{"_id":"5c745029bdec22102e65e6a3","slug":"111551126569-panchkula-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीयू में राष्ट्रीय फार्मेसी शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीयू में राष्ट्रीय फार्मेसी शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
(फोटो समाचार)
पीयू में राष्ट्रीय फार्मेसी शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। ड्रग डिस्कवरी के लिए आधुनिक बायोएनालिटिक तकनीक पर सोमवार को पीयू में राष्ट्रीय फार्मेसी शिक्षक प्रशिक्षण की शुरुआत हुई। गोल्डन जुबली सेमिनार हॉल में 25 फरवरी से 2 मार्च तक चलने वाले इस ट्रेनिंग स्कूल में देशभर के फार्मा फैकल्टी प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। ट्रेनिंग के लिए कुल 20 प्रतिभागियों का चयन किया गया है, जो देश के 10 अलग-अलग राज्यों के यूनिवर्सिटी व कॉलेजों का प्रतिनिधित्व करते हैं। इस सेमिनार का आयोजन पीयू के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसेज (यूआईपीएस) ने यूजीसी नेटवर्किंग रिसोर्स सेंटर के सहयोग से किया है।
इस अवसर पर यूजीसी एनआरसी के प्रोग्राम कॉर्डिनेटर, यूआईपीएस के अध्यक्ष प्रोफेसर कंवलजीत चोपड़ा ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए उन्हें यूजीसी-एनआरसी कार्यक्रमों और उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर मोहाली के राष्ट्रीय कृषि खाद्य जैव प्रौद्योगिकी संस्थान के कार्यकारी निदेशक प्रो. टीआर शर्मा मुख्य अतिथि थे। उन्होंने देश में खाद्य और पोषण सुरक्षा को बढ़ाने के लिए अपनाए जा रहे नवीनतम जैव-प्रौद्योगिकी संबंधी दृष्टिकोणों पर प्रतिभागियों से बातचीत की। गौरतलब है कि यूआईपीएस देश का पहला और एकमात्र फार्मेसी संस्थान है जिसे एमएचआरडी द्वारा नेटवर्किंग रिसोर्स सेंटर बनाने के लिए चुना गया है। यह फार्मास्युटिकल साइंसेज के क्षेत्र में अनुसंधान और शिक्षाविदों को बढ़ावा देने के लिए युवा फार्मा प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण देकर राष्ट्रभर में चयनित करता है।
विज्ञापन
पीयू में राष्ट्रीय फार्मेसी शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। ड्रग डिस्कवरी के लिए आधुनिक बायोएनालिटिक तकनीक पर सोमवार को पीयू में राष्ट्रीय फार्मेसी शिक्षक प्रशिक्षण की शुरुआत हुई। गोल्डन जुबली सेमिनार हॉल में 25 फरवरी से 2 मार्च तक चलने वाले इस ट्रेनिंग स्कूल में देशभर के फार्मा फैकल्टी प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। ट्रेनिंग के लिए कुल 20 प्रतिभागियों का चयन किया गया है, जो देश के 10 अलग-अलग राज्यों के यूनिवर्सिटी व कॉलेजों का प्रतिनिधित्व करते हैं। इस सेमिनार का आयोजन पीयू के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसेज (यूआईपीएस) ने यूजीसी नेटवर्किंग रिसोर्स सेंटर के सहयोग से किया है।
इस अवसर पर यूजीसी एनआरसी के प्रोग्राम कॉर्डिनेटर, यूआईपीएस के अध्यक्ष प्रोफेसर कंवलजीत चोपड़ा ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए उन्हें यूजीसी-एनआरसी कार्यक्रमों और उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर मोहाली के राष्ट्रीय कृषि खाद्य जैव प्रौद्योगिकी संस्थान के कार्यकारी निदेशक प्रो. टीआर शर्मा मुख्य अतिथि थे। उन्होंने देश में खाद्य और पोषण सुरक्षा को बढ़ाने के लिए अपनाए जा रहे नवीनतम जैव-प्रौद्योगिकी संबंधी दृष्टिकोणों पर प्रतिभागियों से बातचीत की। गौरतलब है कि यूआईपीएस देश का पहला और एकमात्र फार्मेसी संस्थान है जिसे एमएचआरडी द्वारा नेटवर्किंग रिसोर्स सेंटर बनाने के लिए चुना गया है। यह फार्मास्युटिकल साइंसेज के क्षेत्र में अनुसंधान और शिक्षाविदों को बढ़ावा देने के लिए युवा फार्मा प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण देकर राष्ट्रभर में चयनित करता है।
विज्ञापन