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इंसाफ के लिए भूख हड़ताल पर बैठे ग्रामीण
palwal
Updated Wed, 01 Feb 2017 04:28 PM IST
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`पंचायत कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे गांव विजयगढ के ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
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मुख्यमंत्री, जिला उपायुक्त, एसडीएम व पंचायत विभाग को शिकायत करने के बावजूद इंसाफ न मिलने से परेशान गांव विजयगढ़ के लोग पंचायत कार्यालय के गेट के समक्ष धरने पर बैठ गए। इस धरने में गांव के पांच लोग अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति रोष व्याप्त है। ग्रामीण प्रशासन पर दोषी पक्ष से सांठगांठ होने के आरोप लगा रहे हैं।
पंचायत कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे विजयगढ निवासी हरपाल शास्त्री, रघुबीर, बलराम, टेकचंद, तोताराम व अशोक कुमार ने बताया कि उनके व गांव खिरबी की एक ही पंचायत है। लगभग ढाई साल पहले गांव की पूर्व सरपंच ने अपने पति व पंचायत सदस्यों की सहायता से गांव के श्मशान की मिट्टी को छह-छह फुट खोदकर उसे बेच दिया और उससे मिलने वाले रुपये को पंचायत में जमा कराने के बजाय स्वयं ही रख लिया। इसके अलावा श्मशान में लगे नीम, जामुन व छोकर के पेडों को भी काटकर उन्हें चोरी से बेच दिया।
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उन्होंने इसकी शिकायत एसडीएम, पंचायत विभाग, जिलाउपायुक्त व सीएम विंडो में की, लेकिन आरोपियों ने अधिकारियों से सांठगांठ करके इस मामले को दबा दिया। उन्होंने बताया कि जब उन्हें प्रशासन की ओर से निराशा हासिल हुई तभी उन्होंने शान्ति पूर्ण धरना व भूहड़ताल करने का मन बनाया। प्रशासन अधिकारी जांच के नाम पर लीपापोती कर रहे हैं।
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तहसीलदार संजीव नागर का कहना है कि उन्होंने धरने पर बैठे ग्रामीणों ने मिलकर उनकी समस्याओं को जिला उपायुक्त व एसडीएम को बता दिया है। उन्होंने कहा कि वैसे यह मामला पंचायत का है।