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जीएसटी
Updated Thu, 15 Jun 2017 01:08 AM IST
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दवाओं पर जीएसटी नहीं किया जाए लागू : गोयल
हरियाणा फार्मेसी काउंसिल के चेयरमैन ने केंद्र और राज्य को लिखा पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
हरियाणा राज्य फार्मेसी काउंसिल के चेयरमैन कृष्ण चंद गोयल एवं रजिस्ट्रार अरुण पराशर ने केंद्र सरकार से दवाओं पर जीएसटी लागू करने पर रोष जताया है। उन्होंने कहा कि दवाएं लोग खुशी से नहीं, बल्कि मजबूरी के लिए खाते हैं। केसी गोयल ने कहा कि दवाओं पर टैक्स लगाने से आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। कई दवाओं के रेट आसमान छू रहे हैं, ऐसे में लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ेगी। केसी गोयल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को पत्र लिखकर दवाओं पर जीएसटी लागू करने का निर्णय वापस लेने की मांग की है। अरुण पराशर ने कहा कि हालांकि हरियाणा के अस्पतालों में लोगों को दवाएं मुफ्त मिल रही हैं। लेकिन अधिकतर लोगों को बाहर से भी खरीदनी पड़ती हैं। इसलिए जीएसटी से दवाओं को मुक्ति मिलनी जरूरी है।
साथ ही केसी गोयल ने दवाओं की ऑनलाइन खरीद का भी विरोध किया। हरियाणा में इस समय 30 हजार फार्मासिस्ट हैं, जिनमें से तीन हजार सरकारी नौकरी कर हैं, जबकि सात हजार केमिस्टों की दुकानों पर हैं। जबकि 20 हजार के करीब बेरोजगार हैं, ऐसे में यह कानून बेरोजगारी को बढ़ावा देंगे। केसी गोयल ने केंद्र एवं राज्य सरकार से मांग की है कि ड्रग रूल 65 (15) एवं फार्मेसी एक्ट की धारा 42 को सख्ती से लागू किया जाए, ताकि मरीजों को सही दवाएं मिल सके। होलसेल लाइसेंस के लिए फार्मासिस्ट होना जरूरी है।
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हरियाणा फार्मेसी काउंसिल के चेयरमैन ने केंद्र और राज्य को लिखा पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
हरियाणा राज्य फार्मेसी काउंसिल के चेयरमैन कृष्ण चंद गोयल एवं रजिस्ट्रार अरुण पराशर ने केंद्र सरकार से दवाओं पर जीएसटी लागू करने पर रोष जताया है। उन्होंने कहा कि दवाएं लोग खुशी से नहीं, बल्कि मजबूरी के लिए खाते हैं। केसी गोयल ने कहा कि दवाओं पर टैक्स लगाने से आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। कई दवाओं के रेट आसमान छू रहे हैं, ऐसे में लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ेगी। केसी गोयल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को पत्र लिखकर दवाओं पर जीएसटी लागू करने का निर्णय वापस लेने की मांग की है। अरुण पराशर ने कहा कि हालांकि हरियाणा के अस्पतालों में लोगों को दवाएं मुफ्त मिल रही हैं। लेकिन अधिकतर लोगों को बाहर से भी खरीदनी पड़ती हैं। इसलिए जीएसटी से दवाओं को मुक्ति मिलनी जरूरी है।
साथ ही केसी गोयल ने दवाओं की ऑनलाइन खरीद का भी विरोध किया। हरियाणा में इस समय 30 हजार फार्मासिस्ट हैं, जिनमें से तीन हजार सरकारी नौकरी कर हैं, जबकि सात हजार केमिस्टों की दुकानों पर हैं। जबकि 20 हजार के करीब बेरोजगार हैं, ऐसे में यह कानून बेरोजगारी को बढ़ावा देंगे। केसी गोयल ने केंद्र एवं राज्य सरकार से मांग की है कि ड्रग रूल 65 (15) एवं फार्मेसी एक्ट की धारा 42 को सख्ती से लागू किया जाए, ताकि मरीजों को सही दवाएं मिल सके। होलसेल लाइसेंस के लिए फार्मासिस्ट होना जरूरी है।
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