{"_id":"5a22dee74f1c1bc8678bf446","slug":"121512234727-panchkula-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"barnala1","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
barnala1
Updated Sat, 02 Dec 2017 10:42 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सभी गुरुद्वारों की संस्कृति को कायम रखना होगा लक्ष्य: लौंगोवाल
बरनाला पहुंचने पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के नव-निर्वाचित अध्यक्ष
अमर उजाला ब्यूरो
बरनाला।
सभी गुरुद्वारा साहिबानों की संस्कृति व मर्यादा को कायम रखना एसजीपीसी का मुख्य लक्ष्य रहेगा। यह बात एसजीपीसी के नव-निर्वाचित प्रधान लौंगोवाल ने कही। वह शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष चुने जाने के बाद पहली बार आज बरनाला स्थित गुरुद्वारा प्रधान कौर में आयोजित हुए सम्मान समारोह में शिरकत करने पहुंचे थे। जहां उन्हें सिरोपाय भी भेंट
किए गए। इस अवसर पर शिरोमणि अकाली दल की लोकल लीडरशिप भी मौजूद थी। पत्रकारों द्वारा पूछे गे सवाल कि उन्हें दल खालसा द्वारा डेरा मुखी से वोटें मांगने पर तनखहिया करार दिया है, के जवाब में एसजीपीसी अध्यक्ष लौंगोवाल ने कहा कि वह डेरा में नहीं गए। उन्होंने कहा धार्मिक विवादों को खत्म किया जाएगा। किसी किस्म की राजनीति नहीं होने दी जाएगी। लोगों को
सिखी से जोड़ने गुरुओं द्वारा दिखाए व बताए मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया जाएगा। समाज में फैली बुराइयों को खत्म करने के लिए अधिक से अधिक प्रयास किए जाएंगे। इस मौके पर मौजूद एसजीपीसी सदस्यों में परमजीत सिंह खालसा, दरबारा सिंह छीनीवाल, बलदेव सिंह चूंघा, संत बलवीर सिंह घुन्नस और एडवोकेट इंदर पाल सिंह के अलावा कई अकाली नेता उपस्थित थे।
विज्ञापन
2ड्ढठ्ठद्य-6.द्भश्चद्द
विज्ञापन
बरनाला पहुंचने पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के नव-निर्वाचित अध्यक्ष
अमर उजाला ब्यूरो
बरनाला।
सभी गुरुद्वारा साहिबानों की संस्कृति व मर्यादा को कायम रखना एसजीपीसी का मुख्य लक्ष्य रहेगा। यह बात एसजीपीसी के नव-निर्वाचित प्रधान लौंगोवाल ने कही। वह शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष चुने जाने के बाद पहली बार आज बरनाला स्थित गुरुद्वारा प्रधान कौर में आयोजित हुए सम्मान समारोह में शिरकत करने पहुंचे थे। जहां उन्हें सिरोपाय भी भेंट
किए गए। इस अवसर पर शिरोमणि अकाली दल की लोकल लीडरशिप भी मौजूद थी। पत्रकारों द्वारा पूछे गे सवाल कि उन्हें दल खालसा द्वारा डेरा मुखी से वोटें मांगने पर तनखहिया करार दिया है, के जवाब में एसजीपीसी अध्यक्ष लौंगोवाल ने कहा कि वह डेरा में नहीं गए। उन्होंने कहा धार्मिक विवादों को खत्म किया जाएगा। किसी किस्म की राजनीति नहीं होने दी जाएगी। लोगों को
विज्ञापन
सिखी से जोड़ने गुरुओं द्वारा दिखाए व बताए मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया जाएगा। समाज में फैली बुराइयों को खत्म करने के लिए अधिक से अधिक प्रयास किए जाएंगे। इस मौके पर मौजूद एसजीपीसी सदस्यों में परमजीत सिंह खालसा, दरबारा सिंह छीनीवाल, बलदेव सिंह चूंघा, संत बलवीर सिंह घुन्नस और एडवोकेट इंदर पाल सिंह के अलावा कई अकाली नेता उपस्थित थे।
विज्ञापन
2ड्ढठ्ठद्य-6.द्भश्चद्द