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पीएचडी स्कॉलर से छेड़छाड़ में युवक को एक साल कैद
Updated Tue, 27 Mar 2018 01:43 AM IST
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रिसर्च स्कॉलर से छेड़छाड़ में युवक को एक साल कैद
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
पीजीआई में पीएचडी की रिसर्च स्कॉलर से छेड़खानी के मामले में जिला अदालत ने 23 वर्षीय युवक को एक साल की सजा सुनाई है। सजा पाने वाला जींद (हरियाणा) का रहने वाला विक्रम है। उसके खिलाफ सेक्टर-11 थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर पिछले साल सितंबर में मामला दर्ज किया था।
हिमाचल प्रदेश निवासी शिकायतकर्ता ने पुलिस को दी शिकायत में कहा था कि वह पीजीआई हॉस्टल में रहती है और रिसर्च स्कॉलर है। 9 सितंबर 2017 को घटना वाले दिन सुबह पीजीआई के गेट नंबर-1 पर खड़ी थी। इस दौरान विक्रम वहां आया और जानबूझकर उनसे टकरा गया। उसके टकराने के पीछे उसका मकसद उन्हें अनुचित रूप से छूना था। इसके बाद उसने हाथ में पकड़ी सिगरेट भी उस पर फेंकने की कोशिश की।
वहीं, बचाव पक्ष के वकील रविंदर भट्टी के अनुसार, दोषी मानसिक रूप से बीमार है। वह पीजीआई के आसपास खाने की तलाश में घूम रहा था क्योंकि कई अस्पतालों के बाहर लोगों को मुफ्त खाना बांटा जाता है। हालांकि, अदालत ने तर्क सुनने के बाद विक्रम को छेड़छाड़ के लिए दोषी ठहराया और एक साल की सजा सुनाई।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
पीजीआई में पीएचडी की रिसर्च स्कॉलर से छेड़खानी के मामले में जिला अदालत ने 23 वर्षीय युवक को एक साल की सजा सुनाई है। सजा पाने वाला जींद (हरियाणा) का रहने वाला विक्रम है। उसके खिलाफ सेक्टर-11 थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर पिछले साल सितंबर में मामला दर्ज किया था।
हिमाचल प्रदेश निवासी शिकायतकर्ता ने पुलिस को दी शिकायत में कहा था कि वह पीजीआई हॉस्टल में रहती है और रिसर्च स्कॉलर है। 9 सितंबर 2017 को घटना वाले दिन सुबह पीजीआई के गेट नंबर-1 पर खड़ी थी। इस दौरान विक्रम वहां आया और जानबूझकर उनसे टकरा गया। उसके टकराने के पीछे उसका मकसद उन्हें अनुचित रूप से छूना था। इसके बाद उसने हाथ में पकड़ी सिगरेट भी उस पर फेंकने की कोशिश की।
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वहीं, बचाव पक्ष के वकील रविंदर भट्टी के अनुसार, दोषी मानसिक रूप से बीमार है। वह पीजीआई के आसपास खाने की तलाश में घूम रहा था क्योंकि कई अस्पतालों के बाहर लोगों को मुफ्त खाना बांटा जाता है। हालांकि, अदालत ने तर्क सुनने के बाद विक्रम को छेड़छाड़ के लिए दोषी ठहराया और एक साल की सजा सुनाई।
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