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बैंक मैनेजर की जमानत याचिका खारिज
Updated Thu, 22 Feb 2018 02:24 AM IST
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आईसीआईसीआई बैंक के पूर्व मैनेजर की जमानत याचिका खारिज
13 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
13 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में जिला अदालत ने आईसीआईसीआई बैंक के पूर्व वेल्थ मैनेजर अरुण सलूजा की जमानत याचिका सुनवाई के बाद खारिज कर दी। सलूजा के खिलाफ मनीमाजरा थाने में पिछले साल धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं के तहत संबंधित केस दर्ज किया गया था।
इससे पहले आरोपी की ओर से दायर जमानत याचिका में कहा गया था कि उसके खिलाफ पुलिस ने झूठा केस दर्ज किया है। उसका केस से कोई लेना-देना नहीं है। उसने जमानत मिलने पर पुलिस को जांच में सहयोग करने और केस को प्रभावित न करने की दलील दी थी। वहीं अभियोजन पक्ष की ओर से आरोपी की जमानत का यह कहते हुए विरोध किया गया था कि आरोपी ने कुछ और लोगों के साथ भी लाखों रुपये की धोखाधड़ी की हुई है। अगर आरोपी को जमानत दी गई तो वह इसे जंप कर सकता है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद एडीजे आरके शर्मा की अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी।
यह है मामला
कृष्णा लता शर्मा की शिकायत पर दर्ज मामले के अनुसार उन्होंने अरुण के जरिए बैंक में 19 मई 2017 को 13 लाख रुपये जमा करवाए थे। इसके बाद अरुण ने उनके पैसे इंवेस्ट करने की बात कहते हुए उनसे दो चेक मांगे थे। आरोप के अनुसार अरुण ने पहले पत्नी के नाम पर उनके खाते से 6.50 लाख रुपये निकलवाए। इसके बाद उसने 22 मई को पत्नी के बिजनेस एसोसिएट के नाम पर उनके खाते से फिर 6.50 लाख रुपये निकलवाए। उसने यह पैसे बिना कृष्णा को जानकारी दिए बिना उनके खाते से निकलवा। 15 दिन बाद जब कृष्णा ने पासबुक में एंट्री करवाई तो पता चला कि उनके खाते से 13 लाख रुपये निकाले गए हैं। जब उन्होंने पैसाें को लेकर अरुण से संपर्क किया तो उसने बताया कि उसने ही उनके पैसे एक बेहतरीन फंड में इंवेस्ट किए हैं। कुछ समय बाद अरुण ने उनके खाते में 55 हजार रुपये जमा करवाए और उन्हें बताया कि उनके द्वारा इंवेस्ट किए गए रुपयों का ब्याज है। कृष्णा ने अरुण से कहा कि उसके पति दिल के मरीज हैं और उन्हें पैसों की जरूरत रहती है। उन्हें ब्याज नहीं बल्कि अपने 13 लाख रुपये चाहिए। इसके बाद जब उन्हाेंने पैसों के बारे में मनीमाजरा स्थित निजी बैंक की शाखा से जानकारी मांगी तो उन्हें पता चला कि बैंक ने अरुण के खिलाफ शिकायत दी है और वह इस तरह से ही कई लोगों से पैसों की धोखाधड़ी कर फरार हो चुका है। उसके घर, पत्नी के बिजनेस सभी जगह ताले लगे हैं। इसके बाद उन्हें उनके साथ हुई धोखाधड़ी का पता चला और उन्होंने पुलिस को इसकी शिकायत दी।
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13 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
13 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में जिला अदालत ने आईसीआईसीआई बैंक के पूर्व वेल्थ मैनेजर अरुण सलूजा की जमानत याचिका सुनवाई के बाद खारिज कर दी। सलूजा के खिलाफ मनीमाजरा थाने में पिछले साल धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं के तहत संबंधित केस दर्ज किया गया था।
इससे पहले आरोपी की ओर से दायर जमानत याचिका में कहा गया था कि उसके खिलाफ पुलिस ने झूठा केस दर्ज किया है। उसका केस से कोई लेना-देना नहीं है। उसने जमानत मिलने पर पुलिस को जांच में सहयोग करने और केस को प्रभावित न करने की दलील दी थी। वहीं अभियोजन पक्ष की ओर से आरोपी की जमानत का यह कहते हुए विरोध किया गया था कि आरोपी ने कुछ और लोगों के साथ भी लाखों रुपये की धोखाधड़ी की हुई है। अगर आरोपी को जमानत दी गई तो वह इसे जंप कर सकता है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद एडीजे आरके शर्मा की अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी।
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यह है मामला
कृष्णा लता शर्मा की शिकायत पर दर्ज मामले के अनुसार उन्होंने अरुण के जरिए बैंक में 19 मई 2017 को 13 लाख रुपये जमा करवाए थे। इसके बाद अरुण ने उनके पैसे इंवेस्ट करने की बात कहते हुए उनसे दो चेक मांगे थे। आरोप के अनुसार अरुण ने पहले पत्नी के नाम पर उनके खाते से 6.50 लाख रुपये निकलवाए। इसके बाद उसने 22 मई को पत्नी के बिजनेस एसोसिएट के नाम पर उनके खाते से फिर 6.50 लाख रुपये निकलवाए। उसने यह पैसे बिना कृष्णा को जानकारी दिए बिना उनके खाते से निकलवा। 15 दिन बाद जब कृष्णा ने पासबुक में एंट्री करवाई तो पता चला कि उनके खाते से 13 लाख रुपये निकाले गए हैं। जब उन्होंने पैसाें को लेकर अरुण से संपर्क किया तो उसने बताया कि उसने ही उनके पैसे एक बेहतरीन फंड में इंवेस्ट किए हैं। कुछ समय बाद अरुण ने उनके खाते में 55 हजार रुपये जमा करवाए और उन्हें बताया कि उनके द्वारा इंवेस्ट किए गए रुपयों का ब्याज है। कृष्णा ने अरुण से कहा कि उसके पति दिल के मरीज हैं और उन्हें पैसों की जरूरत रहती है। उन्हें ब्याज नहीं बल्कि अपने 13 लाख रुपये चाहिए। इसके बाद जब उन्हाेंने पैसों के बारे में मनीमाजरा स्थित निजी बैंक की शाखा से जानकारी मांगी तो उन्हें पता चला कि बैंक ने अरुण के खिलाफ शिकायत दी है और वह इस तरह से ही कई लोगों से पैसों की धोखाधड़ी कर फरार हो चुका है। उसके घर, पत्नी के बिजनेस सभी जगह ताले लगे हैं। इसके बाद उन्हें उनके साथ हुई धोखाधड़ी का पता चला और उन्होंने पुलिस को इसकी शिकायत दी।
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