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उद्योगपति अशोक राणा की जमानत याचिका खारिज
Updated Sat, 01 Jul 2017 08:39 PM IST
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उद्योगपति अशोक राणा की जमानत याचिका खारिज
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
पांच लाख रुपये रिश्वत लेने के आरोप में हिमाचल प्रदेश में इंडस्ट्री के संयुक्त निदेशक तिलकराज के साथ गिरफ्तार किए गए सेक्टर-70 मोहाली निवासी उद्योगपति अशोक राणा की जमानत याचिका सीबीआई की विशेष अदालत ने शनिवार को सुनवाई के बाद खारिज कर दी। वहीं सीबीआई की ओर से दाखिल जवाब में जमानत देने का विरोध किया गया था।
अशोक राणा की ओर से दायर याचिका में कहा गया था कि उसे केस में झूठा फंसाया गया है। उसका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। वह एक उद्योगपति है और सरकारी अधिकारियों से उनका कोई लेना-देना नहीं है। अपना बचाव करते हुए राणा ने कहा था कि उसने न तो रिश्वत की मांग की और न ही पैसे लिए। वह 3 जून से जेल में है। ऐसे में सीबीआई को उससे अब कोई रिकवरी भी नहीं करनी है इसलिए उसे जमानत का लाभ दिया जाए।
बाक्स
यह है मामला
सीबीआई ने 30 मई को हिमाचल उद्योग विभाग के संयुक्त निदेशक तिलकराज शर्मा और सहयोगी उद्योगपति अशोक राणा को चंडीगढ़ सेक्टर-8 स्थित पार्किंग एरिया से पांच लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। दोनों पर सब्सिडी के 50 लाख रुपये जारी करने की एवज में 10 लाख रुपये मांगने का आरोप था। मामले में शिकायतकर्ता कंपनी के सीए थे। इसकी पहली किस्त की अदायगी के तौर पर 5 लाख रुपये देने की बात तय हुई थी। इसी रिश्वत की रकम को लेते हुए सीबीआई ने दोनों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया था।
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पांच लाख रिश्वत लेने के आरोप में हिमाचल प्रदेश के संयुक्त निदेशक इंडस्ट्री के साथ किया था गिरफ्तार
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
पांच लाख रुपये रिश्वत लेने के आरोप में हिमाचल प्रदेश में इंडस्ट्री के संयुक्त निदेशक तिलकराज के साथ गिरफ्तार किए गए सेक्टर-70 मोहाली निवासी उद्योगपति अशोक राणा की जमानत याचिका सीबीआई की विशेष अदालत ने शनिवार को सुनवाई के बाद खारिज कर दी। वहीं सीबीआई की ओर से दाखिल जवाब में जमानत देने का विरोध किया गया था।
अशोक राणा की ओर से दायर याचिका में कहा गया था कि उसे केस में झूठा फंसाया गया है। उसका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। वह एक उद्योगपति है और सरकारी अधिकारियों से उनका कोई लेना-देना नहीं है। अपना बचाव करते हुए राणा ने कहा था कि उसने न तो रिश्वत की मांग की और न ही पैसे लिए। वह 3 जून से जेल में है। ऐसे में सीबीआई को उससे अब कोई रिकवरी भी नहीं करनी है इसलिए उसे जमानत का लाभ दिया जाए।
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यह है मामला
सीबीआई ने 30 मई को हिमाचल उद्योग विभाग के संयुक्त निदेशक तिलकराज शर्मा और सहयोगी उद्योगपति अशोक राणा को चंडीगढ़ सेक्टर-8 स्थित पार्किंग एरिया से पांच लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। दोनों पर सब्सिडी के 50 लाख रुपये जारी करने की एवज में 10 लाख रुपये मांगने का आरोप था। मामले में शिकायतकर्ता कंपनी के सीए थे। इसकी पहली किस्त की अदायगी के तौर पर 5 लाख रुपये देने की बात तय हुई थी। इसी रिश्वत की रकम को लेते हुए सीबीआई ने दोनों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया था।
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पांच लाख रिश्वत लेने के आरोप में हिमाचल प्रदेश के संयुक्त निदेशक इंडस्ट्री के साथ किया था गिरफ्तार