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Panchkula News: हाईकोर्ट ने 35 हेड और सेंटर हेड टीचरों की नियुक्ति का रास्ता किया साफ

Mon, 07 Sep 2026 09:00 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 07 Sep 2026 09:00 PM IST
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High Court clears the way for the appointment of 35 Head Teachers and Center Head Teachers.
कहा- दो साल बीतने का हवाला देकर नौकरी से नहीं रोक सकती सरकार
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चयन सूची को मनमाने ढंग से नजरअंदाज नहीं कर सकता राज्य
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब के सरकारी स्कूलों में 35 शिक्षकों की नियुक्ति का रास्ता साफ किया है। हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार के उस आदेश को रद्द किया जिसमें भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के दो वर्ष बीत जाने का हवाला दिया गया था। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल समय बीत जाना चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति से वंचित करने का वैध आधार नहीं हो सकता।
जस्टिस कुलदीप तिवारी ने 7 सितंबर को यह फैसला सुनाया। उन्होंने बालकर राम व अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई की। कोर्ट ने 9 जुलाई 2021 और 18 अगस्त 2021 के संबंधित आदेशों को रद्द किया। हाईकोर्ट ने 16 हेड टीचर और 19 सेंटर हेड टीचर अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी करने का निर्देश दिया। उनकी योग्यता और मेरिट के अनुसार नियुक्ति की जाएगी। यह मामला वर्ष 2019 की भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा है। पंजाब शिक्षा विभाग ने 375 सेंटर हेड टीचर और 1558 हेड टीचर पदों के लिए भर्ती निकाली थी।
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भर्ती प्रक्रिया और रोक :

लिखित परीक्षा के बाद चयन प्रक्रिया आगे बढ़ी थी। कुछ पद अभ्यर्थियों के जॉइन न करने से खाली रह गए। तीसरे चरण में 16 हेड टीचर और 19 सेंटर हेड टीचर अभ्यर्थियों से स्टेशन की पसंद मांगी गई। 5 जुलाई 2021 को इन अभ्यर्थियों ने प्रक्रिया में हिस्सा लिया। 7-8 जुलाई 2021 को जिला शिक्षा अधिकारियों को नियुक्ति पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए।
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हाईकोर्ट का निर्णय :
विभाग ने 9 जुलाई 2021 को नियुक्ति पत्र जारी करने पर रोक लगाई और 18 अगस्त 2021 को भर्ती प्रक्रिया समाप्त कर दी। सरकार ने तर्क दिया कि भर्ती शुरू हुए दो वर्ष बीत चुके हैं, इसलिए प्रतीक्षा सूची से नियुक्ति नियमों के विपरीत होगी। हाईकोर्ट ने पाया कि प्रतीक्षा सूची की वैधता को दो वर्ष तक सीमित करने वाला कोई प्रभावी नियम नहीं था। कोर्ट ने कहा कि सरकार चयन सूची को मनमाने ढंग से नजरअंदाज नहीं कर सकती और रिक्तियां होने पर मेरिट का सम्मान करना होगा। विभाग को दो माह के भीतर प्रक्रिया पूरी करनी होगी; स्वीकृत पद न होने पर अतिरिक्त पद सृजित किए जा सकते हैं।
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