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पानी की समस्या से त्रस्त महिलाओं ने मटका फोड़कर की नारेबाजी

Fri, 12 Jul 2019 12:00 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 12 Jul 2019 12:00 AM IST
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women protest against water crisis
गांव घर्रोट में पेयजल किल्लत से त्रस्त महिलाएं मटके लेकर रोष जताती हुई। - फोटो : Palwal
पानी की समस्या से त्रस्त महिलाओं ने मटका फोड़कर की नारेबाजी
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हथीन। स्वच्छता, शिक्षा और विकास जैसे अन्य मामलों में अव्वल आने पर हरियाणा सरकार द्वारा छह स्टार घोषित गांव घर्रोट की दलित बस्ती में पिछले कई दिनों से पेयजल आपूर्ति बंद पड़ी हुई है। बार-बार शिकायत करने के बाद भी जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है। इससे नाराज होकर गांव की महिलाओं ने बृहस्पतिवार को चौपाल पर मटका फोड़ कर अपना विरोध जताया। दलित बस्ती की इन महिलाओं ने जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी भी की तथा मुख्यमंत्री से मिलकर अधिकारियों की शिकायत करने की बात भी कही। उनका कहना है कि यदि दो दिनों में उन्हें पेयजल आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो वो हथीन-सोहना रोड को जाम कर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
ग्रामीणों का आरोप है कि जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण ग्रामीणों को पीने का पानी मुहैया नहीं हो रहा है। उनका कहना है कि पेयजल आपूर्ति ठप होने का मुख्य कारण गांव में बने जल संग्रहण केंद्रों में जेई की मिलीभगत से पुरानी मोटर डालकर जाना है, जिससे वे बार-बार खराब हो जाती हैं। गांव के प्रेम सिंह, रामप्रसाद, गंगूराम, पूनम, कश्मीरी, कंचन, चंद्रवती, सीमा, लज्जा, रामो, कोयल, अनीता का कहना है कि मुख्य पाइप लाइन में करीब 100 अवैध कनेक्शन लगे हुए हैं, जिस कारण पानी का संकट ज्यादा उत्पन्न हो रहा है। उन्होंने अपनी शिकायत जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कई बार दी थी, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई अमल नहीं हुआ। यहां तक कि जन स्वास्थ्य विभाग के एसडीओ व जेई ग्रामीणों द्वारा फोन किए जाने पर उनका फोन तक नहीं उठाते। महिलाओं ने बताया कि उनकी बस्ती में पीने का पानी नहीं आने के कारण उन्हें दूरदराज से पानी लाना पड़ रहा है।
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सुविधाओं के आधार पर प्रतियोगिता में मिले थे छह स्टार
सरकार द्वारा गांवों को रैंकिंग के आधार पर स्टार गांव घोषित कराने के लिए प्रतियोगिताएं कराई थीं। उन प्रतियोगिताओं में गांव को स्वच्छ बनाना, पॉलिथीन मुक्त गांव बनाना, जल संग्रह केंद्र बनाना, आंगनबाड़ी केंद्रों व सरकारी स्कूलों की दशा सुधारना तथा गांव में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दे ज्यादा से ज्यादा पौधे लगवाना, अतिक्रमण मुक्त गांव बनाना, घर-घर में शौचालयों का निर्माण करवा गांव को खुले में शौच मुक्त गांव बनवाना शामिल था। इस प्रतियोगिता में गांव घर्रोट अव्वल रहा था। इसके आधार पर सरकार द्वारा गांव को छह स्टार गांव घोषित कर विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त अनुदान जारी किया गया था।
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ग्रामीणों की समस्या जायज है। गांव में कुछ लोगों तक पानी की आपूर्ति जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा नहीं की जा रही है। गांव में बने बूस्टर की सफाई भी नहीं हो पाई है। मैंने भी अधिकारियों से लिखित शिकायत की है, लेकिन कार्रवाई नहीं का जी रही है। अब हमलोग सीएम से शिकायत करेंगे। - सीमा कुमारी, सरपंच, गांव घर्रोट
गांव में नियमित जल आपूर्ति के लिए संबंधित जेई को आदेश जारी किए गए हैं। जल्द ही पेयजल आपूर्ति सुचारू कर दी जाएगी। - अनिल कुमार गुप्ता, एसडीओ
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