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नई नीति में धड़ाधड़ बंटेंगे रूट परमिट
Updated Mon, 26 Jun 2017 01:08 AM IST
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रूट परमिट से हटा ‘नंबर’ का बैरियर
- एक रूट पर तीन से पांच परमिट की नहीं रही अब बाध्यता
- निजी ऑपरेटर मुनाफे के रूट पर ले सकेंगे मनमाफिक परमिट
यशपाल शर्मा
चंडीगढ़।
हरियाणा की नई परिवहन नीति में सरकार ने निजी बस ऑपरेटरों के लिए मनमर्जी के रूट पर परमिट की संख्या का बैरियर हटा दिया है। फायदे वाले रूटों पर ऑपरेटर जितने चाहें, उतने रूट ले सकते हैं, अब तक एक रूट पर तीन से पांच के भीतर परमिट दिए जाने का ही प्रावधान था। जबकि, कुछ रूट पर चहेतों को इससे ज्यादा परमिट भी दिए जाते रहे हैं, लेकिन नई परिवहन नीति के अस्तित्व में आने पर यह बाध्यता खत्म हो जाएगी।
ऑपरेटर जितने चाहें, उतने रूटों के लिए आवेदन कर सकते हैं। इससे साफ हो गया है कि नई परिवहन नीति में फाइनल किए गए 452 रूट पर सैकड़ों के हिसाब से परमिट बांटे जाने के आसार बन गए हैं। सरकार ने 20 जून को नई परिवहन नीति की अधिसूचना जारी कर दी है, एक महीने के भीतर इस पर ट्रांसपोर्टर्स, रोडवेज कर्मियों और आम लोगों को अपने सुझाव और आपत्तियां देनी हैं। इनका निपटारा कर सुझावों को नीति में शामिल करने के बाद नई नीति अस्तित्व में आ जाएगी। जिसे लेकर द हरियाणा को-ऑपरेटिव ट्रांसपोर्ट सोसायटी वेलफेयर एसोसिएशन ने भी होमवर्क शुरू कर दिया है।
एसोसिएशन घाटे और फायदे वाले रूट चिह्नित कर रही है। उसके अनुसार ही परमिटों के लिए आवेदन किया जाएगा। साथ ही एसोसिएशन के प्रधान सुनील कुमार ने साफ कर दिया है कि वे अपने पुराने रूट पर बसें चलाते रहेंगे। उधर, रोडवेज कर्मी भी सरकार और निजी ऑपरेटरों के हर कदम पर नजर रखे हुए हैं। नीति उनके अनुरूप लागू न हुई तो फिर चक्का जाम तय है।
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परिवहन आयुक्त सुप्रभा दहिया का कहना है कि नई नीति में सुझाव व आपत्तियां आने के बाद संशोधन किया जाएगा। सरकार टकराव नहीं सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करना चाहती है। नए रूट पर परमिट के लिए ऑपरेटर जरूरत के हिसाब से आवेदन कर सकते हैं।
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- एक रूट पर तीन से पांच परमिट की नहीं रही अब बाध्यता
- निजी ऑपरेटर मुनाफे के रूट पर ले सकेंगे मनमाफिक परमिट
यशपाल शर्मा
चंडीगढ़।
हरियाणा की नई परिवहन नीति में सरकार ने निजी बस ऑपरेटरों के लिए मनमर्जी के रूट पर परमिट की संख्या का बैरियर हटा दिया है। फायदे वाले रूटों पर ऑपरेटर जितने चाहें, उतने रूट ले सकते हैं, अब तक एक रूट पर तीन से पांच के भीतर परमिट दिए जाने का ही प्रावधान था। जबकि, कुछ रूट पर चहेतों को इससे ज्यादा परमिट भी दिए जाते रहे हैं, लेकिन नई परिवहन नीति के अस्तित्व में आने पर यह बाध्यता खत्म हो जाएगी।
ऑपरेटर जितने चाहें, उतने रूटों के लिए आवेदन कर सकते हैं। इससे साफ हो गया है कि नई परिवहन नीति में फाइनल किए गए 452 रूट पर सैकड़ों के हिसाब से परमिट बांटे जाने के आसार बन गए हैं। सरकार ने 20 जून को नई परिवहन नीति की अधिसूचना जारी कर दी है, एक महीने के भीतर इस पर ट्रांसपोर्टर्स, रोडवेज कर्मियों और आम लोगों को अपने सुझाव और आपत्तियां देनी हैं। इनका निपटारा कर सुझावों को नीति में शामिल करने के बाद नई नीति अस्तित्व में आ जाएगी। जिसे लेकर द हरियाणा को-ऑपरेटिव ट्रांसपोर्ट सोसायटी वेलफेयर एसोसिएशन ने भी होमवर्क शुरू कर दिया है।
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एसोसिएशन घाटे और फायदे वाले रूट चिह्नित कर रही है। उसके अनुसार ही परमिटों के लिए आवेदन किया जाएगा। साथ ही एसोसिएशन के प्रधान सुनील कुमार ने साफ कर दिया है कि वे अपने पुराने रूट पर बसें चलाते रहेंगे। उधर, रोडवेज कर्मी भी सरकार और निजी ऑपरेटरों के हर कदम पर नजर रखे हुए हैं। नीति उनके अनुरूप लागू न हुई तो फिर चक्का जाम तय है।
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परिवहन आयुक्त सुप्रभा दहिया का कहना है कि नई नीति में सुझाव व आपत्तियां आने के बाद संशोधन किया जाएगा। सरकार टकराव नहीं सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करना चाहती है। नए रूट पर परमिट के लिए ऑपरेटर जरूरत के हिसाब से आवेदन कर सकते हैं।