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सता में बैठाने के लिए नहीं है संघ: डॉ कृष् ण गोपाल
Updated Mon, 19 Mar 2018 02:08 AM IST
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सत्ता में बैठाने के लिए नहीं है संघ: डॉ कृष्ण गोपाल
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से सेक्टर-27 के श्री रामलीला ग्राउंड में नववर्ष महोत्सव का आयोजन
आरएसएस के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल मुख्य वक्ता के रूप में स्वयंसेवकों को संबोधित किया
विक्रमी संवत 2075 नववर्ष के उपलक्ष्य पर आयोजित कार्यक्रम में हजारों लोग पहुंचे
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
संघ सत्ता में बैठाने के लिए नहीं है। बाल स्वयंसेवक, तरुण स्वयंसेवक, किशोर स्वयंसेवक व 90 वर्ष के स्वयंसेवक देश और समाज को जोड़ने में लगे हैं। वे सीएम, पीएम बनाने के लिए नहीं है। वे एक मकसद के लिए निकले हैं। देश के पुरुषार्थ का संकल्प है। आत्मविश्वास जगाने का काम शाखा का है। स्वयंसेवक देश की सभी सीमाओं के साथ देश के लिए काम करता है। स्वयंसेवक कहता है कि हिंदू समाज का दुख सुख मेरा है।
यह बात रविवार को सेक्टर-27 स्थित रामलीला ग्राउंड में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज हजारों विचारों को मानता है। देश और विश्व की चिंता करता है। कोई यह कहे कि पाकिस्तान नर्क में जाए इसे हिंदू समाज स्वीकार नहीं करेगा। हिंदू राष्ट्र किसी का विरोधी नहीं है। संघ ने विवाद समाप्त किया है। कुछ निहित स्वाथ के लोग झगड़ा कराते हैं। शाखा झगड़े समाप्त करता है। तमिलनाडु में हिंदी के झगड़ा होते थे। अब ऐसी स्थिति नहीं है। संघ ने इसे समाप्त किया है। उन्होंने कहा कि जो पहले कहते थे कि मंदिर नहीं बनने देंगे वहीं अब मंदिर बनाने की बात कर रहे हैं। यह संघ ने किया।
यह कार्यक्रम विक्रमी संवत 2075 नववर्ष के उपलक्ष्य पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से किया गया। इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवा कर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और परिवार पहुंचे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भावाधस के राष्ट्रीय मुख्य सर्वोच्च निदेशक एवं धर्मगुरु डॉ. देव सिंह अद्वैती पहुंचे। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह सरकार्यवाह डा. कृष्ण गोपाल ने शिरकत की।
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डॉॅ. कृष्ण गोपाल ने कहा कि आज भारतीय नववर्ष है। यह दिन सम्राट विक्रमादित्य की विजय का प्रतीक है। इस दिन श्रीरामचंद्र जी का राज्य अभिषेक भी हुआ था। इसी दिन सिंध प्रांत के प्रसिद्ध समाज रक्षक वरुणावतार संत झूलेलाल और सिखों के गुरु अंगद देव जी का जन्म हुआ था। चैत्र नवरात्रि भी इस दिन प्रारंभ होती हैं।
हिंदू राष्ट्र को सभी दृष्टि से वैभव संपन्न बनाने का कार्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वारा करने वाले संघ संस्थापक डॉक्टर केशव बलिराम हेडगेवार का जन्मदिन भी इसी दिन है। उन्होंने संघ को अपना जीवन समर्पित कर दिया और वह जीवन भर अपने समाज को दोषों से मुक्त करने के लिए प्रयत्न करते रहे। उनका जीवन हम सब के लिए प्रेरणा स्त्रोत है। हिंदू समाज सनातन काल से, हजारों वर्षों से इस भूमि पर रहता आ रहा है। वह सभी के कल्याण की चिंता करता है। सभी को साथ लेकर चलने का सिद्धांत भी हिंदू समाज का है। इस दृष्टि से हिंदू समाज को देखना चाहिए। इस दौरान उन्होंने सभी को नूतन वर्ष की शुभकामनाएं दी।
बॉक्स
नाटक का मंचन भी किया
इस दौरान संघ संस्थापक डॉ. हेडगेवार के जीवन पर आधारित नाटक का मंचन भी किया गया। इसके अलावा संघ के कार्यकर्ताओं ने विभिन्न कार्यक्रमों व देश भक्तिके गीतों को भी पेश किया। संघ के महानगर संघचालक त्रिलोकी नाथ ने बताया कि पहली बार चंडीगढ़ में नववर्ष का इस तरह के बड़े कार्यक्रम का आयोजन हुआ है।
बॉक्स
अपने एक बालक को संस्कृति का ज्ञान जरूर कराएं
भावाधस के राष्ट्रीय मुख्य सर्वोच्च निदेशक एवं धर्मगुरु डॉ. देव सिंह ने कहा कि संस्कृति को बचाने के लिए अपने एक बालक को संस्कृति का ज्ञान जरूर कराएं। उन्होंने कहा कि कंबोडिया में मुसलमान राम लीला करते हैं। इंडोनेशिया में बच्चों के जन्म पर लवकुश रामायण का पाठ कराते हैं। कंबोडिया के कोर्ट में रामायण पर हाथ रखकर शपथ दिलाते हैं। वाल्मीकि आश्रम में जातपात नहीं थी।
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से सेक्टर-27 के श्री रामलीला ग्राउंड में नववर्ष महोत्सव का आयोजन
आरएसएस के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल मुख्य वक्ता के रूप में स्वयंसेवकों को संबोधित किया
विक्रमी संवत 2075 नववर्ष के उपलक्ष्य पर आयोजित कार्यक्रम में हजारों लोग पहुंचे
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
संघ सत्ता में बैठाने के लिए नहीं है। बाल स्वयंसेवक, तरुण स्वयंसेवक, किशोर स्वयंसेवक व 90 वर्ष के स्वयंसेवक देश और समाज को जोड़ने में लगे हैं। वे सीएम, पीएम बनाने के लिए नहीं है। वे एक मकसद के लिए निकले हैं। देश के पुरुषार्थ का संकल्प है। आत्मविश्वास जगाने का काम शाखा का है। स्वयंसेवक देश की सभी सीमाओं के साथ देश के लिए काम करता है। स्वयंसेवक कहता है कि हिंदू समाज का दुख सुख मेरा है।
यह बात रविवार को सेक्टर-27 स्थित रामलीला ग्राउंड में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज हजारों विचारों को मानता है। देश और विश्व की चिंता करता है। कोई यह कहे कि पाकिस्तान नर्क में जाए इसे हिंदू समाज स्वीकार नहीं करेगा। हिंदू राष्ट्र किसी का विरोधी नहीं है। संघ ने विवाद समाप्त किया है। कुछ निहित स्वाथ के लोग झगड़ा कराते हैं। शाखा झगड़े समाप्त करता है। तमिलनाडु में हिंदी के झगड़ा होते थे। अब ऐसी स्थिति नहीं है। संघ ने इसे समाप्त किया है। उन्होंने कहा कि जो पहले कहते थे कि मंदिर नहीं बनने देंगे वहीं अब मंदिर बनाने की बात कर रहे हैं। यह संघ ने किया।
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यह कार्यक्रम विक्रमी संवत 2075 नववर्ष के उपलक्ष्य पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से किया गया। इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवा कर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और परिवार पहुंचे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भावाधस के राष्ट्रीय मुख्य सर्वोच्च निदेशक एवं धर्मगुरु डॉ. देव सिंह अद्वैती पहुंचे। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह सरकार्यवाह डा. कृष्ण गोपाल ने शिरकत की।
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डॉॅ. कृष्ण गोपाल ने कहा कि आज भारतीय नववर्ष है। यह दिन सम्राट विक्रमादित्य की विजय का प्रतीक है। इस दिन श्रीरामचंद्र जी का राज्य अभिषेक भी हुआ था। इसी दिन सिंध प्रांत के प्रसिद्ध समाज रक्षक वरुणावतार संत झूलेलाल और सिखों के गुरु अंगद देव जी का जन्म हुआ था। चैत्र नवरात्रि भी इस दिन प्रारंभ होती हैं।
हिंदू राष्ट्र को सभी दृष्टि से वैभव संपन्न बनाने का कार्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वारा करने वाले संघ संस्थापक डॉक्टर केशव बलिराम हेडगेवार का जन्मदिन भी इसी दिन है। उन्होंने संघ को अपना जीवन समर्पित कर दिया और वह जीवन भर अपने समाज को दोषों से मुक्त करने के लिए प्रयत्न करते रहे। उनका जीवन हम सब के लिए प्रेरणा स्त्रोत है। हिंदू समाज सनातन काल से, हजारों वर्षों से इस भूमि पर रहता आ रहा है। वह सभी के कल्याण की चिंता करता है। सभी को साथ लेकर चलने का सिद्धांत भी हिंदू समाज का है। इस दृष्टि से हिंदू समाज को देखना चाहिए। इस दौरान उन्होंने सभी को नूतन वर्ष की शुभकामनाएं दी।
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नाटक का मंचन भी किया
इस दौरान संघ संस्थापक डॉ. हेडगेवार के जीवन पर आधारित नाटक का मंचन भी किया गया। इसके अलावा संघ के कार्यकर्ताओं ने विभिन्न कार्यक्रमों व देश भक्तिके गीतों को भी पेश किया। संघ के महानगर संघचालक त्रिलोकी नाथ ने बताया कि पहली बार चंडीगढ़ में नववर्ष का इस तरह के बड़े कार्यक्रम का आयोजन हुआ है।
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अपने एक बालक को संस्कृति का ज्ञान जरूर कराएं
भावाधस के राष्ट्रीय मुख्य सर्वोच्च निदेशक एवं धर्मगुरु डॉ. देव सिंह ने कहा कि संस्कृति को बचाने के लिए अपने एक बालक को संस्कृति का ज्ञान जरूर कराएं। उन्होंने कहा कि कंबोडिया में मुसलमान राम लीला करते हैं। इंडोनेशिया में बच्चों के जन्म पर लवकुश रामायण का पाठ कराते हैं। कंबोडिया के कोर्ट में रामायण पर हाथ रखकर शपथ दिलाते हैं। वाल्मीकि आश्रम में जातपात नहीं थी।