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Palwal News: रोक के बावजूद केजीपी एक्सप्रेस वे पर दौड़ा रहे दुपहिया वाहन, गवां रहे जान
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फोटो कैप्शन07श्चड्डद्यश्च10- केजीपी एक्सप्रेस पर कार से साइड लेता बाइक सवार। - संवाद
रोक के बावजूद केजीपी एक्सप्रेस वे पर दौड़ा रहे दुपहिया वाहन, गवां रहे जान
- चार साल बाद भी केजीपी पर सुरक्षित सफर देने का दावा नहीं हो रहा कारगर
- पांच दिनों में तीन बाइक सवार युवकों की हो चुकी है मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। कुंडली-गाजियाबाद-पलवल (केजीपी) एक्सप्रेस वे के बनने के चार साल बाद भी वाहन चालकों को सुरक्षित सफर देने का दावा कारगर साबित नहीं हो पा रहा है। आज भी दुपहिया वाहन चालकों के लिए यह एक्सप्रेस वे काल का ग्रास बन रहा है। कहने को तो एक्सप्रेस वे पर दुपहिया व तिपहिया वाहन, ट्रैक्टर-ट्रॉली, घोड़ा गाड़ी व बुग्गी के चलने पर रोक लगाई है, परंतु आज भी यहां पर दुपहिया वाहन चालक सरपट दौड़ते नजर आते हैं, जिन्हें कोई रोकने वाला नहीं है। लापरवाही के कारण पिछले पांच दिनों में तीन बाइक सवार युवक इस एक्सप्रेस वे पर हुए हादसों में अपनी जान गवां चुके हैं, परंतु उसके बावजूद प्रशासन का इस ओर कई ध्यान नहीं है।
दरअसल, जिस समय केजीपी का निर्माण हुआ था, उस समय दावा किया गया था कि यहां दुपहिया व तिपहिया वाहनों, ट्रैक्टर-ट्रॉली, घोड़ी-गाड़ी, बग्गी सहित अन्य धीमे चलने वालों वाहनों पर पांबदी रहेगी। इस अलावा एक्सप्रेस वे चालकों को बेसहारा मवेशियों से निजात मिलेगी। साथ ही एक्सप्रेसवे की बनाई गई सड़क भी पूरी तरह से सुगम होगी, ताकि वाहन इस एक्सप्रेसवे पर 120 किलोमीटर प्रति घंटा की गति पर वाहन दौड़ सकें, परंतु आज हालात बेहद विपरीत नजर आ रहे हैं। केजीपी एक्सप्रेस वे पर दुपहिया वाहन चालक व ट्रैक्टर-ट्रॉली सरपट दौड़ते नजर आते हैं। पूरा-दिन टोल प्लाजा से यह वाहन गुजरते हैं, परंतु उन्हें कोई रोकने वाला नहीं है। कम गति से चलने के कारण ये वाहन तेज गति से चलने वाहनों की चपेट में आकर दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं। दुपहिया वाहन चालक तेज गति से चलने वाले वाहनों के लिए भी खतरा साबित हो रहे हैं।
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केजीपी एक्सप्रेस वे दुरुस्त नहीं है सुविधाएं
पलवल से 135 किलोमीटर लंबे गाजियाबाद-कुंडली-पलवल एक्सप्रेसवे पर हालात ये है कि कई स्थानों पर कट बने हुए हैं। कई स्थानों पर लोगों ने एक्सप्रेस वे पर चढ़ने-उतरने के लिए कट बना लिए हैं। मवेशियों के झुंड अक्सर केजीपी पर घूमते रहते हैं। कई बार मवेशी सड़क के बीच में ही बैठ जाते हैं या फिर लड़ने लगते हैं। जगह-जगह बने ढाबों के कारण वाहन रुकते हैं। ये सभी कारण दुर्घटनाओं को बढ़ावा देते हैं।
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पांच दिन में तीन युवकों ने गंवाई जान
रोक के बावजूद केजीपी एक्सप्रेस वे चलने वाले बाइक सवार जान गवां रहे हैं। शुक्रवार छह जनवरी को बल्लभगढ़ से बाइक पर सवार होकर आ रहे रामनगर निवासी कृष्ण की अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत हो गई। इससे पहले बीती दो जनवरी को एक बुलेट बाइक पर सवार तीन युवक दुर्घटनाग्रस्त हो गए, जिनमें से राजस्थान के बहरोड निवासी कदम व नितिन की मौत हो गई, जबकि आयुष गंभीर रूप से घायल हो गया। बीते साल भी एक्सप्रेस वे पर ऐसी दर्जनों घटनाएं सामने आईं थी।
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राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण व टोल कंपनी को केजीपी पर इंतजाम कड़े करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही यातायात पुलिस को केजीपी पर चलने वाले प्रतिबंधित वाहनों के चालान करने के निर्देश दिए जाएंगे। बाइक चालकों से अपील है कि केजीपी पर चलना सुरक्षित नहीं है, इसलिए अपनी जान को जोखिम में न डालें।
- हितेष कुमार मीणा, अतिरिक्त उपायुक्त पलवल
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रोक के बावजूद केजीपी एक्सप्रेस वे पर दौड़ा रहे दुपहिया वाहन, गवां रहे जान
- चार साल बाद भी केजीपी पर सुरक्षित सफर देने का दावा नहीं हो रहा कारगर
- पांच दिनों में तीन बाइक सवार युवकों की हो चुकी है मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। कुंडली-गाजियाबाद-पलवल (केजीपी) एक्सप्रेस वे के बनने के चार साल बाद भी वाहन चालकों को सुरक्षित सफर देने का दावा कारगर साबित नहीं हो पा रहा है। आज भी दुपहिया वाहन चालकों के लिए यह एक्सप्रेस वे काल का ग्रास बन रहा है। कहने को तो एक्सप्रेस वे पर दुपहिया व तिपहिया वाहन, ट्रैक्टर-ट्रॉली, घोड़ा गाड़ी व बुग्गी के चलने पर रोक लगाई है, परंतु आज भी यहां पर दुपहिया वाहन चालक सरपट दौड़ते नजर आते हैं, जिन्हें कोई रोकने वाला नहीं है। लापरवाही के कारण पिछले पांच दिनों में तीन बाइक सवार युवक इस एक्सप्रेस वे पर हुए हादसों में अपनी जान गवां चुके हैं, परंतु उसके बावजूद प्रशासन का इस ओर कई ध्यान नहीं है।
दरअसल, जिस समय केजीपी का निर्माण हुआ था, उस समय दावा किया गया था कि यहां दुपहिया व तिपहिया वाहनों, ट्रैक्टर-ट्रॉली, घोड़ी-गाड़ी, बग्गी सहित अन्य धीमे चलने वालों वाहनों पर पांबदी रहेगी। इस अलावा एक्सप्रेस वे चालकों को बेसहारा मवेशियों से निजात मिलेगी। साथ ही एक्सप्रेसवे की बनाई गई सड़क भी पूरी तरह से सुगम होगी, ताकि वाहन इस एक्सप्रेसवे पर 120 किलोमीटर प्रति घंटा की गति पर वाहन दौड़ सकें, परंतु आज हालात बेहद विपरीत नजर आ रहे हैं। केजीपी एक्सप्रेस वे पर दुपहिया वाहन चालक व ट्रैक्टर-ट्रॉली सरपट दौड़ते नजर आते हैं। पूरा-दिन टोल प्लाजा से यह वाहन गुजरते हैं, परंतु उन्हें कोई रोकने वाला नहीं है। कम गति से चलने के कारण ये वाहन तेज गति से चलने वाहनों की चपेट में आकर दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं। दुपहिया वाहन चालक तेज गति से चलने वाले वाहनों के लिए भी खतरा साबित हो रहे हैं।
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केजीपी एक्सप्रेस वे दुरुस्त नहीं है सुविधाएं
पलवल से 135 किलोमीटर लंबे गाजियाबाद-कुंडली-पलवल एक्सप्रेसवे पर हालात ये है कि कई स्थानों पर कट बने हुए हैं। कई स्थानों पर लोगों ने एक्सप्रेस वे पर चढ़ने-उतरने के लिए कट बना लिए हैं। मवेशियों के झुंड अक्सर केजीपी पर घूमते रहते हैं। कई बार मवेशी सड़क के बीच में ही बैठ जाते हैं या फिर लड़ने लगते हैं। जगह-जगह बने ढाबों के कारण वाहन रुकते हैं। ये सभी कारण दुर्घटनाओं को बढ़ावा देते हैं।
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पांच दिन में तीन युवकों ने गंवाई जान
रोक के बावजूद केजीपी एक्सप्रेस वे चलने वाले बाइक सवार जान गवां रहे हैं। शुक्रवार छह जनवरी को बल्लभगढ़ से बाइक पर सवार होकर आ रहे रामनगर निवासी कृष्ण की अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत हो गई। इससे पहले बीती दो जनवरी को एक बुलेट बाइक पर सवार तीन युवक दुर्घटनाग्रस्त हो गए, जिनमें से राजस्थान के बहरोड निवासी कदम व नितिन की मौत हो गई, जबकि आयुष गंभीर रूप से घायल हो गया। बीते साल भी एक्सप्रेस वे पर ऐसी दर्जनों घटनाएं सामने आईं थी।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण व टोल कंपनी को केजीपी पर इंतजाम कड़े करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही यातायात पुलिस को केजीपी पर चलने वाले प्रतिबंधित वाहनों के चालान करने के निर्देश दिए जाएंगे। बाइक चालकों से अपील है कि केजीपी पर चलना सुरक्षित नहीं है, इसलिए अपनी जान को जोखिम में न डालें।
- हितेष कुमार मीणा, अतिरिक्त उपायुक्त पलवल