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ग्रामीणों ने बीडीपीओ कार्यालय में किया हंगामा
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पलवल। मनरेगा के तहत रहराना ग्राम पंचायत में हुए काम में धांधली का मामला सामने आया है। काम करने वाले ग्रामीणों का चार माह बाद भी भुगतान नहीं किया गया है। इसको लेकर बुधवार को उनका गुस्सा भड़क उठा। उन्होंने बीडीपीओ कार्यालय पर जमकर हंगामा मचाया। जांच के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ।
ग्रामीणों का आरोप है कि जॉब कार्ड में उनकी हाजिरी नहीं चढ़ाई गई, उनके स्थान पर दूसरे लोगों की हाजिरी चढ़ाकर भुगतान कर दिया है। मंगलवार को बीडीपीओ कार्यालय पहुंचे ग्रामीण कमलेश, राजकुमार, सुनीता आदि ने बताया कि उन्होंने मनरेगा के तहत जोहड़ खुदाई का काम किया था। गांव की सरपंच ने अपने रिश्तेदार को मनरेगा का मैट बनवाया हुआ है। मैट ने काम के दौरान उनकी हाजिरी जॉब कार्ड में नहीं चढ़ाई। पूछने पर बताया था कि उसने रजिस्टर में हाजिरी चढ़ा ली है। बाद में जॉब कार्ड में चढ़ा देगा, लेकिन कई माह बाद भी उनके खाते में पैसे नहीं आए।
लोगों का आरोप है कि सरपंच व उसके रिश्तेदार ने मिलीभगत कर अपने लोगों के जॉब कार्ड बनवाकर उनके खातों में राशि डलवा दी है। वहीं जोहड़ से मिट्टी उठाने वाले ट्रैक्टर चालकों का भी भुगतान हीं किया गया है। मौके पर सरपंच पिस्ता व पति निरंजन पहुंचे, ग्रामीणों से उनकी जमकर झड़प भी हुई। में खींचातानी हो गई। ग्रामीणों ने सरपंच पर रुपये हड़पने के आरोप लगाए। बीडीपीओ कार्यालय के कर्मचारियों ने मामले की जांच करवाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीण वापस लौटे।
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वर्जन-
गांव में मनरेगा के तहत किए गए काम में अनियमितताएं बरती गई हैं। इसके लिए खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी, जिला उपायुक्त से लेकर सीएम विंडो तक शिकायत की गई है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। - राकेश कुमार, ग्रामीण
मैंने मनरेगा के तहत अपने ट्रैक्टर से मिट्टी उठाई थी। मेरे परिवार ने भी ट्रॉली भरने में मदद की थी। करीब ढाई लाख रुपये का भुगतान बकाया है। सरपंच से शिकायत की गई, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। - देवेंद्र सिंह, ग्रामीण
गांव के लोगों ने शिकायत की जांच की जाएगी। जो भी इसमें दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - शमशेर सिंह नेहरा, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी पलवल
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ग्रामीणों का आरोप है कि जॉब कार्ड में उनकी हाजिरी नहीं चढ़ाई गई, उनके स्थान पर दूसरे लोगों की हाजिरी चढ़ाकर भुगतान कर दिया है। मंगलवार को बीडीपीओ कार्यालय पहुंचे ग्रामीण कमलेश, राजकुमार, सुनीता आदि ने बताया कि उन्होंने मनरेगा के तहत जोहड़ खुदाई का काम किया था। गांव की सरपंच ने अपने रिश्तेदार को मनरेगा का मैट बनवाया हुआ है। मैट ने काम के दौरान उनकी हाजिरी जॉब कार्ड में नहीं चढ़ाई। पूछने पर बताया था कि उसने रजिस्टर में हाजिरी चढ़ा ली है। बाद में जॉब कार्ड में चढ़ा देगा, लेकिन कई माह बाद भी उनके खाते में पैसे नहीं आए।
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लोगों का आरोप है कि सरपंच व उसके रिश्तेदार ने मिलीभगत कर अपने लोगों के जॉब कार्ड बनवाकर उनके खातों में राशि डलवा दी है। वहीं जोहड़ से मिट्टी उठाने वाले ट्रैक्टर चालकों का भी भुगतान हीं किया गया है। मौके पर सरपंच पिस्ता व पति निरंजन पहुंचे, ग्रामीणों से उनकी जमकर झड़प भी हुई। में खींचातानी हो गई। ग्रामीणों ने सरपंच पर रुपये हड़पने के आरोप लगाए। बीडीपीओ कार्यालय के कर्मचारियों ने मामले की जांच करवाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीण वापस लौटे।
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गांव में मनरेगा के तहत किए गए काम में अनियमितताएं बरती गई हैं। इसके लिए खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी, जिला उपायुक्त से लेकर सीएम विंडो तक शिकायत की गई है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। - राकेश कुमार, ग्रामीण
मैंने मनरेगा के तहत अपने ट्रैक्टर से मिट्टी उठाई थी। मेरे परिवार ने भी ट्रॉली भरने में मदद की थी। करीब ढाई लाख रुपये का भुगतान बकाया है। सरपंच से शिकायत की गई, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। - देवेंद्र सिंह, ग्रामीण
गांव के लोगों ने शिकायत की जांच की जाएगी। जो भी इसमें दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - शमशेर सिंह नेहरा, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी पलवल