{"_id":"6149d2eb8ebc3e866161f7b4","slug":"two-people-died-of-fever-in-kusalipur-and-milkganiki-palwal-news-noi6058543129","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुसलीपुर और मिल्कगन्नीकी में बुखार से दो लोगों की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुसलीपुर और मिल्कगन्नीकी में बुखार से दो लोगों की मौत
विज्ञापन
होडल सौंदहद स्वास्थ्य केंद्र में बुखार के मरीजों की लगी भीड़
- फोटो : Palwal
हथीन/होडल। जिले में बुखार का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। गांवों से बुखार के कारण मौतें होने की भी जानकारी मिल रही है। सोमवार की देर शाम भी बुखार से कुसलीपुर गांव तथा मिलकगन्नीकी में एक-एक लोगों की मौत हो गई। परिजन मौत का कारण डेंगू बता रहे हैं, वहीं स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से नकार रहा है। जिला नागरिक अस्पताल हो या फिर उपमंडल नागरिक अस्पताल हर जगह बुखार से ग्रस्त मरीज दिखाई देते हैं। निजी अस्पतालों में तो इतने मरीज हैं कि वहां बिस्तर ही नहीं हैं। अभी तक जिले में बुखार से करीब दो दर्जन के करीब मौतें हो चुकी हैं। इनमें करीब 20 बच्चे शामिल हैं।
चिल्ली गांव में ही बुखार से करीब 15 मौत हो चुकी हैं। वहीं, हथीन शहर के वार्ड नंबर 11 में चार, सौंदहद गांव में दो मौत हो चुकी है। जबकि शेखपुरा मोहल्ला पलवल में ही डेंगू से एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है। इन सबके बावजूद स्वास्थ्य विभाग का इन सबसे इंकार है। इस बात की जानकारी मिलने पर स्वास्थ्य विभाग ने भी गांवों का दौरा किया।
उधर, होडल के गांव सौंदहद में बुखार के मरीजों में प्लेटलेट्स की कमी मिल रही है। इससे अब तक गांव में तीन बच्चों की मौत भी हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की तरफ से ठीक से इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। सौंदहद के स्वास्थ्य केंद्र में बुखार के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन दवाइयां तो कभी डॉक्टर नहीं मिलते हैं। विभाग का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की तरफ से अब गांव में स्वास्थ्य कर्मियों की टीमें घरों में जाकर लोगों को जागरूक कर रही हैं तथा बुखार से पीड़ित लोगों के बच्चों की डेंगू और मलेरिया की जांच की जा रही है। गांव में बुखार की चपेट में दर्जनों से अधिक बच्चे हैं। कुछ बच्चों का इलाज निजी अस्पतालों में चल रहा है। वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी चरण गोपाल का कहना है कि कि वायरल बुखार में भी प्लेटलेट्स कम होना आम बात है। इससे घबराएं नहीं, लेकिन इलाज जारी रखें। ग्रामीण धर्मबीर का कहना है कि प्रशासन द्वारा गांव में न तो छिड़काव किया गया और न ही सफाई व्यवस्था की तरफ ध्यान दिया गया। सत्यदेव, रामअवतार, हरि सिंह ने प्रशासन से जल्द गांव में फॉगिंग के साथ सफाई व्यवस्था दुरुस्त करवाने की मांग की है। इस बारे में एसडीएम वकील अहमद का कहना है कि गांव में जल्द सफाई व्यवस्था को लेकर एक विशेष अभियान चलाया जाएगा।
विज्ञापन
चिल्ली में मिले बुखार के 25 और मरीज
चिल्ली गांव में अस्थायी ओपीडी में मंगलवार को भी 25 मरीज बुखार के मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी मरीजों के ब्लड सैंपल लैब भेज दिए हैं। ओपीडी में 42 लोग जांच के लिए पहुंचे। हथीन के प्रवर चिकित्सा अधिकारी विजय कुमार ने बताया कि मंगलवार को गांव के 172 घरों में जाकर हर पारिवारिक सदस्य की थर्मल स्क्रीनिंग की गई है। गांव के निवर्तमान सरपंच नरेश कुमार ने गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण के प्रति जागरूक किया। नरेश कुमार गांव में उप स्वास्थ्य केंद्र एवं जल संग्रहण केंद्र खोलने की मांग के संबंध में विधायक प्रवीण डागर से भी मिले। डागर ने दोनों मांगों को शीघ्र पूरा कराने का भरोसा दिलाया है। इसके लिए प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।
विज्ञापन
चिल्ली गांव में ही बुखार से करीब 15 मौत हो चुकी हैं। वहीं, हथीन शहर के वार्ड नंबर 11 में चार, सौंदहद गांव में दो मौत हो चुकी है। जबकि शेखपुरा मोहल्ला पलवल में ही डेंगू से एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है। इन सबके बावजूद स्वास्थ्य विभाग का इन सबसे इंकार है। इस बात की जानकारी मिलने पर स्वास्थ्य विभाग ने भी गांवों का दौरा किया।
विज्ञापन
उधर, होडल के गांव सौंदहद में बुखार के मरीजों में प्लेटलेट्स की कमी मिल रही है। इससे अब तक गांव में तीन बच्चों की मौत भी हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की तरफ से ठीक से इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। सौंदहद के स्वास्थ्य केंद्र में बुखार के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन दवाइयां तो कभी डॉक्टर नहीं मिलते हैं। विभाग का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की तरफ से अब गांव में स्वास्थ्य कर्मियों की टीमें घरों में जाकर लोगों को जागरूक कर रही हैं तथा बुखार से पीड़ित लोगों के बच्चों की डेंगू और मलेरिया की जांच की जा रही है। गांव में बुखार की चपेट में दर्जनों से अधिक बच्चे हैं। कुछ बच्चों का इलाज निजी अस्पतालों में चल रहा है। वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी चरण गोपाल का कहना है कि कि वायरल बुखार में भी प्लेटलेट्स कम होना आम बात है। इससे घबराएं नहीं, लेकिन इलाज जारी रखें। ग्रामीण धर्मबीर का कहना है कि प्रशासन द्वारा गांव में न तो छिड़काव किया गया और न ही सफाई व्यवस्था की तरफ ध्यान दिया गया। सत्यदेव, रामअवतार, हरि सिंह ने प्रशासन से जल्द गांव में फॉगिंग के साथ सफाई व्यवस्था दुरुस्त करवाने की मांग की है। इस बारे में एसडीएम वकील अहमद का कहना है कि गांव में जल्द सफाई व्यवस्था को लेकर एक विशेष अभियान चलाया जाएगा।
विज्ञापन
चिल्ली में मिले बुखार के 25 और मरीज
चिल्ली गांव में अस्थायी ओपीडी में मंगलवार को भी 25 मरीज बुखार के मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी मरीजों के ब्लड सैंपल लैब भेज दिए हैं। ओपीडी में 42 लोग जांच के लिए पहुंचे। हथीन के प्रवर चिकित्सा अधिकारी विजय कुमार ने बताया कि मंगलवार को गांव के 172 घरों में जाकर हर पारिवारिक सदस्य की थर्मल स्क्रीनिंग की गई है। गांव के निवर्तमान सरपंच नरेश कुमार ने गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण के प्रति जागरूक किया। नरेश कुमार गांव में उप स्वास्थ्य केंद्र एवं जल संग्रहण केंद्र खोलने की मांग के संबंध में विधायक प्रवीण डागर से भी मिले। डागर ने दोनों मांगों को शीघ्र पूरा कराने का भरोसा दिलाया है। इसके लिए प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।