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Palwal News: रहस्यमयी बीमारी से एक सप्ताह में कई बकरियों की मौत
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संवाद न्यूज एजेंसी
पुन्हाना। लुहिंगाकला गांव में बकरियों में फैली रहस्यमयी बीमारी से पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है। पिछले करीब एक सप्ताह के दौरान गांव में आधा दर्जन बकरियों की बीमारी से मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनभर से अधिक बकरियां अभी भी बीमार बताई जा रही हैं। मौतों के कारण पशुपालकों में भय है। ग्रामीणों ने पशुपालन विभाग से गांव में टीम भेजकर बकरियों की जांच कराने और बीमारी का पता लगाकर उपचार उपलब्ध कराने की मांग की है।
ग्रामीण हरबंश, उमर मोहम्मद, बरभाती, परखी, इबर मोहम्मद, जेकम, अनीश के अनुसार, देखते ही देखते कई बकरियों की हालत बिगड़ गई। उपचार कराने के बावजूद कुछ बकरियों की मौत हो गई। ग्रामीणों का कहना है बकरियों के खुर में सूजन और पेट में अफारा की समस्या होती है। इसके बाद वे मर जाती हैं।
ग्रामीणों का कहना कि गांव में पशु अस्पताल है, लेकिन लंबे समय से यहां डॉक्टर नहीं आते। ग्रामीणों का कहना है कि बकरी पालन गांव के कई परिवारों की आय का प्रमुख साधन है। ऐसे में बकरियों की लगातार मौत से उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
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कोट
बकरियों की मौत किस बिमारी के कारण हो रही हैए इसके बारे में पता लगाया जाएगा। विभाग की टीम गांव का दौरा कर जांच करेगी। -वीरेन्द्र सहरावत, उप निदेशकए पशुपालन विभाग नूंह
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पुन्हाना। लुहिंगाकला गांव में बकरियों में फैली रहस्यमयी बीमारी से पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है। पिछले करीब एक सप्ताह के दौरान गांव में आधा दर्जन बकरियों की बीमारी से मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनभर से अधिक बकरियां अभी भी बीमार बताई जा रही हैं। मौतों के कारण पशुपालकों में भय है। ग्रामीणों ने पशुपालन विभाग से गांव में टीम भेजकर बकरियों की जांच कराने और बीमारी का पता लगाकर उपचार उपलब्ध कराने की मांग की है।
ग्रामीण हरबंश, उमर मोहम्मद, बरभाती, परखी, इबर मोहम्मद, जेकम, अनीश के अनुसार, देखते ही देखते कई बकरियों की हालत बिगड़ गई। उपचार कराने के बावजूद कुछ बकरियों की मौत हो गई। ग्रामीणों का कहना है बकरियों के खुर में सूजन और पेट में अफारा की समस्या होती है। इसके बाद वे मर जाती हैं।
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ग्रामीणों का कहना कि गांव में पशु अस्पताल है, लेकिन लंबे समय से यहां डॉक्टर नहीं आते। ग्रामीणों का कहना है कि बकरी पालन गांव के कई परिवारों की आय का प्रमुख साधन है। ऐसे में बकरियों की लगातार मौत से उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
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कोट
बकरियों की मौत किस बिमारी के कारण हो रही हैए इसके बारे में पता लगाया जाएगा। विभाग की टीम गांव का दौरा कर जांच करेगी। -वीरेन्द्र सहरावत, उप निदेशकए पशुपालन विभाग नूंह