{"_id":"6669d96656e4bef3390bc629","slug":"two-members-of-the-gang-involved-in-cheating-through-tricolor-gambling-app-arrested-palwal-news-c-24-1-snoi1004-106773-2024-06-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Palwal News: तिरंगा गैंबलिंग ऐप के जरिये ठगी करने वाले गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Palwal News: तिरंगा गैंबलिंग ऐप के जरिये ठगी करने वाले गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार
Wed, 12 Jun 2024 10:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
Updated Wed, 12 Jun 2024 10:52 PM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। तिरंगा के नाम से फर्जी गैंबलिंग ऐप पर कलर ट्रेडिंग कर रुपये कमाने का लालच देकर ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह के दो सदस्यों को साइबर क्राइम थाना पुलिस ने काबू किया है। आरोपी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिये लोगों को ऐप में रुपये लगाने के लिए उकसाते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पांच लाख रुपये, लैपटॉप, मोबाइल फोन, नोट गिनने की मशीन, नकली नोट, डेबिट व क्रेडिट कार्ड, जेवरात सहित अन्य सामान बरामद किया है। आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया गया। रिमांड के दौरान आरोपियों से साथ जुड़े गिरोह के सदस्यों की जानकारी जुटाई जाएगी।
साइबर क्राइम थाना में कार्यरत देवी सिंह के अनुसार वह ऐप के माध्यम से लोगों को ठगी का शिकार करने वालों पर नजर रखने का काम करते हैं। उन्हें सूचना मिली कि तिरंगा ऐप के नाम से फर्जी गैंबलिंग ऐप चलाई जा रही है। ऐप पर कलर ट्रेडिंग कर रुपये कमाने का लालच देकर युवाओं को जाल में फंसाया जाता है। यह तिरंगा ऐप विदेशियों द्वारा भारत के लोगों के साथ ठगी करने के लिए चलाई जा रही है, अब तक लोगों को करोड़ों रुपये की चपत लगाई जा चुकी है। पलवल में इस ऐप के जरिये दो युवक लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। उन्हें सूचना मिली कि दोनों साइबर ठग रामनगर पार्क में मौजूद हैं। पुलिस ने टीम गठित कर मौके पर छापेमारी की। आरोपी पुलिस को टीम को देख कर भागने का प्रयास करने लगे, परंतु पुलिस ने दोनों आरोपियों को काबू कर लिया। आरोपियों की पहचान जवाहर नगर कैंप निवासी यश कुकरेजा व यूपी के जिला चित्रकूट स्थित गांव ईंटखरी निवासी कुलदीप के रूप में हुई। पुलिस आरोपियों को हिरासत में लेकर तलाशी ली तो आरोपी यश कुकरेजा के कब्जे से पांच लाख रुपये नकद, दो मोबाइल फोन, हाथ घड़ी, दो मेट्रो कार्ड, पांच एटीएम कार्ड, गेमजोन कार्ड बरामद हुआ। वहीं कुलदीप से 11 मोबाइल फोन, दो लैपटॉप, नोट गिनने की मशीन, आधा दर्जन एटीएम कार्ड, नकली नोट नुमा कागज, शूटिंग माइक, कूपन, घड़ी, सोने की चैन, अंगूठी, ब्रेसलेट, कान की बाली सहित अन्य सामान बरामद हुआ।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी।
विज्ञापन
इस तरह बनाते थे लोगों को ठगी का शिकार
पुलिस के अनुसार तिरंगा ऐप विदेशियों द्वारा चलाई जा रही है। पलवल में पकड़े गए दोनों आरोपी यश कुकरेजा व कुलदीप अपने सोशल अकाउंट इंस्टाग्राम, फेसबुक, व्हाट्सअप, टेलीग्राम सहित अन्य सोशल मीडिया ऐप के जरिये फर्जी गैंबलिंग ऐप तिरंगा का प्रमोशन करते हैं। इनके लाखों की संख्या में फॉलोअर हैं। ये भ्रामक फोटो व वीडियो डालकर लोगों को ऐप में पंजीकरण कराते हैं और उसके बाद कलर ट्रेडिंग में रुपये लगाकर मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर ठगी का शिकार बनाते हैं। ये ऐप संचालक के इशारे पर गलत कलर पर रुपये लगाने के लिए युवाओं को उकसाते हैं और लोगों के साथ ठगी करते हैं। ठगी की कमाई विदेश में बैठे संचालकों के पास जाती है। यश व कुलदीप ठगी के बाद में मिले कमीशन को आपस में बांट लेते हैं।
विज्ञापन
पलवल। तिरंगा के नाम से फर्जी गैंबलिंग ऐप पर कलर ट्रेडिंग कर रुपये कमाने का लालच देकर ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह के दो सदस्यों को साइबर क्राइम थाना पुलिस ने काबू किया है। आरोपी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिये लोगों को ऐप में रुपये लगाने के लिए उकसाते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पांच लाख रुपये, लैपटॉप, मोबाइल फोन, नोट गिनने की मशीन, नकली नोट, डेबिट व क्रेडिट कार्ड, जेवरात सहित अन्य सामान बरामद किया है। आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया गया। रिमांड के दौरान आरोपियों से साथ जुड़े गिरोह के सदस्यों की जानकारी जुटाई जाएगी।
साइबर क्राइम थाना में कार्यरत देवी सिंह के अनुसार वह ऐप के माध्यम से लोगों को ठगी का शिकार करने वालों पर नजर रखने का काम करते हैं। उन्हें सूचना मिली कि तिरंगा ऐप के नाम से फर्जी गैंबलिंग ऐप चलाई जा रही है। ऐप पर कलर ट्रेडिंग कर रुपये कमाने का लालच देकर युवाओं को जाल में फंसाया जाता है। यह तिरंगा ऐप विदेशियों द्वारा भारत के लोगों के साथ ठगी करने के लिए चलाई जा रही है, अब तक लोगों को करोड़ों रुपये की चपत लगाई जा चुकी है। पलवल में इस ऐप के जरिये दो युवक लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। उन्हें सूचना मिली कि दोनों साइबर ठग रामनगर पार्क में मौजूद हैं। पुलिस ने टीम गठित कर मौके पर छापेमारी की। आरोपी पुलिस को टीम को देख कर भागने का प्रयास करने लगे, परंतु पुलिस ने दोनों आरोपियों को काबू कर लिया। आरोपियों की पहचान जवाहर नगर कैंप निवासी यश कुकरेजा व यूपी के जिला चित्रकूट स्थित गांव ईंटखरी निवासी कुलदीप के रूप में हुई। पुलिस आरोपियों को हिरासत में लेकर तलाशी ली तो आरोपी यश कुकरेजा के कब्जे से पांच लाख रुपये नकद, दो मोबाइल फोन, हाथ घड़ी, दो मेट्रो कार्ड, पांच एटीएम कार्ड, गेमजोन कार्ड बरामद हुआ। वहीं कुलदीप से 11 मोबाइल फोन, दो लैपटॉप, नोट गिनने की मशीन, आधा दर्जन एटीएम कार्ड, नकली नोट नुमा कागज, शूटिंग माइक, कूपन, घड़ी, सोने की चैन, अंगूठी, ब्रेसलेट, कान की बाली सहित अन्य सामान बरामद हुआ।
विज्ञापन
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी।
विज्ञापन
इस तरह बनाते थे लोगों को ठगी का शिकार
पुलिस के अनुसार तिरंगा ऐप विदेशियों द्वारा चलाई जा रही है। पलवल में पकड़े गए दोनों आरोपी यश कुकरेजा व कुलदीप अपने सोशल अकाउंट इंस्टाग्राम, फेसबुक, व्हाट्सअप, टेलीग्राम सहित अन्य सोशल मीडिया ऐप के जरिये फर्जी गैंबलिंग ऐप तिरंगा का प्रमोशन करते हैं। इनके लाखों की संख्या में फॉलोअर हैं। ये भ्रामक फोटो व वीडियो डालकर लोगों को ऐप में पंजीकरण कराते हैं और उसके बाद कलर ट्रेडिंग में रुपये लगाकर मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर ठगी का शिकार बनाते हैं। ये ऐप संचालक के इशारे पर गलत कलर पर रुपये लगाने के लिए युवाओं को उकसाते हैं और लोगों के साथ ठगी करते हैं। ठगी की कमाई विदेश में बैठे संचालकों के पास जाती है। यश व कुलदीप ठगी के बाद में मिले कमीशन को आपस में बांट लेते हैं।