{"_id":"60df15b78ebc3e3bbc1759de","slug":"trees-were-cut-grass-and-bushes-were-cut-as-shown-in-the-report-palwal-news-noi591091338","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्रीन बेल्ट से हरे-भरे पेड़ काटने का मामला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्रीन बेल्ट से हरे-भरे पेड़ काटने का मामला
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पलवल। लाडियाका से बाता सड़क के साथ बनी ग्रीन बेल्ट से एक किसान द्वारा काटे गए हरे-भरे पेड़ों का मामला सीएम दरबार में पहुंच गया है। पेड़ काटकर ट्रैक्टर में भरने वाले फोटो सीएम के ट्विटर पर पोस्ट किए गए हैं। वहीं, वन विभाग के अधिकारी उस किसान को बचाने के प्रयास में जुट गए हैं। विभाग द्वारा पेड़ काटने संबंधित खबर अमर उजाला में छपने के बाद जांच तो कराई, लेकिन उस जांच में पेड़ कटने के बजाय घास-फूस और झाड़ियां कटना दिखाया है। जांच रिपोर्ट में पेड़ों की बजाय घास व अन्य झाड़ियां काटना वन विभाग के अधिकारियों पर सवालिया निशान खड़ा कर रहा है।
लाडियाका गांव के एक किसान द्वारा बाता सड़क के साथ बनी ग्रीन बेल्ट से हरे-भरे पेड़ों को काट लिया गया था। उसके बाद इन पेड़ों को जेसीबी के द्वारा ट्रैक्टर में भरवाकर बेच दिया गया। जबकि इस बात की शिकायत वन विभाग के रेंज अधिकारी से की गई, लेकिन कोई संज्ञान में नहीं लिया गया। अब शुक्रवार के अंक में अमर उजाला में समाचार प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और दो अधिकारियों को जांच के लिए भेज दिया, लेकिन उक्त अधिकारियों द्वारा जो जांच रिपोर्ट दी गई है, उसमें पेड़ काटे दर्शाए ही नहीं गए हैं। रेंज अधिकारी राम किशन के अनुसार जांच रिपोर्ट में सड़क किनारे ग्रीन बेल्ट से केवल घास व झाड़ियां काटी गई हैं, पेड़ नहीं। जबकि फोटो में ट्रैक्टर-ट्राली में पेड़ काटकर भरे जा रहे हैं। अब वन विभाग के अधिकारियों पर यह जांच रिपोर्ट सवालिया निशान लगा रही है।
मेरी जानकारी में जैसे ही मामला आया, मैैंने दो अधिकारियों की ड्यूटी जांच करने के लिए लगाई। उन्होंने दोपहर मे जांच रिपोर्ट मुझे सौंपी है तथा उस रिपोर्ट में कहा गया है कि वहां से पेड़ नहीं कटे हैं, केवल घास व झाड़ियां काटकर सफाई की गई है। मैं फिर से अपने स्तर पर जांच कराऊंगा, जांच के दौरान जो व्यक्ति इसमें दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
- रामकिशन, रेंज ऑफिसर, वन विभाग होडल
विज्ञापन
लाडियाका गांव के एक किसान द्वारा बाता सड़क के साथ बनी ग्रीन बेल्ट से हरे-भरे पेड़ों को काट लिया गया था। उसके बाद इन पेड़ों को जेसीबी के द्वारा ट्रैक्टर में भरवाकर बेच दिया गया। जबकि इस बात की शिकायत वन विभाग के रेंज अधिकारी से की गई, लेकिन कोई संज्ञान में नहीं लिया गया। अब शुक्रवार के अंक में अमर उजाला में समाचार प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और दो अधिकारियों को जांच के लिए भेज दिया, लेकिन उक्त अधिकारियों द्वारा जो जांच रिपोर्ट दी गई है, उसमें पेड़ काटे दर्शाए ही नहीं गए हैं। रेंज अधिकारी राम किशन के अनुसार जांच रिपोर्ट में सड़क किनारे ग्रीन बेल्ट से केवल घास व झाड़ियां काटी गई हैं, पेड़ नहीं। जबकि फोटो में ट्रैक्टर-ट्राली में पेड़ काटकर भरे जा रहे हैं। अब वन विभाग के अधिकारियों पर यह जांच रिपोर्ट सवालिया निशान लगा रही है।
विज्ञापन
मेरी जानकारी में जैसे ही मामला आया, मैैंने दो अधिकारियों की ड्यूटी जांच करने के लिए लगाई। उन्होंने दोपहर मे जांच रिपोर्ट मुझे सौंपी है तथा उस रिपोर्ट में कहा गया है कि वहां से पेड़ नहीं कटे हैं, केवल घास व झाड़ियां काटकर सफाई की गई है। मैं फिर से अपने स्तर पर जांच कराऊंगा, जांच के दौरान जो व्यक्ति इसमें दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
- रामकिशन, रेंज ऑफिसर, वन विभाग होडल