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हाईवे किनारे होटल मालिकों को राहत जल्द
Updated Thu, 13 Jul 2017 02:03 AM IST
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हाईवे किनारे होटल मालिकों को राहत जल्द
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
सुप्रीमकोर्ट के आदेश के बाद हाइवे किनारे होटलों और रेस्टोरेंट में शराब सर्व करने का फैसला आते ही प्रशासन ने होटल इंडस्ट्री को राहत देने की तैयारी शुरू कर दी है। प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक हाईवे की डिनोटिफाई करने को लेकर 31 जुलाई तक अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। प्रशासन कानूनी सलाह लेने के बाद हाईवे को डिनोटिफाई करने के लिए नोटिफिकेशन जारी करेगा। अधिकारियों की मानें तो इस बार सेक्टर-26 मध्यमार्ग को भी हाईवे की डिनोटिफिकेशन में शामिल किया जाएगा।
बुधवार को चंडीगढ़ होटल एंड रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन के प्रधान अरविंदर पाल सिंह की अध्यक्षता में होटल मालिक एडवाइजर परिमल राय से मिलकर हाईवे को डिनोटिफाई करने को लेकर जल्द नोटिफिकेशन जारी करने की मांग की। एडवाइजर ने होटल मालिकों का आश्वासन देते हुए कहा कि एक बार सुप्रीमकोर्ट के लिखित आर्डर आ जाए। उस पर कानूनी राय लेने के बाद फौरन हाइवे की डिनोटिफिकेशन जारी कर दी जाएगी। वहीं, यूटी के आबकारी एवं कराधान विभाग ने होटल व रेस्तरां में शराब परोसे जाने के लिए लाइसेंस फीस क्या रखी जाए, इस पर विचार करना शुरू कर दिया है।
वर्ष 2005 में शहर 20 सड़कों को हाईवे का दर्जा
आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2005 में यूटी प्रशासन की ओर से शहर की 20 मुख्य सड़कों को हाईवे का दर्जा दिया गया था। अब होटल मालिकों को राहत देने के लिए शहर के अंदर से गुजर रहे सभी हाईवे को डिनोटिफाई किया जाएगा। इससे पहले चंडीगढ़ प्रशासन ने 16 मार्च को शहर के 12 हाईवे को डीनोटिफाई करने को लेकर नोटिफिकेशन जारी की थी। इस पर चंडीगढ़ की एनजीओ एराइव सेफ के संस्थापक हरमन सिद्धू ने यूटी प्रशासन के डीनोटिफिकेशन पॉलिसी को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
सुप्रीमकोर्ट के आदेश के बाद हाइवे किनारे होटलों और रेस्टोरेंट में शराब सर्व करने का फैसला आते ही प्रशासन ने होटल इंडस्ट्री को राहत देने की तैयारी शुरू कर दी है। प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक हाईवे की डिनोटिफाई करने को लेकर 31 जुलाई तक अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। प्रशासन कानूनी सलाह लेने के बाद हाईवे को डिनोटिफाई करने के लिए नोटिफिकेशन जारी करेगा। अधिकारियों की मानें तो इस बार सेक्टर-26 मध्यमार्ग को भी हाईवे की डिनोटिफिकेशन में शामिल किया जाएगा।
बुधवार को चंडीगढ़ होटल एंड रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन के प्रधान अरविंदर पाल सिंह की अध्यक्षता में होटल मालिक एडवाइजर परिमल राय से मिलकर हाईवे को डिनोटिफाई करने को लेकर जल्द नोटिफिकेशन जारी करने की मांग की। एडवाइजर ने होटल मालिकों का आश्वासन देते हुए कहा कि एक बार सुप्रीमकोर्ट के लिखित आर्डर आ जाए। उस पर कानूनी राय लेने के बाद फौरन हाइवे की डिनोटिफिकेशन जारी कर दी जाएगी। वहीं, यूटी के आबकारी एवं कराधान विभाग ने होटल व रेस्तरां में शराब परोसे जाने के लिए लाइसेंस फीस क्या रखी जाए, इस पर विचार करना शुरू कर दिया है।
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वर्ष 2005 में शहर 20 सड़कों को हाईवे का दर्जा
आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2005 में यूटी प्रशासन की ओर से शहर की 20 मुख्य सड़कों को हाईवे का दर्जा दिया गया था। अब होटल मालिकों को राहत देने के लिए शहर के अंदर से गुजर रहे सभी हाईवे को डिनोटिफाई किया जाएगा। इससे पहले चंडीगढ़ प्रशासन ने 16 मार्च को शहर के 12 हाईवे को डीनोटिफाई करने को लेकर नोटिफिकेशन जारी की थी। इस पर चंडीगढ़ की एनजीओ एराइव सेफ के संस्थापक हरमन सिद्धू ने यूटी प्रशासन के डीनोटिफिकेशन पॉलिसी को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
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