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चेक बाउंस मामले में दो साल की सजा
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साढ़े 13 करोड़ के चेक बाउंस मामले में दो साल की सजा
मोहाली निवासी दोषी को मौके पर मिली जमानत
मोटे मुनाफे का प्रलोभन देकर करवाया था ज्वैलरी का कारोबार शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। चेक बाउंस के छह विभिन्न मामलों में जिला अदालत में सीबीआई की विशेष कोर्ट ने मोहाली के विकास वालिया को दो साल की सजा सुनाई है। जूडिशियल मजिस्ट्रेट सुमन पतलैन की कोर्ट ने पंचकूला निवासी अशोक मित्तल की शिकायत पर यह फैसला सुनाया है।
कोर्ट ने वालिया को दो दिन पहले दोषी करार दिया था। वालिया पर साढ़े 13 करोड़ रुपये की देनदारी थी। इसके एवज में उसने कई चेक दिए, लेकिन बैंक में लगाने पर चेक बाउंस हो गए। चेक बाउंस मामले में अधिकतम 2 वर्ष की सजा का प्रावधान होने पर दोषी विकास वालिया को मौके पर जमानत मिल गई।
शिकायतकर्ता मित्तल ने अपनी शिकायत में बताया था कि विकास और उसकी पत्नी ने उन्हें मोटी कमाई का प्रलोभन देकर ज्वैलरी का कारोबार शुरू करवाने को कहा। उन्हें कहा गया कि सूरत से मिलने वाली ज्वैलरी को ट्राइसिटी में बेचने पर अधिक मुनाफा मिल सकता है। फिर उन्होंने एलांते मॉल में एक शोरूम खोला। बकौल मित्तल दोषी विकास ने उन्हें मुंबई और सूरत के डायमंड के कई कारोबारियों से मिलवाया। उन्होंने मुंबई में भी एक फर्म खोली। बताया कि विकास के कहने पर मित्तल ने डायमंड स्टोर पर 22 करोड़ रुपये का निवेश किया। कारोबार के लिए विकास को करीब 17 करोड़ रुपये भी दिए। लेकिन विकास ने एग्रीमेंट की शर्तों पर काम नहीं किया और स्टोर में डायमंड भी नहीं मंगवाए। मित्तल के कई बार कहने पर विकास ने करीब 3-4 करोड़ रुपये के डायमंड मंगवाए। बकौल मित्तल विकास के उन्हें धोखा देने के प्रयास का पता लगने पर 23 फरवरी 2014 को उन्होंने उससे एग्रीमेंट तोड़ लिया। फिर कुछ लोगों की मौजूदगी में उनके बीच फैसला हुआ और इस मुताबिक विकास का मित्तल को पैसा लौटाना तय किया गया। विकास ने अलग-अलग समयावधि पर मित्तल को 13 करोड़ 53 लाख रुपये के चेक दिए, लेकिन बैंक में लगाने पर वे बाउंस हो गए। तब जाकर मित्तल ने विकास के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी थी।
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साढ़े 13 करोड़ के चेक बाउंस मामले में दो साल की सजा
मोहाली निवासी दोषी को मौके पर मिली जमानत
मोटे मुनाफे का प्रलोभन देकर करवाया था ज्वैलरी का कारोबार शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। चेक बाउंस के छह विभिन्न मामलों में जिला अदालत में सीबीआई की विशेष कोर्ट ने मोहाली के विकास वालिया को दो साल की सजा सुनाई है। जूडिशियल मजिस्ट्रेट सुमन पतलैन की कोर्ट ने पंचकूला निवासी अशोक मित्तल की शिकायत पर यह फैसला सुनाया है।
कोर्ट ने वालिया को दो दिन पहले दोषी करार दिया था। वालिया पर साढ़े 13 करोड़ रुपये की देनदारी थी। इसके एवज में उसने कई चेक दिए, लेकिन बैंक में लगाने पर चेक बाउंस हो गए। चेक बाउंस मामले में अधिकतम 2 वर्ष की सजा का प्रावधान होने पर दोषी विकास वालिया को मौके पर जमानत मिल गई।
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शिकायतकर्ता मित्तल ने अपनी शिकायत में बताया था कि विकास और उसकी पत्नी ने उन्हें मोटी कमाई का प्रलोभन देकर ज्वैलरी का कारोबार शुरू करवाने को कहा। उन्हें कहा गया कि सूरत से मिलने वाली ज्वैलरी को ट्राइसिटी में बेचने पर अधिक मुनाफा मिल सकता है। फिर उन्होंने एलांते मॉल में एक शोरूम खोला। बकौल मित्तल दोषी विकास ने उन्हें मुंबई और सूरत के डायमंड के कई कारोबारियों से मिलवाया। उन्होंने मुंबई में भी एक फर्म खोली। बताया कि विकास के कहने पर मित्तल ने डायमंड स्टोर पर 22 करोड़ रुपये का निवेश किया। कारोबार के लिए विकास को करीब 17 करोड़ रुपये भी दिए। लेकिन विकास ने एग्रीमेंट की शर्तों पर काम नहीं किया और स्टोर में डायमंड भी नहीं मंगवाए। मित्तल के कई बार कहने पर विकास ने करीब 3-4 करोड़ रुपये के डायमंड मंगवाए। बकौल मित्तल विकास के उन्हें धोखा देने के प्रयास का पता लगने पर 23 फरवरी 2014 को उन्होंने उससे एग्रीमेंट तोड़ लिया। फिर कुछ लोगों की मौजूदगी में उनके बीच फैसला हुआ और इस मुताबिक विकास का मित्तल को पैसा लौटाना तय किया गया। विकास ने अलग-अलग समयावधि पर मित्तल को 13 करोड़ 53 लाख रुपये के चेक दिए, लेकिन बैंक में लगाने पर वे बाउंस हो गए। तब जाकर मित्तल ने विकास के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी थी।
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