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Palwal News: यमुना का जलस्तर खतरे के निशान के करीब, मोहबलीपुर गांव खाली कराया

Wed, 03 Sep 2025 10:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल Updated Wed, 03 Sep 2025 10:45 PM IST
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Yamuna's water level near danger mark, Mohabalipur village evacuated
पलवल। हथिनीकुंड बैराज से सोमवार को छोड़ा गया सवा तीन लाख क्यूसेक (3,21,653) पानी बुधवार को पलवल जिले की यमुना नदी में पहुंच गया। पानी आने से थंथरी कॉम्प्लेक्स पर यमुना का जलस्तर 614.6 मीटर पर पहुंच गया। खतरे का निशान 615 मीटर पर है। सोमवार तक यहां 613 मीटर पानी था। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। मोहबलीपुर और इंद्रानगर गांवों के लोगों को प्रशासन ने सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। मोहबलीपुर से करीब 90 फीसदी ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है जबकि इंद्रानगर गांव से अब तक 50 से 60 फीसदी लोग सेफ हाउसों में शिफ्ट हो चुके हैं।
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प्रशासन ने मोहबलीपुर गांव के ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर मुस्तफाबाद स्थित राजकीय स्कूल में राहत शिविर स्थापित किया है। यहां लोगों के लिए भोजन, पानी, बिजली और स्वास्थ्य जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। खास बात यह है कि पशुओं के लिए भी अलग से चारा और पानी की व्यवस्था की गई है।
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प्रशासन के अनुसार अगर पानी का स्तर और बढ़ा तो जिले के यमुना किनारे बसे गांव गुरवाड़ी, बागपुर, पहलादपुर, राजूपुर, दोस्तपुर, भोल्डा, सोलड़ा, शेखपुर, अतवा, काशीपुर, फाटनगर, सदुआगड़ी, माहोली, मोहबलीपुर, इंदिरा नगर, लहरपुर, रहीमपुर, बलई, बिल्लोचपुर, थंथरी और हसनपुर में सबसे ज्यादा खतरा रहेगा। यहां फसलें, घर और रोजगार सभी पर असर पड़ सकता है।
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ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बारिश और पहले छोड़े गए पानी से पहले ही हजारों एकड़ धान, बाजरा, कपास और सब्जियां प्रभावित हो चुकी हैं। अब अगर जलस्तर और बढ़ा तो हालात और गंभीर हो जाएंगे।



ट्रैक्टर पर बैठकर गांवों तक पहुंचे उपायुक्त

उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ बुधवार को ट्रैक्टर से प्रभावित इलाकों का जायजा लेने पहुंचे। उन्होंने इंद्रानगर, मोहबलीपुर और मुस्तफाबाद में ग्रामीणों से संवाद किया। उन्होंने कहा, लोग घबराएं नहीं, सभी लोग सेफ हाउसों में शरण लें और अपने पशुओं को भी सुरक्षित स्थानों पर ले जाएं। विपदा की इस घड़ी में प्रशासन हरसंभव मदद करेगा। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि संयम बनाए रखें, प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत फ्लड कंट्रोल रूम को सूचना दें।

सेफ हाउसों में स्वास्थ्य जांच कैंप लगाए गए

सेफ हाउसों में स्वास्थ्य जांच कैंप लगाए गए हैं। भोजन, पानी और दवाइयों का पूरा इंतजाम किया गया है। प्रभावित क्षेत्रों में अधिकारियों की ड्यूटी चौबीसों घंटे लगाई गई है ताकि हालात पर हर पल नजर रखी जा सके।

ग्रामीणों की मांग – सौ गज प्लॉट और पक्का रास्ता

निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने उपायुक्त के समक्ष सौ-सौ गज के प्लॉट उपलब्ध कराने और इंद्रा नगर के रास्ते को ऊंचा कर पक्का बनाने की मांग रखी। उपायुक्त ने कहा कि यह मांग सरकार तक पहुंचाई जाएगी और उस पर गंभीरता से विचार होगा।

आज से जलस्तर धीरे-धीरे कम होगा

जल संसाधन विभाग के विशेषज्ञों का कहना है कि आठ घंटे तक पानी का बहाव इसी स्तर पर रहेगा लेकिन चार सितंबर से इसके बाद धीरे-धीरे कमी आनी शुरू होगी। प्रशासन ने कहा कि खतरे का निशान फिलहाल सिर्फ 40 सेंटीमीटर दूर है, इसलिए लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है।



2023 से भी ज्यादा पानी आने का डर

ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें पिछले साल यानी 2023 की बाढ़ से ज्यादा डर इस बार लग रहा है। उस समय हजारों एकड़ फसल, पशुओं का चारा और सब्जियां बर्बाद हो गई थीं। इस बार जलस्तर और अधिक बढ़ने की आशंका से लोग चिंतित हैं।
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