजीत सिंह (37) के पिता सुखविंदर सिंह ने बताया कि उनके पिता अर्जुन सिंह ने आजाद हिंद फौज में नेता जी के साथ देश की आजादी में योगदान दिया था। पिता की मौत के बाद सरकार ने उनके परिवार के किसी सदस्य को सरकारी नौकरी नहीं दी। वह कृषि करने लगे। सात एकड़ जमीन में काफी समय से फसल अच्छी न होने के कारण उन्होंने तीन वर्ष पूर्व एचडीएफसी बैंक शाखा वरियामखेड़ा से सात लाख का कर्ज लिया था। ब्याज सहित जो 10 लाख का हो गया। करीब तीन लाख रुपये आढ़तियों का भी कर्ज थ। इस कारण उनका बेटा सुरजीत सिंह काफी समय से मानसिक रूप से परेशान रहता था। पहले भी वह दो बार आत्महत्या की कोशिश कर चुका था। सोमवार सुबह उसने जहर निगल लिया। गंभीर हालत देखते हुए डॉक्टरों ने उसे फरीदकोट रेफर कर दिया लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। मृतक के परिजनों ने सरकार से उनका कर्ज माफ करने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है।
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