पलवल। गांव आल्हापुर में दो पक्षों में झगड़े के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर शुक्रवार को एक पक्ष ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर जुलूस निकाला। ग्रामीण ताऊ देवीलाल पार्क में एकत्रित हुए, जहां से जुलूस निकालकर लघु सचिवालय पहुंचे। जुलूस के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। इस अवसर पर ग्रामीणों ने नेताओं व पुलिस अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद ग्रामीणों ने कार्रवाई की मांग को लेकर जिला उपायुक्त कृष्ण कुमार को ज्ञापन सौंपा।
गांव आल्हापुर निवासी शारदा देवी के नाम से उपायुक्त को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि गांव के कुछ लोगों ने उनके परिवार पर हमला कर जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया था, जिसका मुकदमा 12 नवंबर को शहर थाना पुलिस में दर्ज है। पुलिस ने राजनीतिक दबाव के कारण मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं की। उल्टा उनके ऊपर ही संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज करा दिया गया। राजनीतिक दबाव के कारण 24 नवंबर को पुलिस कर्मी गांव में पहुंचे और महिलाओं को पीटना शुरू कर दिया। शोर सुनकर भीड़ एकत्रित हुई तो और पुलिस मौके पर आ गई और गालियां देनी व मारपीट शुरू कर दी। पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया, जोकि निर्दोश थे। बाद में उन्हें छोड़ दिया, परंतु पुलिस ने उनके खिलाफ एक और मुकदमा दर्ज कर दिया। ज्ञापन में कहा गया कि मारपीट व जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने के संगीन मामले में भी पुलिस द्वारा कोई गिरफ्तारी न करना राजनीतिक हस्तक्षेप को दर्शाता है। पुलिस दलितों का उत्पीड़न कर रही है। ज्ञापन में उनके ऊपर बनाया मुकदमा रद्द करने व आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।