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नाबालिग से दुराचार में युवक दोषी करार
Updated Wed, 14 Feb 2018 01:44 AM IST
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नाबालिग से दुराचार में युवक दोषी करार
- अदालत 15 फरवरी को सुनाएगी सजा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
जिला अदालत ने नाबालिग से दुराचार के मामले में 18 वर्षीय युवक को दोषी करार दिया है। धनास निवासी आसिफ खान के खिलाफ पुलिस ने जब केस दर्ज किया था, तब वह 17 साल का था। अदालत उसे 15 फरवरी को सजा सुनाएगी। उसके खिलाफ पुलिस ने 14 वर्षीय पीड़िता के पिता की शिकायत पर आईपीसी की धारा 376 व पॉक्सो 6 और 8 के तहत केस दर्ज किया था।
11 मार्च 2016 को आसिफ के खिलाफ पीड़िता के पिता ने नाबालिग बेटी से दुराचार की शिकायत दी थी। आरोप के अनुसार पीड़िता का पिता आसिफ को जानता था। घटना से कुछ दिन पहले वह शहर से बाहर गए हुए थे। इसी दौरान उनकी बेटी लापता हो गई। आसिफ ने उन्हें वादा किया था कि वह उनकी बेटी को तलाश कर लाएगा। उनकी बेटी तीन दिन तक लापता रही थी। इसके बाद शिकायतकर्ता को उस पर शक हुआ था।
कोर्ट में मजिस्ट्रेट के समक्ष सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दिए बयान में पीड़िता ने कहा था कि आसिफ के जन्मदिन पार्टी के बाद वह उसके साथ उसके घर गई थी। वहां दोषी के पिता ने उसे केक खाने को दिया। केक खाने के बाद वह बेहोश हो गई। करीब तीन दिन तक वह उसके घर में बदहवासी की हालत में रही। इसी दौरान आसिफ ने उससे दुराचार किया। उसके घर आने पर उसने पिता को इस बारे में बताया। इसके बाद आसिफ के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया।
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वहीं, बचाव पक्ष के अनुसार पीड़िता और आसिफ दोनों एक-दूसरे को जानते थे। इसी दौरान दोनों में शारीरिक संबंध बने थे। पीड़िता ने अपने बयान में कहा भी था कि वह आसिफ से प्यार करती थी। कोर्ट में आफिस की ओर से बनाई गई कुछ वीडियो क्लिप भी पेश की गई थी। ट्रायल के बाद अदालत ने आसिफ को दोषी करार दिया। अदालत उसे 15 फरवरी को सजा सुनाएगी।
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- अदालत 15 फरवरी को सुनाएगी सजा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
जिला अदालत ने नाबालिग से दुराचार के मामले में 18 वर्षीय युवक को दोषी करार दिया है। धनास निवासी आसिफ खान के खिलाफ पुलिस ने जब केस दर्ज किया था, तब वह 17 साल का था। अदालत उसे 15 फरवरी को सजा सुनाएगी। उसके खिलाफ पुलिस ने 14 वर्षीय पीड़िता के पिता की शिकायत पर आईपीसी की धारा 376 व पॉक्सो 6 और 8 के तहत केस दर्ज किया था।
11 मार्च 2016 को आसिफ के खिलाफ पीड़िता के पिता ने नाबालिग बेटी से दुराचार की शिकायत दी थी। आरोप के अनुसार पीड़िता का पिता आसिफ को जानता था। घटना से कुछ दिन पहले वह शहर से बाहर गए हुए थे। इसी दौरान उनकी बेटी लापता हो गई। आसिफ ने उन्हें वादा किया था कि वह उनकी बेटी को तलाश कर लाएगा। उनकी बेटी तीन दिन तक लापता रही थी। इसके बाद शिकायतकर्ता को उस पर शक हुआ था।
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कोर्ट में मजिस्ट्रेट के समक्ष सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दिए बयान में पीड़िता ने कहा था कि आसिफ के जन्मदिन पार्टी के बाद वह उसके साथ उसके घर गई थी। वहां दोषी के पिता ने उसे केक खाने को दिया। केक खाने के बाद वह बेहोश हो गई। करीब तीन दिन तक वह उसके घर में बदहवासी की हालत में रही। इसी दौरान आसिफ ने उससे दुराचार किया। उसके घर आने पर उसने पिता को इस बारे में बताया। इसके बाद आसिफ के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया।
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वहीं, बचाव पक्ष के अनुसार पीड़िता और आसिफ दोनों एक-दूसरे को जानते थे। इसी दौरान दोनों में शारीरिक संबंध बने थे। पीड़िता ने अपने बयान में कहा भी था कि वह आसिफ से प्यार करती थी। कोर्ट में आफिस की ओर से बनाई गई कुछ वीडियो क्लिप भी पेश की गई थी। ट्रायल के बाद अदालत ने आसिफ को दोषी करार दिया। अदालत उसे 15 फरवरी को सजा सुनाएगी।