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12 जनवरी को उपायुक्त कार्यालय घेरेंगे कर्मचारी
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12 जनवरी को उपायुक्त कार्यालय घेरेंगे कर्मचारी
पलवल। सिंचाई विभाग पलवल के कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को गेट मीटिंग की। जिसमें अपनी मांगों को लेकर 12 जनवरी को उपायुक्त कार्यालय का घेराव करने की रणनीति बनाई गई।
मीटिंग की अध्यक्षता प्रधान चंदर तेवतिया व संचालन सचिव हरकेश सौरोत ने किया। इसमें सरकारी विभागों को निजी घरानों को सौंपने, रेगुलराइजेशन की नीति न बनाने, सभी विभागों में नौकरी से निकाले गए कर्मचारियों को वापस नियुक्ति देने, ठेका प्रथा समाप्त करने, महंगाई भत्ता और पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग की गई। जिला प्रधान राजेश शर्मा व जिला सचिव योगेश शर्मा ने कहा कि सरकार जन सेवा के विभागों का निजीकरण कर कर्मचारियों की छंटनी कर रही है। अभी हाल ही खेल कोटे भर्ती हुए ग्रुप डी के 1518 कर्मचारियों को सरकारी सेवा से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। कोरोना महामारी के नाम पर कर्मचारियों का 18 महीने का महंगाई भत्ता काट दिया। इस मौके पर राकेश तंवर, उम्मेद डागर, सतपाल करहाना, रमेश डागर, वरुण प्रताप आदि मौजूद रहे।
आंगनबाड़ी और आशा वर्करों ने उठाई मांगें
पलवल। आंगनबाड़ी वर्कर एंड हेल्पर यूनियन ने 12 जनवरी को उपायुक्त कार्यालय के घेराव को लेकर बैठक की। जिला प्रधान उर्मिला रावत ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा मजदूरों, कर्मचारियों के 44 श्रम कानूनों को चार कोड में बदल कर मजदूरों को कॉर्पोरेट जगत का गुलाम बनाने की योजना बना दी है। आठ घंटे से 12 घंटे की ड्यूटी की गई है, 300 मजदूरों तक भी छटनी करते समय अनुमति लेने की जरूरत नहीं होने, न्यूनतम वेतन अधिनियम कानून, हड़ताल करने का अधिकार, ट्रेड यूनियन बनाने का अधिकार तक छीना जा रहा है।
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पलवल। सिंचाई विभाग पलवल के कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को गेट मीटिंग की। जिसमें अपनी मांगों को लेकर 12 जनवरी को उपायुक्त कार्यालय का घेराव करने की रणनीति बनाई गई।
मीटिंग की अध्यक्षता प्रधान चंदर तेवतिया व संचालन सचिव हरकेश सौरोत ने किया। इसमें सरकारी विभागों को निजी घरानों को सौंपने, रेगुलराइजेशन की नीति न बनाने, सभी विभागों में नौकरी से निकाले गए कर्मचारियों को वापस नियुक्ति देने, ठेका प्रथा समाप्त करने, महंगाई भत्ता और पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग की गई। जिला प्रधान राजेश शर्मा व जिला सचिव योगेश शर्मा ने कहा कि सरकार जन सेवा के विभागों का निजीकरण कर कर्मचारियों की छंटनी कर रही है। अभी हाल ही खेल कोटे भर्ती हुए ग्रुप डी के 1518 कर्मचारियों को सरकारी सेवा से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। कोरोना महामारी के नाम पर कर्मचारियों का 18 महीने का महंगाई भत्ता काट दिया। इस मौके पर राकेश तंवर, उम्मेद डागर, सतपाल करहाना, रमेश डागर, वरुण प्रताप आदि मौजूद रहे।
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आंगनबाड़ी और आशा वर्करों ने उठाई मांगें
पलवल। आंगनबाड़ी वर्कर एंड हेल्पर यूनियन ने 12 जनवरी को उपायुक्त कार्यालय के घेराव को लेकर बैठक की। जिला प्रधान उर्मिला रावत ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा मजदूरों, कर्मचारियों के 44 श्रम कानूनों को चार कोड में बदल कर मजदूरों को कॉर्पोरेट जगत का गुलाम बनाने की योजना बना दी है। आठ घंटे से 12 घंटे की ड्यूटी की गई है, 300 मजदूरों तक भी छटनी करते समय अनुमति लेने की जरूरत नहीं होने, न्यूनतम वेतन अधिनियम कानून, हड़ताल करने का अधिकार, ट्रेड यूनियन बनाने का अधिकार तक छीना जा रहा है।
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