फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   पक्षीगणना : संख्या हुई आधी, प्रजातियां बढ़ीं

पक्षीगणना : संख्या हुई आधी, प्रजातियां बढ़ीं

Mon, 12 Nov 2018 01:52 AM IST
Updated Mon, 12 Nov 2018 01:52 AM IST
विज्ञापन
पक्षीगणना : संख्या हुई आधी, प्रजातियां बढ़ीं
सुखना पर इस बार 40 फीसदी कम पहुंचे पक्षी, प्रजातियां बढ़ीं
विज्ञापन

सबहेड
पक्षी गणना : पिछले साल नवंबर तक दिखे थे 717 पक्षी, इस बार 417 पक्षी ही पहुंचे
प्वाइंटर
सुखना लेक में कम ज्यादा होने और रोइंग गतिविधियां अधिक होने से पक्षियों की संख्या घटी

अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पक्षी प्रेमियों को इस बार थोड़ी मायूसी हाथ लग सकती है। सुखना लेक पर इस बार सिर्फ 417 पक्षी पहुंचे हैं, जबकि पिछले वर्ष नवंबर तक 717 पक्षी दिखे थे। ऐसे में यह आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले करीब 40 फीसदी कम है। पक्षियों की संख्या कम होने के पीछे विशेषज्ञों का तर्क है कि इस बार सुखना लेक पर पानी काफी अधिक है। प्रवासी पक्षी काई में रहने वाले कीड़ों को खाते हैं। पानी का स्तर कम होने के कारण काई दिखती और पक्षी कीड़ों को मजे से खाते हैं। इस बार पानी ज्यादा होने के कारण काई नजर नहीं आ रही। हालांकि अच्छी बात यह है कि भले ही इनकी संख्या कम हो, लेकिन प्रजातियां ज्यादा दिखी हैं।
जल पक्षियों की बात करें तो पिछली बार कुल 28 प्रजातियां दिखी थीं जबकि इस बार इनकी 31 प्रजातियां नजर आई हैं। सुखना लेक समेत नगर वन और फारेस्ट एरिया की बात करें तो तीनों जगह पक्षियों की कुल 98 प्रजातियां दिखी हैं जबकि पिछली बार सिर्फ 91 प्रजातियां ही दिखी थीं। चंडीगढ़ बर्ड्स क्लब हर साल दो बार पक्षियों की गणना करता है। एक बार नवंबर में और दूसरी बार फरवरी में। यह गणना भारत के बर्डमैन डा. सलीम अली के जन्मदिवस के उपलक्ष्य पर आयोजित की जाती है। पक्षियों की गणना का मकसद यह जानना है कि चंडीगढ़ में पक्षियों के आने का क्या ट्रेंड है। यहां पर पक्षी कम आते हैं तो उसके कारणों को तलाशा जाता है। फिर ग्लोबल ट्रेंड देखते हैं। दोनों का आकलन करते हैं और फिर निष्कर्ष निकालते हैं। उसके बाद डाटा को चंडीगढ़ फारेस्ट डिपार्टमेंट के साथ साझा करते हैं।
विज्ञापन


इसलिए पक्षियों की प्रजाति बढ़ी
चंडीगढ़ बर्ड्स क्लब के प्रधान एमएस सेखों ने बताया कि पक्षियों की प्रजाति बढ़ना एक अच्छा संकेत है। जिन पक्षियों की संख्या बढ़ी है, वे पेड़ों पर रहने वाले पक्षी हैं। इसकी बड़ी वजह नगर वन का विकसित होना है। यहां पर बर्ड्स क्लब ने चंडीगढ़ प्रशासन के लिए साथ मिलकर पक्षियों के लिए अनुकूल माहौल बनाया। रहने के लिए ठौर-ठिकाने बनाए। खाने के लिए फलदार पेड़ लगाए। पीने के लिए नई वाटर बाडीज बनाई गई। माहौल मिलने से लगातार पक्षियों की संख्या बढ़ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पक्षियों की संख्या कम होने के पीछे ये भी एक कारण
पक्षी विशेषज्ञों ने बताया है कि सुखना लेक पर रोइंग प्रतियोगिता लगातार बढ़ती जा रही है। इनमें भाग लेने वाले प्रतिभागियों की संख्या भी बढ़ी। इसके अतिरिक्त लेक पर बोट व शिकारे भी बढ़े हैं। इससे पानी पर हलचल और शोरशराबा भी बढ़ा है। इस वजह से भी पक्षियों की संख्या में कमी आई है। पक्षी एकांत और शांत स्थल ज्यादा पसंद करते हैं। पक्षियों की संख्या कम होने के पीछे यह भी एक वजह है। दूसरा पानी अधिक होने के कारण आईलैंड से जैसी जगह भी यहां पर नहीं है। पिछली बार पानी कम होने से रेग्युलेटरी एंड के किनारे काफी संख्या में पक्षी अठखेलियां करती दिख जाती थीं।

कौन से पक्षी दिखे और कौन से नहीं
पक्षियों की गणना के दौरान इस बार हेडेड गीज, रेड क्रिस्टेड पोचार्ड और ब्राउन हेडेड बर्ड्स नहीं दिखे, जबकि पिछली बार इनकी काफी संख्या थी। ये प्रमुख प्रवासी पक्षी हैं। इस बार ऑसप्रे, बार टेल्ड ट्रीक्रीपर, एशि ड्रैंगो और पीयरग्राइन फाल्कन पक्षी दिखे हैं। ये पिछली बार नहीं दिखे थे। इस बार सबसे ज्यादा संख्या में कॉमन पोचार्ड दिखीं। गणना के दौरान करीब इनकी संख्या 103 दिखी। उसके बाद रूडी शेल्डक।


पक्षियों को कैसे देख सकते हैं
यदि आप भी पक्षी प्रेमी हैं और उनके बारे में जानना व देखना चाहते हैं तो सुखना लेक के रेग्युलेटरी एंड पर जाना होगा। सुबह और शाम काफी संख्या में पक्षी होते हैं। नगर वन में भी जाकर पक्षियों की अठखेलियां देख सकते हैं। बर्ड्स क्लब और चंडीगढ़ प्रशासन हर महीने के तीसरे रविवार को नगर वन में बर्ड वॉक का आयोजन करते हैं। इसमें बर्ड्स क्लब के सदस्य भी मौजूद रहते हैं, जो पक्षियों के बारे में विस्तार से जानकारी देते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed