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डार
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डार में कला और नृत्य का संगम
-पंजाब कला भवन में आयोजित किया डार
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। जिंद माही जे चल्यों पटियाले, उत्थों लेआवीं रेशमी नाले.. यह है वो बोलियां जिन पर डार ग्रुप के सदस्यों ने लुड्डी और गिद्दे की परफरमेंस दी। इस मौके पर फोक आर्केस्टा भी प्ले किया गया। पंजाब की लुड्डी, भंगड़ा, जिंदुआ और दूसरी ओर दिल को छू लेने वाली थीम पर तैयार पेंटिंग्स। यह है डार ग्रुप द्वारा आयोजित शो। चंडीगढ़ के पंजाब कला भवन में आयोजित इस शो का उद्घाटन पंजाब आर्ट्स काउंसिल के चेयरमैन सुरजीत पातर ने किया। उनके साथ यहां पंजाब ललित कला अकादमी के दीवान माना और निंदर घुग्यानवी और कलाकार प्रीती जैन मौजूद रहे।
डार के उद्घाटन के मौके पर सुरजीत पातर ने कहा कि यह एक अनूठा समारोह है, जिसमें पंजाब की दोनों कलाओं का संगम है। उन्होंने कहा कि एक कलाकार जिसने पेंटिंग्स तैयार की हैं उसमें से कई परफारमेंस भी दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब की लोक कला को सहेजने का इससे शानदार तरीका और हो ही नहीं सकता है। सुरजीत पातर ने कहा कि फोटोग्राफी, पेंटिंग्स और पंजाबी लोक कलाएं सभी साहित्य से जुड़ी हैं। उन्होंने हरेक चित्र को ध्यान से देखा और उनके बारे में जानकारी हासिल की। इस मौके पर दीवान माना ने कहा कि ऐसे शो का आयोजन किया जाना चाहिए, जिससे युवा टैलेंट को आगे बढ़ने का मौका मिलता है और वह अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं। डार के परवेज कुमार ने बताया कि डार एक डांस, आर्ट और रिसर्च पर आधारित संस्था है। इसमें आर्ट ग्राफिक्स, फोटोग्राफी और स्कल्पचर सभी शामिल हैं। इसके साथ ही कल्चरल इवनिंग रखी गई है। इसमें तीस आर्टिस्टों के सत्तर 70 आर्ट वर्क प्रदर्शित किए गए हैं।
कई अवार्ड जीते हैं अजय ने
अजय कलवानिया ने बताया कि वह वर्ष 2012 से फोटोग्राफी कर रहे हैं। उन्होंने कई अवार्ड जीते हैं। इसमें चंडीगढ़ ललित कला अकादमी, इंडियन अकादमी ऑफ फाइन आर्ट फोटोग्राफी अवार्ड भी हैं। उन्होंने बताया कि इस फेस्ट के दौैरान उनके ग्रुप द्वारा भंगड़ा की परफारमेंस दी जा रही है।
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प्रिंट मेकिंग है चैलेंजिंग वर्क
राहुल धीमान ने कहा कि प्रिंट मेकिंग एक चैलेंजिंग वर्क है। उन्होंने यहां पर लगाए गए वर्क को वुड कर्व पर तैयार किया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपना वुड वर्क दो माह में तैयार किया है। इसमें एक ब्लाक रेडी होता है और दूसरा इंक लगाकर तैयार किया जाता है। इसको मशीन में डालकर प्रिंट निकालते हैं।
पेंटिंग में उतारती हैं ट्रेवलिंग का अनुभव
रश्मिता कनौजिया ने बताया कि वह ट्रेवल करती हैं और उसी के अनुभव से आर्ट वर्क तैयार करती हैं। वह जहां जाती हैं वहां की संस्कृति को देखती हैं और उसके बाद प्रिंट मेंकिंग की तैयारी करते हैं। उन्होंने चंडीगढ़ के पंजाब कला भवन में जोधपुर से संबंधित प्रिंट मेकिंग लगाई है। इसमें उन्होंने तीन कुली बनाए हैं और एक हास्टल रूम की पेंटिंग्स लगाई है।
लीफ और डॉग का संबंध दिखाया
विनोद कुमार ने अपनी प्रिंट मेकिंग में पत्ते और डाग का संबंध दिखाया है। विनोद वास्तव में अंकुर स्कूल में अध्यापक हैं और उन्होंने अपनी पेंटिंग में वह पत्ते लिए हैं जो कि मोच आने पर लगाया जाता है। उनकी पेंटिंग में छोटे छोटे स्लीपर बने हैं।
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-पंजाब कला भवन में आयोजित किया डार
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। जिंद माही जे चल्यों पटियाले, उत्थों लेआवीं रेशमी नाले.. यह है वो बोलियां जिन पर डार ग्रुप के सदस्यों ने लुड्डी और गिद्दे की परफरमेंस दी। इस मौके पर फोक आर्केस्टा भी प्ले किया गया। पंजाब की लुड्डी, भंगड़ा, जिंदुआ और दूसरी ओर दिल को छू लेने वाली थीम पर तैयार पेंटिंग्स। यह है डार ग्रुप द्वारा आयोजित शो। चंडीगढ़ के पंजाब कला भवन में आयोजित इस शो का उद्घाटन पंजाब आर्ट्स काउंसिल के चेयरमैन सुरजीत पातर ने किया। उनके साथ यहां पंजाब ललित कला अकादमी के दीवान माना और निंदर घुग्यानवी और कलाकार प्रीती जैन मौजूद रहे।
डार के उद्घाटन के मौके पर सुरजीत पातर ने कहा कि यह एक अनूठा समारोह है, जिसमें पंजाब की दोनों कलाओं का संगम है। उन्होंने कहा कि एक कलाकार जिसने पेंटिंग्स तैयार की हैं उसमें से कई परफारमेंस भी दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब की लोक कला को सहेजने का इससे शानदार तरीका और हो ही नहीं सकता है। सुरजीत पातर ने कहा कि फोटोग्राफी, पेंटिंग्स और पंजाबी लोक कलाएं सभी साहित्य से जुड़ी हैं। उन्होंने हरेक चित्र को ध्यान से देखा और उनके बारे में जानकारी हासिल की। इस मौके पर दीवान माना ने कहा कि ऐसे शो का आयोजन किया जाना चाहिए, जिससे युवा टैलेंट को आगे बढ़ने का मौका मिलता है और वह अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं। डार के परवेज कुमार ने बताया कि डार एक डांस, आर्ट और रिसर्च पर आधारित संस्था है। इसमें आर्ट ग्राफिक्स, फोटोग्राफी और स्कल्पचर सभी शामिल हैं। इसके साथ ही कल्चरल इवनिंग रखी गई है। इसमें तीस आर्टिस्टों के सत्तर 70 आर्ट वर्क प्रदर्शित किए गए हैं।
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कई अवार्ड जीते हैं अजय ने
अजय कलवानिया ने बताया कि वह वर्ष 2012 से फोटोग्राफी कर रहे हैं। उन्होंने कई अवार्ड जीते हैं। इसमें चंडीगढ़ ललित कला अकादमी, इंडियन अकादमी ऑफ फाइन आर्ट फोटोग्राफी अवार्ड भी हैं। उन्होंने बताया कि इस फेस्ट के दौैरान उनके ग्रुप द्वारा भंगड़ा की परफारमेंस दी जा रही है।
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प्रिंट मेकिंग है चैलेंजिंग वर्क
राहुल धीमान ने कहा कि प्रिंट मेकिंग एक चैलेंजिंग वर्क है। उन्होंने यहां पर लगाए गए वर्क को वुड कर्व पर तैयार किया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपना वुड वर्क दो माह में तैयार किया है। इसमें एक ब्लाक रेडी होता है और दूसरा इंक लगाकर तैयार किया जाता है। इसको मशीन में डालकर प्रिंट निकालते हैं।
पेंटिंग में उतारती हैं ट्रेवलिंग का अनुभव
रश्मिता कनौजिया ने बताया कि वह ट्रेवल करती हैं और उसी के अनुभव से आर्ट वर्क तैयार करती हैं। वह जहां जाती हैं वहां की संस्कृति को देखती हैं और उसके बाद प्रिंट मेंकिंग की तैयारी करते हैं। उन्होंने चंडीगढ़ के पंजाब कला भवन में जोधपुर से संबंधित प्रिंट मेकिंग लगाई है। इसमें उन्होंने तीन कुली बनाए हैं और एक हास्टल रूम की पेंटिंग्स लगाई है।
लीफ और डॉग का संबंध दिखाया
विनोद कुमार ने अपनी प्रिंट मेकिंग में पत्ते और डाग का संबंध दिखाया है। विनोद वास्तव में अंकुर स्कूल में अध्यापक हैं और उन्होंने अपनी पेंटिंग में वह पत्ते लिए हैं जो कि मोच आने पर लगाया जाता है। उनकी पेंटिंग में छोटे छोटे स्लीपर बने हैं।