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लेडी कांस्टेबल को एएसआई पद पर प्रमोट करने के लिए विचार करने के आदेश
Updated Sun, 08 Jul 2018 01:44 AM IST
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लेडी कांस्टेबल की एएसआई के पद पर नियुक्ति के लिए विचार करने के आदेश
- कैट ने यूटी पुलिस के पुराने आदेश खारिज कर जारी किए आदेश
- कहा, महिला अभ्यर्थी को योग्य होने पर प्रमोट करने को कहा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) ने चंडीगढ़ पुलिस की ओर से महिला कांस्टेबल की रिप्रेजेंटेशन खारिज कर उसे एएसआई के पद पर नियुक्ति न देने के आदेश को पलटते हुए याचिकाकर्ता को एएसआई पद पर अप्वाइंटमेंट देने के लिए विचार करने के आदेश दिए हैं। ट्रिब्यूनल ने अपने आदेश में कहा कि यदि एक महिला कांस्टेबल पद के लिए योग्य है तो उसे जनरल कैटेगरी में खाली पड़ी पुरुष कोटे की एएसआई पोस्ट पर प्रमोट कर देना चाहिए। ट्रिब्यूनल में यह याचिका वर्तमान में यूटी पुलिस में बतौर कांस्टेबल तैनात जसकिरणदीप कौर ने दायर की थी।
जसकिरणदीप कौर ने ट्रिब्यूनल में यह याचिका तब दायर की थी, जब उसने पुरुष वर्ग की जनरल कैटेगरी में खाली पड़ी एएसआई की पोस्ट पर उसे प्रमोट करने के लिए विभाग के समक्ष रिप्रेजेंटेशन दी थी। लेकिन, चंडीगढ़ पुलिस के आलाधिकारियों की ओर से इस पर ऑब्जेक्शन लगा कर इसे खारिज कर दिया था। इन आदेशों के खिलाफ जसकिरणदीप कौर ने कैट में याचिका दायर की थी। इस पर ट्रिब्यूनल ने चंडीगढ़ पुलिस के उक्त आदेशों को दरकिनार करते हुए पुलिस अधिकारियों को इस बारे में विचार करने और योग्य होने पर उसे प्रमोट करने के आदेश दिए हैं।
जसकिरणदीप कौर (32) ने चंडीगढ़ प्रशासन के 26 अक्तूबर 2016 को जारी आदेशों के खिलाफ कैट में याचिका दायर कर दी। इसमें कहा गया था कि यूटी प्रशासन ने 18 फरवरी 2007 को चंडीगढ़ पुलिस में एएसआई की 20 पोस्ट के लिए विज्ञापन जारी किया था। इनमें पुरुष की 16 और महिलाओं के लिए 4 सीट रिजर्व थी। इन नियुक्तियों में सामान्य वर्ग के लिए 10, ओबीसी के लिए 5 और एससी के लिए 3 व एक्स सर्विसमैन के पारिवारिक सदस्यों के लिए 2 सीटें थीं। कैंडीडेट्स का एएसआई की पोस्ट पर चयन स्टैंडिंग आर्डर के तहत होना था। याचिकाकर्ता के अनुसार, वह सामान्य वर्ग से थी और पद के लिए पूर्ण योग्य थी। इसलिए उसने इस पद के लिए आवेदन किया था। 15 से 18 मई 2007 के बीच उसका फिजिकल व अन्य टेस्ट हुए थे। इसके बाद 23 दिसंबर 2007 को लिखित परीक्षा हुई थी। सफल अभ्यर्थियों की सूची जारी होने के बाद 21 जनवरी 2008 को उन्हें इंटरव्यू के लिए बुलाया गया। वह मेरिट लिस्ट में 16वें नंबर पर थी। इसके बावजूद उसे केवल इस आधार पर एएसआई प्रमोट करने से रिजेक्ट कर दिया गया कि, उसका दावा केवल महिला कोटे के लिए रिजर्व सीट पर ही बनता है न कि पुरुष कैटेगरी की मेरिट के लिए रखी सीट पर।
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ट्रिब्यूनल की विशेष टिप्पणी...
जब दूसरे व्यक्ति की अप्वाइंटमेंट बिना किसी अंतर के कर दी गई तो महिला अथ्यर्थी को केवल इस ग्राउंड पर प्रमोट न करना कि वह सीट पुरुष कैटेगरी के लिए रिजर्व है और वह महिला है। इसका कोई अर्थ नहीं बनता। अगर महिला अभ्यर्थी उक्त पद के योग्य है तो उसका चयन किया जाना चाहिए।
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- कैट ने यूटी पुलिस के पुराने आदेश खारिज कर जारी किए आदेश
- कहा, महिला अभ्यर्थी को योग्य होने पर प्रमोट करने को कहा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) ने चंडीगढ़ पुलिस की ओर से महिला कांस्टेबल की रिप्रेजेंटेशन खारिज कर उसे एएसआई के पद पर नियुक्ति न देने के आदेश को पलटते हुए याचिकाकर्ता को एएसआई पद पर अप्वाइंटमेंट देने के लिए विचार करने के आदेश दिए हैं। ट्रिब्यूनल ने अपने आदेश में कहा कि यदि एक महिला कांस्टेबल पद के लिए योग्य है तो उसे जनरल कैटेगरी में खाली पड़ी पुरुष कोटे की एएसआई पोस्ट पर प्रमोट कर देना चाहिए। ट्रिब्यूनल में यह याचिका वर्तमान में यूटी पुलिस में बतौर कांस्टेबल तैनात जसकिरणदीप कौर ने दायर की थी।
जसकिरणदीप कौर ने ट्रिब्यूनल में यह याचिका तब दायर की थी, जब उसने पुरुष वर्ग की जनरल कैटेगरी में खाली पड़ी एएसआई की पोस्ट पर उसे प्रमोट करने के लिए विभाग के समक्ष रिप्रेजेंटेशन दी थी। लेकिन, चंडीगढ़ पुलिस के आलाधिकारियों की ओर से इस पर ऑब्जेक्शन लगा कर इसे खारिज कर दिया था। इन आदेशों के खिलाफ जसकिरणदीप कौर ने कैट में याचिका दायर की थी। इस पर ट्रिब्यूनल ने चंडीगढ़ पुलिस के उक्त आदेशों को दरकिनार करते हुए पुलिस अधिकारियों को इस बारे में विचार करने और योग्य होने पर उसे प्रमोट करने के आदेश दिए हैं।
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जसकिरणदीप कौर (32) ने चंडीगढ़ प्रशासन के 26 अक्तूबर 2016 को जारी आदेशों के खिलाफ कैट में याचिका दायर कर दी। इसमें कहा गया था कि यूटी प्रशासन ने 18 फरवरी 2007 को चंडीगढ़ पुलिस में एएसआई की 20 पोस्ट के लिए विज्ञापन जारी किया था। इनमें पुरुष की 16 और महिलाओं के लिए 4 सीट रिजर्व थी। इन नियुक्तियों में सामान्य वर्ग के लिए 10, ओबीसी के लिए 5 और एससी के लिए 3 व एक्स सर्विसमैन के पारिवारिक सदस्यों के लिए 2 सीटें थीं। कैंडीडेट्स का एएसआई की पोस्ट पर चयन स्टैंडिंग आर्डर के तहत होना था। याचिकाकर्ता के अनुसार, वह सामान्य वर्ग से थी और पद के लिए पूर्ण योग्य थी। इसलिए उसने इस पद के लिए आवेदन किया था। 15 से 18 मई 2007 के बीच उसका फिजिकल व अन्य टेस्ट हुए थे। इसके बाद 23 दिसंबर 2007 को लिखित परीक्षा हुई थी। सफल अभ्यर्थियों की सूची जारी होने के बाद 21 जनवरी 2008 को उन्हें इंटरव्यू के लिए बुलाया गया। वह मेरिट लिस्ट में 16वें नंबर पर थी। इसके बावजूद उसे केवल इस आधार पर एएसआई प्रमोट करने से रिजेक्ट कर दिया गया कि, उसका दावा केवल महिला कोटे के लिए रिजर्व सीट पर ही बनता है न कि पुरुष कैटेगरी की मेरिट के लिए रखी सीट पर।
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ट्रिब्यूनल की विशेष टिप्पणी...
जब दूसरे व्यक्ति की अप्वाइंटमेंट बिना किसी अंतर के कर दी गई तो महिला अथ्यर्थी को केवल इस ग्राउंड पर प्रमोट न करना कि वह सीट पुरुष कैटेगरी के लिए रिजर्व है और वह महिला है। इसका कोई अर्थ नहीं बनता। अगर महिला अभ्यर्थी उक्त पद के योग्य है तो उसका चयन किया जाना चाहिए।