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14 हजार तालाबों का होगा नवीनीकरण, 600 करोड़ की धनराशि जारी : डिप्टी सीएम
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चंडीगढ़। हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र के करीब 14 हजार तालाबों का मॉडर्न टेक्नोलॉजी से नवीनीकरण किया जाएगा। इसके लिए 600 करोड़ रुपये की धनराशि जारी कर दी गई है।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि प्रथम चरण के तहत लगभग 4500 तालाबों के पानी की सफाई के लिए ‘हरियाणा जल संसाधन (संरक्षण, विनियमन और प्रबंधन) प्राधिकरण’ को निर्देश दिए गए हैं। नई टेक्नोलॉजी से ऐसी व्यवस्था की जाएगी जिससे तालाब का पुराना पानी कृषि क्षेत्र में प्रयोग होता रहे और नहरों से नया पानी तालाब में आता रहे।
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि प्रदेश के कई गांवों की गलियां पानी से भरी रहती हैं। इस गंदे पानी की निकासी का कोई स्थायी प्रबंध नहीं है, जिसके कारण कई बार लोगों के आपसी झगड़े भी होते हैं। गांव की फिरनी के साथ सड़कें तो बना दी गई हैं, लेकिन उन सड़कों के पास घरों से निकले गंदे पानी का भराव बना रहता है जिसके कारण वे सड़कें भी जल्दी टूट जाती हैं। उन्होंने अधिकारियों को फिरनी के साथ-साथ पानी की निकासी के पुख्ता प्रबंध करने के निर्देश दिए गए हैं। गांवों के तालाबों का बरसात के दिनों में ओवरफ्लो रोकने तथा हर वर्ष तालाबों की सफाई करने की योजना बनाई जाएगी। ओवरफ्लो के पानी को सिंचाई में प्रयोग किया जा सके।
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उपमुख्यमंत्री ने बताया कि प्रथम चरण के तहत लगभग 4500 तालाबों के पानी की सफाई के लिए ‘हरियाणा जल संसाधन (संरक्षण, विनियमन और प्रबंधन) प्राधिकरण’ को निर्देश दिए गए हैं। नई टेक्नोलॉजी से ऐसी व्यवस्था की जाएगी जिससे तालाब का पुराना पानी कृषि क्षेत्र में प्रयोग होता रहे और नहरों से नया पानी तालाब में आता रहे।
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दुष्यंत चौटाला ने कहा कि प्रदेश के कई गांवों की गलियां पानी से भरी रहती हैं। इस गंदे पानी की निकासी का कोई स्थायी प्रबंध नहीं है, जिसके कारण कई बार लोगों के आपसी झगड़े भी होते हैं। गांव की फिरनी के साथ सड़कें तो बना दी गई हैं, लेकिन उन सड़कों के पास घरों से निकले गंदे पानी का भराव बना रहता है जिसके कारण वे सड़कें भी जल्दी टूट जाती हैं। उन्होंने अधिकारियों को फिरनी के साथ-साथ पानी की निकासी के पुख्ता प्रबंध करने के निर्देश दिए गए हैं। गांवों के तालाबों का बरसात के दिनों में ओवरफ्लो रोकने तथा हर वर्ष तालाबों की सफाई करने की योजना बनाई जाएगी। ओवरफ्लो के पानी को सिंचाई में प्रयोग किया जा सके।
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