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वीरता एवं शौर्य की मिशाल के रूप मनाया गया विजय दिवस
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पलवल। भारतीय सेना की वीरता और शौर्य की मिसाल विजय दिवस के उपलक्ष्य में बृहस्पतिवार को विजय यात्रा निकाली गई। जिला सैनिक बोर्ड एवं पूर्व सैनिकों के संयोजन में हुडा सेक्टर दो से निकाली गई यात्रा को जिला उपायुक्त कृष्ण कुमार ने हरी झंडी दिखाकर किया। यात्रा का समापन नेताजी सुभाषचंद्र बोस स्टेडियम स्थित शहीद स्मारक स्थल पर हुआ।
शहीद स्मारक स्थल पर पहुंचने पर पूर्व सैनिकों व सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भारत पाक युद्ध में शहीद हुए भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। यात्रा हुडा सेक्टर दो से पुराना जीटी रोड स्थित मुख्य बाजारों से गुजरी। यात्रा के दौरान पूर्व सैनिकों का जज्बा और जोश देखने लायक था। यात्रा में विभिन्न स्कूली बच्चों ने हाथों में तिरंगा झंडा व स्लोगन लेकर लोगों को मातृभूमि की रक्षा करने के लिए सदैव तत्पर रहने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान उपायुक्त कृष्ण कुमार ने कहा कि यात्रा के माध्यम से यह संदेश दिया गया है कि देश की रक्षा करने वाले शहीदों को हमेशा सम्मान देना चाहिए। युवाओं को शहीदों व सेना के जवानों से प्रेरणा लेनी चाहिए। यह आजादी हमें आसानी से नहीं मिली है। देश को आजाद कराने में अनेक देश भक्तों ने कुर्बानियां दी है। युवाओं के दिलों में देश के प्रति जज्बा होना चाहिए। देश की सेवा के लिए युवा हमेशा तैयार रहें। शहीदों का सम्मान करें। उन्होंने कहा कि 16 दिसंबर 1971 को पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल नियाजी के 93 हजार सैनिकों ने भारतीय सेना के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। यह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अब तक का सबसे बड़ा सैन्य आत्मसमर्पण था।
यात्रा में पूर्व सैनिक कल्याण समिति पलवल के अध्यक्ष कैप्टन बीएस पोसवाल, उपाध्यक्ष भरतलाल, सचिव नायब सूबेदार वासुदेव रावत, जनरल सचिव हवलदार देवेंद्र सिंह, हवलदार जसवंत सिंह, कैप्टन श्यामलाल, हवलदार गिर्राज सिंह, कर्नल दयाराम, लेखराम, चंद्रभाव गौड, रणवीर, चरण सिंह, लक्ष्मण सिंह, दीपक मोदी, भगत सिंह, गजेंद्र सिंह, एसएनडी पब्लिक स्कूल पलवल, एनजे पब्लिक स्कूल जनौली, सेंट सीआर पब्लिक स्कूल पलवल के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर शहीदों को नमन किया
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शहीद स्मारक स्थल पर पहुंचने पर पूर्व सैनिकों व सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भारत पाक युद्ध में शहीद हुए भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। यात्रा हुडा सेक्टर दो से पुराना जीटी रोड स्थित मुख्य बाजारों से गुजरी। यात्रा के दौरान पूर्व सैनिकों का जज्बा और जोश देखने लायक था। यात्रा में विभिन्न स्कूली बच्चों ने हाथों में तिरंगा झंडा व स्लोगन लेकर लोगों को मातृभूमि की रक्षा करने के लिए सदैव तत्पर रहने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान उपायुक्त कृष्ण कुमार ने कहा कि यात्रा के माध्यम से यह संदेश दिया गया है कि देश की रक्षा करने वाले शहीदों को हमेशा सम्मान देना चाहिए। युवाओं को शहीदों व सेना के जवानों से प्रेरणा लेनी चाहिए। यह आजादी हमें आसानी से नहीं मिली है। देश को आजाद कराने में अनेक देश भक्तों ने कुर्बानियां दी है। युवाओं के दिलों में देश के प्रति जज्बा होना चाहिए। देश की सेवा के लिए युवा हमेशा तैयार रहें। शहीदों का सम्मान करें। उन्होंने कहा कि 16 दिसंबर 1971 को पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल नियाजी के 93 हजार सैनिकों ने भारतीय सेना के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। यह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अब तक का सबसे बड़ा सैन्य आत्मसमर्पण था।
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यात्रा में पूर्व सैनिक कल्याण समिति पलवल के अध्यक्ष कैप्टन बीएस पोसवाल, उपाध्यक्ष भरतलाल, सचिव नायब सूबेदार वासुदेव रावत, जनरल सचिव हवलदार देवेंद्र सिंह, हवलदार जसवंत सिंह, कैप्टन श्यामलाल, हवलदार गिर्राज सिंह, कर्नल दयाराम, लेखराम, चंद्रभाव गौड, रणवीर, चरण सिंह, लक्ष्मण सिंह, दीपक मोदी, भगत सिंह, गजेंद्र सिंह, एसएनडी पब्लिक स्कूल पलवल, एनजे पब्लिक स्कूल जनौली, सेंट सीआर पब्लिक स्कूल पलवल के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर शहीदों को नमन किया
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